तो इंसान का मन गंगा सा निर्मल हो जायें
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किसी को दुःखी देख
अगर मन द्रवित हो जाये,
मदत के लिए हाथ आगे बढ़ जाये,
तो इंसान का मन गंगा सा निर्मल हो जायें.
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किसी को दुःखी देख
अगर मन द्रवित हो जाये,
मदत के लिए हाथ आगे बढ़ जाये,
तो इंसान का मन गंगा सा निर्मल हो जायें.
Kisee ko duhkhee dekh
Agar man dravit ho jaaye,
Madat ke lie haath aage badh jaaye,
To insaan ka man ganga sa nirmal ho jaayen.
