जरूरत और मतलब के हिसाब से सब बदल जाता है
Popular Shayari Topics for You.
जरूरत और मतलब के हिसाब से सब बदल जाता है
अब देखाे न इंसान उड़ने के लिये पंख चाहता है और परिदें रहने काे घर ...
feelthewords.com
जरूरत और मतलब के हिसाब से सब बदल जाता है
अब देखाे न इंसान उड़ने के लिये पंख चाहता है और परिदें रहने काे घर ...
Jaroorat aur matalab ke hisaab se sab badal jaata hai
Ab dekhaae na insaan udane ke liye pankh chaahata hai aur pariden rahane kaae ghar ...
