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Kal Shayari - Beete Pal Aur Naye Kal Ke Beech

Kal kabhi yaad banta hai, kabhi ummeed - shayari dono jaanti hai.

कल रात की खामोशी में अचानक उतर आई मोहब्बत हो या साथ निभाने के वादे जो वक़्त के साथ टूट गए - kal shayari बीते कल और आने वाले कल के बीच की उसी उधेड़बुन को शब्द देती है। गहरी बातों के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।

Kal Shayari - Beete Aur Aane Wale Pal Ka Farq

कल रात दीवारों ने मेरे मन की आहट सुन ली,
सुबह उठा तो मोहबत मेरे सामने खड़ी थी !!

Kal Diwaro Ne Meri Man Ki Aahat Sun Li,
Subah Utha To Mohabat Mere Samne Khadi Thi !!

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हमें तो नफरत हो गयी थी उस निर्दयी शहर से,
पर क्या पता था वहाँ भी कोई अपना निकल आएगा !!

Hamen to napharat ho gayee thee us nirdayee shahar se,
Par kya pata tha vahaan bhee koee apana nikal aaega !!

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जिन्दा कल भी था,
ज़िन्दा आज भी हूँ !!
फर्क़ सिर्फ इतना है,
शरीर के साथ अब दिल भी ज़िन्दा हो गया !!

Zinda kal bhee tha,
Zinda aaj bhee hoon !!
Fark sirph itana hai,
Shareer ke saath ab dil bhee zinda ho gaya !!

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रंग भी होशियार हो गए हैं,
लोगों की जिंदगियों से निकल कर,
गुलाल तक ही सिमटकर रह गए हैं !!

Rang bhee hoshiyaar ho gae hain,
Logon kee jindagiyon se nikal kar,
Gulaal tak hee simatakar rah gae hain !!

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Aankh Shayari

शराब पीने का क्या फायदा,
सुबह तक सब उतर जाएगी !!
हमें तो तुम्हारी नजरों का सेवन करना है,
कसम से, सारी उम्र ही नशे में निकल जाएगी !!

Sharaab peene ka kya phaayada,
Subah tak sab utar jaegee !!
Hamen to tumhaaree najaron ka sevan karana hai, kasam se,
Saaree umr hee nashe mein nikal jaegee !!

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आँखों में कौन आ के इलाही निकल गया,
किस की तलाश में मेरे अश्क़ रवां चले।

~ जलील मानिकपुरी

Aankhon mein kaun aa ke ilaahee nikal gaya,
Kis kee talaash mein mere ashq ravaan chale.

~ jaleel maanikapuree

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जब जब तुमसे मिलने की उम्मीद नजर आई,
तब तब मेरे पैरों में ज़ंजीर नजर आई,
निकल पड़े इन आँखों से हजारों आँसू,
हर आँसू में आपकी तस्वीर नजर आई।

Jab jab tumase milane kee ummeed najar aaee,
Tab tab mere pairon mein zanjeer najar aaee,
Nikal pade in aankhon se hajaaron aansoo,
Har aansoo mein aapakee tasveer najar aaee.

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छोड़ गए सब दोगले आज हमारा साथ,
कल तक जो कहते रहे, हम थामेंगे हाथ !!

Chhod gae sab dogle aaj hamaara saath,
Kal tak jo kahate rahe, ham thaamenge haath !!

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कल पतंग उस ने जो बाज़ार से मँगवा भेजा
सादा माँझे का उसे माह ने गोला भेजा
-मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

Kal patang us ne jo baazaar se mangava bheja,
Saada maanjhe ka use maah ne gola bheja !!
-Musahafee Gulaam Hamadaanee

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Aansoo Shayari

जो आज साहिब-ए-मसनंद है कल नही होगे,
किरायेदार है जाती मकान थोड़े है.

Jo aaj sahib-e-masnand hai kal nahi hoge,
Kirayedaar hai jati makan thode hai.

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उतर जाते हैं दिल में कुछ लोग इस तरह,
उनको निकालो तो जान निकल जाती है।

Utar jaate hain dil mein kuchh log is tarah,
Unako nikaalo to jaan nikal jaatee hai.

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खामोशियां भी देखी हैं हमने और गहरी उदासियां भी
इन शामों के मुकद्दर में आजकल तन्हाईयां बहुत हैं।।

Khaamoshiyaan bhee dekhee hain hamane aur gaharee udaasiyaan bhee
In shaamon ke mukaddar mein aajakal tanhaeeyaan bahut hain..

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जब तक था दम में दम न दबे आसमाँ से हम,
जब दम निकल गया तो ज़मीं ने दबा लिया।

Jab Tak Tha Dam Mein Dam Na Dabe Aasmaan Se Hum,
Jab Dam Nikal Gaya Toh Zameen Ne Dabaa Liya

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मानो तो माँ गंगा मानवता का कल है,
ना मानो तो सिर्फ इक नदी का जल है.

Maano to maan ganga maanavata ka kal hai,
Na maano to sirph ik nadee ka jal hai.

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Dil Shayari

आज कल हर कोई मुझसे रूठने लगा है,
हर किसी का साथ मुझसे छूटने लगा है,
बेदर्दों की दुनिया में लोगो को मनाते-मनाते
अब तो मेरा पत्थर दिल भी टूटने लगा है.

Aaj kal har koee mujhase roothane laga hai,
Har kisee ka saath mujhase chhootane laga hai,
Bedardon kee duniya mein logo ko manaate-manaate
Ab to mera patthar dil bhee tootane laga hai.

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डोमिनोज़ पर मिलो पिज़्ज़ा खिलाता हूँ यार,
ज्यादा दिन कहाँ चलता है आजकल का प्यार।

Dominoz par milo pizza khilaata hoon yaar,
Jyaada din kahaan chalata hai aajakal ka pyaar.

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गिले शिकवे दिल से न लगा लेना,
कभी रूठ जाऊ तो मना लेना,
कल का क्या पता हम हो न हो
इसलिए जब भी मिलूँ
कभी समोसा कभी पानी पूरी खिला देना.

Gile shikave dil se na laga lena,
Kabhee rooth jaoo to mana lena,
Kal ka kya pata ham ho na ho
Isalie jab bhee miloon
Kabhee samosa kabhee paanee pooree khila dena.

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तरक्की के दौर में उसी का जोर चल गया,
बना के रास्ता जो भीड़ से निकल गया.

Tarakkee ke daur mein usee ka jor chal gaya,
Bana ke raasta jo bheed se nikal gaya !!

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धोखा करने से भरोसे की दुनिया उजड़ जाती है,
खुद के गुनाह गिनूँ तो अंगुलियां कम पड़ जाती है,
शायद कल जवान होकर ये बेटा पूछे न पूछे माँ को
जिसकी ख़्वाहिश पर माँ-पिताजी से लड़ जाती है.

Dhokha karane se bharose kee duniya ujad jaatee hai,
Khud ke gunaah ginoon to anguliyaan kam pad jaatee hai,
Shaayad kal javaan hokar ye beta poochhe na poochhe maan ko
Jisakee khvaahish par maan-pitaajee se lad jaatee hai.

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Dum Shayari

फ़ेक रहे तुम खाना क्योंकि,
आज रोटी थोड़ी सूखी है,
थोड़ी इज्ज़त से फेंकना साहेब,
मेरी बेटी कल से भूखी है !!

Fek Rahe Tum Khana Kyuki,
Aaj Roti Thodi Sookhi Hai,
Thodi Ijzat Se Fenkna Saaheb,
Meri Beti Kal Se Bhookhi Hai.

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Frequently Asked Questions

'कल रात दीवारों ने आहट सुन ली' वाली शायरी में क्या भाव है?
यह पंक्ति अचानक मिलने वाले प्यार के एहसास को बयां करती है- रात की खामोशी में दिल की धड़कन जिसे सिर्फ दीवारों ने सुना, सुबह होते-होते मोहब्बत सामने आ खड़ी हुई। बीते कल और आज के बीच यही अंतर शायरी को खास बनाता है, जो Dil शायरी के भाव से भी जुड़ता है।
शहर से नफरत वाली शायरी में 'कल' और 'आज' का क्या रिश्ता है?
इस पंक्ति में शायर बताता है कि जिस शहर से कल तक नफरत थी, वहीं आज कोई अपना मिल जाने से रिश्ता बदल गया- वक्त के साथ नजरिया कैसे बदलता है, यही इसका मूल भाव है। यह अनजान राहों में भी अपनापन ढूंढने की उम्मीद को दिखाती है।
'जिन्दा कल भी था, ज़िन्दा आज भी हूँ' पंक्ति का गहरा अर्थ क्या है?
यह शायरी सिर्फ शरीर से जिंदा रहने और दिल से जिंदा होने के फर्क को उजागर करती है- कल भी सांसें चल रही थीं, पर आज दिल भी जाग उठा है। यह जीवन में असली जिंदगी महसूस करने के पल को खूबसूरती से बयां करती है, जिसे Dum शायरी के जज़्बे से भी जोड़ा जा सकता है।
रंग और गुलाल वाली शायरी में समय के बदलाव को कैसे दिखाया गया है?
'रंग भी होशियार हो गए हैं, लोगों की जिंदगियों से निकल कर, गुलाल तक ही सिमटकर रह गए हैं' पंक्ति दिखाती है कि पहले जो रंग जिंदगी में उमंग भरते थे, वे अब सिर्फ त्योहार के गुलाल तक सिमट गए हैं। यह बीते कल की रौनक और आज की बदली हुई सोच पर एक हल्का तंज है।
क्या 'कल' पर सिर्फ प्रेम शायरी ही मिलती है?
नहीं, इस कलेक्शन में प्रेम के साथ-साथ जिंदगी के अनुभव और सीख वाले विचार भी शामिल हैं, जो Anmol Vachan जैसे गहरे भावों को भी छूते हैं। बीता कल और आने वाला कल, दोनों ही यहाँ अलग-अलग भावनाओं के रंग में पिरोए गए हैं।

यही उलझन कभी आँखों की नमी में दिखती है तो कभी दिल की उदासी में, इसलिए Aansoo और Dil शायरी भी साथ में पढ़ी जा सकती है।