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Ghar Shayari - Aangan Ki Wo Garmahat

Ghar sirf deewaron ka nahi, khushiyon ka bhi naam hai.

हरियाली तीज की रौनक, घर में नन्हे मेहमान के आने की खुशी, और दिल को घर बना लेने वाले रिश्ते - ghar shayari हर मौके पर आंगन में बिखरी खुशियों को शब्द देती है। अपनों से जुड़ी Apne शायरी भी पढ़ें।

Ghar Shayari - Aangan Mein Basi Khushiyan

करोना के दौर में अपनी जान पर खेलकर
तुम्हारी जान बचा रहे है,
तुम अपने घरों में रहना
डॉक्टर अस्पताल जा रहे है.

Corona ke daur mein apni jaan par khelakar,
Tumhari jaan bacha rahe hai !!
Tum apne gharon mein rahana,
Doctar aspataal ja rahe hai !!

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मेरे प्यार की मेहँदी सजाकर
किसी और का घर बसाने चली है वो,
मुझे बर्बाद करके
किसी और को बर्बाद करने चली है वो.

Mere pyaar kee mehandee sajaakar
Kisee aur ka ghar basaane chalee hai vo,
Mujhe barbaad karake
Kisee aur ko barbaad karane chalee hai vo.

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उन्हीं के हाथों की मेहँदी दिलों को भाती है,
जो घर-आँगन में अपने संग खुशियां लाती है.

Unheen ke haathon kee mehandee dilon ko bhaatee hai,
Jo ghar-aangan mein apane sang khushiyaan laatee hai.

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मेहंदी हाथो पे लगा कर,
वो मुस्करा रहीं थीं,
मेरे अरमानों को दफन कर,
वो नया घर बसा रही थी…
सुमित परिहार

Mehandee haatho pe laga kar,
Vo muskara raheen theen,
Mere aramaanon ko daphan kar,
Vo naya ghar basa rahee thee…
Sumit parihaar

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अच्छी लगती है संघर्ष की कहानी,
सिर्फ सफलता की जुबानी.

Achi lagti hai sangharsh ki kahani,
Sirf saphalata ki jubaanee.

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जो सफलता की चाहत रखते है,
वो इसके लिए संघर्ष करते है.

Jo saphalata kee chaahat rakhate hai,
Wo isake lie sangharsh karate hai.

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मेरे जीवनसाथी शुक्रिया तेरा,
तूने खुशियों से भर दिया घर मेरा.

Mere jeevanasaathee shukriya tera,
Toone khushiyon se bhar diya ghar mera.

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मासूम सी मुहब्बत का फ़राज़
बस इतना सा फ़साना है..
अम्मी घर से निकलने नहीं देती
और मुझी डेट पर जाना है।

Masoom Muhabbat ka Faraz
Bas Itna Sa Fasana hai..
Ammi Ghar se Nikalne Nahi Deti
Aur Mujhy DATE Par Jana Hai.

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उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो,
न हो अपना उसे अपनाने की ज़िद न करो,
इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते हैं,
इसके साहिल पर घर बसाने की ज़िद न करो।

Uljhi Sham Ko Pane Ki Zid Na Karo,
Na Ho Apna Use Apnane Ki Zid Na Karo,
Is Samander Me Tufaan Bahut Aate Hain,
Iske Shahil Par Ghar Basane Ki Zid Na Karo.

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जब हम उनके घर गए...
कहने दिल से दिल लगा लो,
उनकी माँ ने खोला दरवाजा,
हम घवरा के बोले..
आंटी बच्चो को पोलियो ड्राप पिलवा लो।

Jab Ham Unke Ghar Gaye...
Kahane Dil Se Dil Laga Lo,
Unki Maa Ne Khola Daravaaja,
Ham Ghavara Ke Bole..
Aanty Bachcho Ko Poliyo Drop Pilava Lo.

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निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी,
आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी,
माना कि रूठ जाना यूँ आदत है आप की,
लगते मगर हैं अच्छे ये तेवर कभी कभी।

Nikla Karo Idhar Se Bhi Hokar Kabhi Kabhi,
Aaya Karo Hamare Bhi Ghar Par Kabhi Kabhi,
Mana Ki Rooth Jana Yun Aadat Hai Aap Ki,
Lagte Magar Hain Achchhe Ye Tevar Kabhi Kabhi.

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कलेजे में जलन आंखों में पानी छोड़ जाती हो
मगर उम्मीद की चुनर को धानी छोड़ जाती हो
सताने कि तुम्हारी ये अदा भी कम नहीं जाना
कि घर में अपनी कोई एक निशानी छोड़ जाती हो !!

Kaleje mein jalan aankhon mein paanee chhod jaatee ho
Magar ummeed kee chunar ko dhaanee chhod jaatee ho
Sataane ki tumhaaree ye ada bhee kam nahin jaana
Ki ghar mein apanee koee ek nishaanee chhod jaatee ho !!

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तुम मेरी वो स्माइल हो,जिसे देखकर,
सब घर वाले मुझ पर शक करते हैं…..!

Tum meree vo smail ho,jise dekhakar,
Sab ghar vaale mujh par shak karate hain…..!

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हम सब हाथ से हाथ मिलाएंगे,

और हर घर में तिरंगा फहराएंगे ।

Ham sab haath se haath milaenge,
Aur har ghar mein tiranga phaharaenge .

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जो ढंग से अपना घर भी नही संभाल पाते हैं,
वो भी बड़े नेता की तरह सरपंची में खड़े हो जाते है.

Jo dhang se apana Ghar bhee nahi sambhaal paate hain,
Vo bhi bade Neta kee tarah Saarpanchi mein khade ho jaate hai.

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कटी पतंग का रुख तो था मेरे घर की तरफ
मगर उसे भी लूट लिया ऊंचे मकान वालों ने

Katee patang ka rukh to tha mere ghar kee taraph
Magar use bhee loot liya oonche makaan vaalon ne

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कटी पतंग का रुख तो था मेरे घर की तरफ
मगर उसे भी लूट लिया ऊंचे मकान वालों ने

Katee patang ka rukh to tha mere ghar kee taraph
Magar use bhee loot liya oonche makaan vaalon ne

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नीयत तेरी अच्छी है तो, किस्मत तेरी दासी है,
कर्म तेरे अच्छे हैं तो घर में मथुरा काशी है.

Neeyat teree achchhee hai to, kismat teree daasee hai,
Karm tere achchhe hain to ghar mein mathura kaashee hai.

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जीतने से पहले सबके घर दुखिया बनकर जाते है,
चुनाव जीतने के बाद सबके घर मुखिया बनकर जाते है.

Jeetane se pahale sabake ghar dukhiya banakar jaate hai,
Chunaav jeetane ke baad sabake ghar mukhiya banakar jaate hai.

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परिश्रम की मिशाल हैं, जिस पर कर्जो के निशान हैं,
घर चलाने में खुद को मिटा दिया, और कोई नही वह किसान हैं.

Parishram kee mishaal hain, jis par karjo ke nishaan hain,
Ghar chalaane mein khud ko mita diya, aur koee nahee vah kisaan hain.

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Frequently Asked Questions

हरियाली तीज पर लिखी 'घर' शायरी में क्या शुभकामना दी गई है?
"हरियाली तीज आई है, संग खुशियों की सौगात लाई है !! मेंहदी लगे, साज-सिंगार हो, भक्ति में झूमे हर घर-आंगन आज हो !!" पंक्तियों में हरियाली तीज के त्योहार पर हर घर-आंगन में खुशी और भक्ति भाव से झूमने की शुभकामना दी गई है।
माँ को मंदिर बताने वाली 'घर' शायरी का क्या संदेश है?
"पूजना है तो अपने माँ को पूजिये, घर में हैं मंदिर और आप बहार मंदिर ढूँढ रहे हैं !!" पंक्तियाँ एक गहरा संदेश देती हैं — कि असली भक्ति और पूजा माँ की सेवा में है, जो घर में ही मौजूद है, बाहर मंदिर ढूँढने की ज़रूरत नहीं। यह भाव Apne शायरी के पारिवारिक जुड़ाव से मेल खाता है।
'घर के बड़ो का काम' वाली शायरी में नाम बनाने पर क्या कहा गया है?
"घर के बड़ो का काम है नाम रखना, और अपना काम है नाम बनाना !!" पंक्तियों में एक सीधी और प्रेरक बात कही गई है — कि परिवार आपको एक नाम देता है, लेकिन उस नाम को सार्थक बनाना और उसे इज़्ज़त दिलाना खुद आपकी ज़िम्मेदारी है।
दिल में 'घर' करने वाली शायरी किस रिश्ते की बात करती है?
"इस दिल को भाते तो बहुत लोग हैं, लेकिन इस दिल में वही घर कर पाते हैं जो हमें समझ पाते हैं !!" पंक्तियाँ बताती हैं कि पसंद आने वाले तो कई लोग हो सकते हैं, पर दिल में सच में जगह वही बना पाता है जो हमें असल में समझता है। यह गहरी भावना Dil शायरी के मूल भाव से जुड़ी है।
इस 'घर' शायरी संग्रह में घर के कौन-कौन से भाव शामिल हैं?
यह संग्रह घर के कई रूप दिखाता है — त्योहारों की खुशी, माँ के प्रति श्रद्धा, परिवार की विरासत और भावनात्मक अपनापन। यह विविधता Hindi शायरी के व्यापक संसार जैसी ही समृद्ध है।

यह गर्माहट कभी दिल की गहराई में दिखती है तो कभी हार न मानने के जज़्बे में, इसलिए Dil और Haar शायरी भी ज़रूर देखें।