हाथों की मेहंदी गालों पर निखर कर आई है
Popular Shayari Topics for You.
हाथों की मेहंदी गालों पर निखर कर आई है,
तेरे लबों की लाली ने यह महफ़िल सजाई हैं।
feelthewords.com
हाथों की मेहंदी गालों पर निखर कर आई है,
तेरे लबों की लाली ने यह महफ़िल सजाई हैं।
Haathon kee mehandee gaalon par nikhar kar aaee hai,
Tere labon kee laalee ne yah mahafil sajaee hain.
