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Gulal Shayari

Rang bhi kabhi jazbaat mein simat jaate hain.

Gulal shayari mein Holi ke rangon ke saath pyaar ke ishaare bhi ghul-mil jaate hain. Isi rangeen mausam mein Holi shayari bhi padhein.

Gulal Shayari - Holi Ke Rangon Bhare Hindi Sher

रंग भी होशियार हो गए हैं,
लोगों की जिंदगियों से निकल कर,
गुलाल तक ही सिमटकर रह गए हैं !!

Rang bhee hoshiyaar ho gae hain,
Logon kee jindagiyon se nikal kar,
Gulaal tak hee simatakar rah gae hain !!

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वो उसे होली का गुलाल लगा कर
हमेशा के लिए बेरंग कर गया...!!!

Vo use holee ka gulaal laga kar
Hamesha ke lie berang kar gaya...!!!

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पुरानी होली का थोड़ा गुलाल रक्खा है
तुम्हारा इश्क़ मैंने यूँ संभाल रक्खा है...!!

Puraanee holee ka thoda gulaal rakkha hai
Tumhaara ishq mainne yoon sambhaal rakkha hai...!!

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आज #दिल को #ना_छेड़ना मेरे,
जो #बिखर गया तो #लाल_गुलाल #हो_जायेगा..

Aaj #dil ko #na_chhedana mere,
Jo #bikhar gaya to #laal_gulaal #ho_jaayega..

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Berang Shayari

रंगने का मज़ा तब है जब ना हो रंग ना हो गुलाल
इधर हमारे होंठ हो उधर तुम्हारे गाल..

Rangane ka maza tab hai jab na ho rang na ho gulaal
Idhar hamaare honth ho udhar tumhaare gaal..

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लो खत्म हुई रंग-ऐ-गुलाल की शोखियां;
चलो यारो फिर बेरंग दुनिया में लौट चले।

Lo khatm huee rang-ai-gulaal kee shokhiyaan;
Chalo yaaro phir berang duniya mein laut chale.

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Frequently Asked Questions

रंगों के भी होशियार हो जाने और लोगों की ज़िंदगियों से निकलकर सिर्फ गुलाल तक सिमट जाने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"रंग भी होशियार हो गए हैं, लोगों की जिंदगियों से निकल कर, गुलाल तक ही सिमटकर रह गए हैं !!" — यह शायरी कहती है कि रंग भी होशियार हो गए हैं, लोगों की ज़िंदगियों से निकलकर अब सिर्फ गुलाल तक सिमट कर रह गए हैं।
होली का गुलाल लगाकर भी हमेशा के लिए बेरंग कर जाने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"वो उसे होली का गुलाल लगा कर हमेशा के लिए बेरंग कर गया...!!!" — यह शायरी दर्द भरे अंदाज़ में कहती है कि उसने होली का गुलाल लगाकर भी हमेशा के लिए बेरंग कर दिया।
पुरानी होली का थोड़ा गुलाल संभालकर रखने की तरह प्रिय के इश्क़ को संभालकर रखने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"पुरानी होली का थोड़ा गुलाल रक्खा है तुम्हारा इश्क़ मैंने यूँ संभाल रक्खा है...!!" — यह शायरी कहती है कि पुरानी होली का थोड़ा गुलाल जैसे संभालकर रखा है, वैसे ही प्रिय का इश्क़ भी संभालकर रखा है।
दिल को न छेड़ने की गुज़ारिश करते हुए बिखरने पर लाल गुलाल हो जाने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"आज #दिल को #ना_छेड़ना मेरे, जो #बिखर गया तो #लाल_गुलाल #हो_जायेगा.." — यह शायरी दिल को न छेड़ने की गुज़ारिश करती है, क्योंकि अगर दिल बिखर गया तो लाल गुलाल हो जाएगा।
गुलाल से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप Holi, Gulaab और Girlfriend Boyfriend शायरी पढ़ सकते हैं।

Ek sher yahan purani Holi ka bacha hua gulal kisi ke ishq jaisa sambhaal kar rakhne ki baat karta hai. Aage Gulaab aur Berang shayari bhi padhein.