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Haath Shayari - Saath Ka Sabse Bada Bharosa

Kabhi kabhi ek thama hua haath hi sabse badi shayari hoti hai.

जब कदम थकने लगें और कोई अचानक हाथ थाम ले, या हाथ की ये लकीरें कभी साथ न दें फिर भी उम्मीद बनी रहे - haath shayari इसी भरोसे और सहारे के एहसास को शब्द देती है। गहरी बातों के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।

Haath Shayari - Jab Do Haath Thaam Lein

बड़े कोमल और नाजुक है हाथ,
लगता है जैसे हो कोई फूल की कली !!
जीवन में यह प्यारी घड़ी आई,
जब भगवान ने अपनी माया चली !!

Bade komal aur naajuk hai haath,
Lagata hai jaise ho koee phool kee kalee !!
Jeevan mein yah pyaaree ghadee aaee,
Jab bhagavaan ne apanee maaya chalee !!

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जिंदगी जीने के दायरे काफी छोटे हैं मेरे,
एक बार फिर सोच, मेरा हाथ थामने से पहले !!

Jindagee jeene ke daayare kaaphee chhote hain mere,
Ek baar phir soch, mera haath thaamane se pahale !!

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तुम्हें हक से पाने की बहुत कामना है,
पर कमबख्त ये हाथ की लकीरें साथ नहीं देंगी !!

Tumhen hak se paane kee bahut kaamana hai,
Par kamabakht ye haath kee lakeeren saath nahin dengee !!

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हाथ मै मिट्टी की कुल्हड़
होंटों पर मथुरा की लस्सी
और पैर वृृँदावन की गँलियो मे
तो क्या कहना

Haath mai mittee kee kulhad
Honton par mathura kee lassee
Aur pair vrrndaavan kee ganliyo me
To kya kahana

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2 Line Shayari

जब थकने लगे मेरे पाँव मुझे साहस तुझसे मिला,
जब छोड़ा मुझे सबने तूने हाथ मेरा थाम लिया !!

Jab thakne lage mere paanv mujhe saahas tujhase mila,
Jab chhoda mujhe sabane toone haath mera thaam liya !!

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छोड़ गए सब दोगले आज हमारा साथ,
कल तक जो कहते रहे, हम थामेंगे हाथ !!

Chhod gae sab dogle aaj hamaara saath,
Kal tak jo kahate rahe, ham thaamenge haath !!

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मैं हूँ पतंग-ए-काग़ज़ी डोर है उस के हाथ में
चाहा इधर घटा दिया चाहा उधर बढ़ा दिया
- नज़ीर अकबराबादी

Main hoon patang-e-kaagazee dor hai us ke haath mein,
Chaaha idhar ghata diya chaaha udhar badha diya !!
- Nazeer Akabaraabaadee ~

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सितारे नोच कर ले जाऊँगा,
मैं ख़ाली हाथ घर जाने का नईं,

sitaare noch kar le jaoonga,
main khaalee haath ghar jaane ka naeen,

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तू मेरे दिल पे हाथ तो रख
हम तेरे हाथ पे दिल रख देंगे।

Too mere dil pe haath to rakh
Ham tere haath pe dil rakh denge.

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Chaah Shayari

छोड़ते भी नहीं हाथ मेरा और थामते भी नहीं
ये कैसी मोहब्बत है उनकी गैर भी नहीं कहते हमें और
अपना मानते भी नहीं..!!

Chhodate bhee nahin haath mera aur thaamate bhee nahin
Ye kaisee mohabbat hai unakee gair bhee nahin kahate hamen aur
Apana maanate bhee nahin..!!

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पाना और खोना तो किस्मत की बात है,
मगर चाहते रहना तो अपने हाथ में है।

Paana aur khona to kismat kee baat hai,
Magar chaahate rahana to apane haath mein hai.

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बीच राह में कुछ इस अंदाज़ से छोड़ा उसने हाथ मेरा,
कोई अब सहारा भी दे तो घबरा जाता हूं मैं!

Beech raah mein kuchh is andaaz se chhoda usane haath mera,
Koee ab sahaara bhee de to ghabara jaata hoon main!

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दिल से दिल मिले या न मिले हाथ मिलाओ,
हमको ये सलीका भी बड़ी देर से आया।

Dil Se Dil Mile Ya Na Mile Haath Milaao,
Humko Ye Saleeka Bhi Badi Der Se Aaya.

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किसी को दुःखी देख
अगर मन द्रवित हो जाये,
मदत के लिए हाथ आगे बढ़ जाये,
तो इंसान का मन गंगा सा निर्मल हो जायें.

Kisee ko duhkhee dekh
Agar man dravit ho jaaye,
Madat ke lie haath aage badh jaaye,
To insaan ka man ganga sa nirmal ho jaayen.

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Dil Shayari

मुसीबत में सब साथ छोड़ देते है
तब बाबा थामते हाथ अनाथ की,
सच्चे हृदय से जय जयकार लगाओ
काशी वाले बाबा विश्वनाथ की.

Museebat mein sab saath chhod dete hai
Tab baaba thaamate haath anaath kee,
Sachche hrday se jay jayakaar lagao
Kaashee vaale baaba vishvanaath kee.

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दुश्मनों को बड़ी अदब से सजा देते हैं,
हाथ नहीं उठाते सिर्फ नजरों से गिरा देते हैं.

Dushmanon ko badee adab se saja dete hain,
Haath nahin uthaate sirph najaron se gira dete hain.

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जो दिल को भाते है,
हम उन्हीं से हाथ मिलाते है.

Jo dil ko bhaate hai,
Ham unheen se haath milaate hai.

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हम दुश्मनों को भी बड़ी शानदार सज़ा देते हैं,
हाथ नहीं उठाते बस नज़रों से गिरा देते हैं.

Ham dushmanon ko bhee badee shaanadaar saza dete hain,
Haath nahin uthaate bas nazaron se gira dete hain.

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सिर्फ हाथ पकड़ना काफी नही होता है,
उस हाथ को हमेशा थामे रखना जरूरी होता है.

Sirph haath pakadana kaaphee nahee hota hai,
Us haath ko hamesha thaame rakhana jarooree hota hai.

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Haar Shayari

ऊँगली पकड़ का माँ-बाप चलना सिखाते हैं,
उनका हाथ मत छोड़ना जब वो बूढ़े हो जाते हैं.

Ungli pakad ka maa-baap chalana sikhaate hain,
Unka haath mat chhodana jab vo boodhe ho jaate hain !!

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Frequently Asked Questions

हाथ शायरी में सबसे ज्यादा किस भाव को दिखाया जाता है?
हाथ पर लिखी शायरी में कोमलता, मासूमियत और नए जीवन के आगमन का भाव खास तौर पर नजर आता है, जैसे "बड़े कोमल और नाजुक है हाथ, लगता है जैसे हो कोई फूल की कली" पंक्ति में एक नवजात के हाथों की तुलना फूल की कली से करते हुए भगवान की माया को दर्शाया गया है। ऐसी कोमल भावनाएं दिल शायरी में भी महसूस की जा सकती हैं।
हाथ थामने से पहले सोचने की बात क्यों कही जाती है?
यह पंक्ति उस झिझक को दिखाती है जब कोई अपने सीमित हालातों की वजह से रिश्ता जोड़ने से पहले सामने वाले को सोचने के लिए कहता है, जैसे "जिंदगी जीने के दायरे काफी छोटे हैं मेरे, एक बार फिर सोच, मेरा हाथ थामने से पहले" पंक्ति में साफ झलकता है। ऐसी ही दुविधा भरी भावनाएं चाह शायरी में भी पढ़ी जा सकती हैं।
हाथ की लकीरों को लेकर कौन सी शायरी लोकप्रिय है?
भाग्य और तकदीर से जुड़ी शायरी में हाथ की लकीरों का जिक्र आम है, जैसे "तुम्हें हक से पाने की बहुत कामना है, पर कमबख्त ये हाथ की लकीरें साथ नहीं देंगी" पंक्ति में चाहत के आगे तकदीर की बेबसी दिखाई गई है। इस तरह की हार मानने वाली फीलिंग हार शायरी में भी दिखती है।
क्या हाथ पर हल्की-फुल्की और मजेदार शायरी भी मिलती है?
हां, हाथ शायरी सिर्फ प्यार-मोहब्बत तक सीमित नहीं है; जैसे "हाथ मै मिट्टी की कुल्हड़, होंटों पर मथुरा की लस्सी, और पैर वृृँदावन की गँलियो मे, तो क्या कहना" पंक्ति में हाथ में कुल्हड़ लेकर वृंदावन की गलियों में घूमने का मजा बयां किया गया है। ऐसी दो लाइन की शायरी 2 लाइन शायरी कलेक्शन में भी मिल जाती है।
हाथ पर अनमोल विचार वाली शायरी कहां मिल सकती है?
अगर आपको हाथ को लेकर प्रेरणादायक और सीख देने वाली पंक्तियां चाहिए तो हाथ अनमोल वचन सेक्शन देखा जा सकता है, जहां हाथ को मेहनत, रिश्ते और भाग्य से जोड़कर लिखे गए विचार मिलते हैं। इसके अलावा साथ और अपनेपन के भाव के लिए हम शायरी भी पढ़ी जा सकती है।

यही चाहत कभी दिल की धड़कन बन जाती है तो कभी किसी की चाह, इसलिए Dil और Chaah शायरी भी ज़रूर पढ़ें।