Logo - Feel The Words

Talab Shayari - Tadap Aur Matlab Dono Ki Baat

Kabhi rooh ki talab, kabhi rishton ka matlab - dono yahan milte hain.

किसी की तलब जब रूह तक उतर आए तो वह सच्ची चाहत बन जाती है, और कभी-कभी "मतलब" शब्द रिश्तों में छुपे स्वार्थ को उजागर कर देता है - talab shayari इन दोनों भावों को साथ लेकर चलती है, प्यार के असली मतलब की तलाश करते हुए। छोटे अंदाज़ में यही बात 2 Line में भी मिलती है।

Talab Shayari - Chaahat Aur Matlab Ka Fark

शब्दों के बीच की ख़ाली जगह हूँ.
मेरा मतलब कुछ भी नहीं !!
पर मैं नहीं तो इन शब्दों का,
मतलब कुछ भी नही !!

Shabdon ke beech kee khaalee jagah hoon.
Mera matalab kuchh bhee nahin !!
Par main nahin to in shabdon ka,
Matalab kuchh bhee nahee !!

Read more...

मोहब्बत का मतलब इकरार नहीं होता,
सिर्फ किसीको देखना प्यार नहीं होता
यूं तो रोज मिलते है मोहब्बत इकरार,
मोहब्बत है जिंदगी बार बार नहीं होता.

Mohabbat ka matlab ikrar nhi
hota sirf kisi ko dekhna pyar nhi
hota yun to raj milte ha mohabbat
ikrar mohabbat hai zindagi bar bar
nahi hota.

Read more...

मतलब से है मित्रता, मतलब से है प्यार,
सभी दोगले कर रहे, मतलब का व्यवहार !!

Matalab se hai mitrata, matalab se hai pyaar,
Sabhee dogale kar rahe, matalab ka vyavahaar !!

Read more...

तलब लोगो को मोहब्बत की होंगी
और हम तो बुरी तरह से
क्रिकेट के दीवाने हे !!

Talab logo ko mohabbat kee hongee
Aur ham to buree tarah se
Cricket ke deevaane he !!

Read more...

2 Line Shayari

मेरी रूह की तलब हो तुम,
कैसे कहूं सबसे अलग हो तुम…

Meree rooh kee talab ho tum,
Kaise kahoon sabase alag ho tum…

Read more...

अपने हिस्से का पिज्जा
किसी से शेयर नहीं करता हूँ,
इसका मतलब यह मत समझना
कि मैं केयर नहीं करता हूँ.

Apane hisse ka pijja
Kisee se sheyar nahin karata hoon,
Isaka matalab yah mat samajhana
Ki main keyar nahin karata hoon.

Read more...

मैं किसी की दस्त-ए-तलब में हूँ, तो किसी की हर्फ़-ए-दुआ में हूँ,
मैं नसीब हूँ किसी और का, मुझे मांगता कोई और है।

Main Kisi Ke Dast-E-Talab Mein Hoon, Toh Kisi Ke Harf-E-Duwa Mein Hoon,
Main Naseeb Hoon Kisi Aur Ka, Mujhe Maangata Koyi Aur Hai.

Read more...

मैं एक संजीदा साहिल हूँ,
मुझे मौजों से क्या मतलब,
कई तूफ़ान आये पर,
मेरी फितरत नहीं बदली।

Main ek sanjeeda saahil hoon,
Mujhe maujon se kya matalab,
Kaee toofaan aaye par,
Meree phitarat nahin badalee.

Read more...

दुनियां का यही दस्तूर है साथ वहां तक...
मतलब जहां तक...!!

Duniyaan ka yahee dastoor hai saath vahaan tak...
Matalab jahaan tak...!!

Read more...

Dil Shayari

तेरा ख़याल तेरी तलब और तेरी आरज़ू,
इक भीड़ सी लगी है मेरे दिल के शहर में।

Tera Khayal Teri Talab Aur Teri Aarzoo,
Ek Bheed Si Lagi Hai Mere Dil Ke Shahar Mein.

Read more...

तलब करे तो मैं अपनी आँखें भी उन्हें दे दूँ,
मगर ये लोग मेरी आँखों के ख्वाब मांगते हैं।

Talab Karein Toh Main Apni Aankhein Bhi Unhe De Du,
Magar Yeh Log Meri Aankhon Ke Khwab Maangte Hain.

Read more...

कुछ मतलब के लिए ढूँढते हैं मुझको,
बिन मतलब जो आए तो क्या बात है,
कत्ल कर के तो सब ले जाएँगे दिल मेरा,
कोई बातों से ले जाए तो क्या बात है।

Kuchh Matlab Ke Liye Dhoondhte Hain Mujhko,
Binn Matlab Jo Aaye Toh Kya Baat Hai,
Qatl Kar Ke Toh Sab Le Jayenge Dil Mera,
Koyi Baato Se Le Jaaye Toh Kya Baat Hai!

Read more...

कुछ लोग पसंद करने लगे हैं अल्फाज मेरे,
मतलब मोहब्बत में बरबाद और भी हुए हैं।

Kuchh Log Pasand Karne Lage Hain Alfaaz Mere,
Matlab Mohabbat Mein Barbaad Aur Bhi Huye Hain.

Read more...

लम्हों में क़ैद कर दे जो सदियों की चाहतें,
हसरत रही कि ऐसा कोई अपना तलबगार हो।

Lamhon Mein Qaid Kar De Jo Sadiyon Ki Chahatein,
Hasrat Rahi Ke Aisa Koi Apna Talabgar Ho.

Read more...

Ham Shayari

ये जमीं जब खून से तर हो गयी है,
ज़िंदगी कहते हैं बेहतर हो गयी है,
हाँथ पर मत खींच बेमतलब लकीरें,
मौत हर पल अब मुक़द्दर हो गयी है।

Yeh Zameen Jab Khoon Se Tar Ho Gayi Hai,
Zindagi Kahte Hain Behtar Ho Gayi Hai,
Haath Par Mat Kheench BeMatlab Lakeeren,
Maut Har Pal Ab Muqaddar Ho Gayi Hai.

Read more...

फिर तेरी याद, फिर तेरी तलब, फिर तेरी बातें,
ऐसे लगता है ऐ दिल मेरे तुझे सकून नहीं आता।

Phir Teri Yaad, Phir Teri Talab, Phir Teri Baatein,
Aise Lagta Hai Ai Dil Mere Tujhe Sukoon Nahi Aata.

Read more...

यादों की कीमत वो क्या जाने,
जो किसी को यूँ ही भुला देते हैं,
यादों का मतलब तो उनसे पूछो जो,
यादों के सहारे जिया करते हैं।

Yaadon Ki Keemat Woh Kya Jaane,
Jo Kisi Ko Yun Hi Bhula Dete Hain,
Yaadon Ka Matlab Toh Unse Puchho Jo,
Yaadon Ke Sahare Jiya Karte Hain.

Read more...

मुझे मोहब्बत में सच्चा यार न मिला,
दिल से चाहे हमें वो प्यार न मिला,
लुटा दें जिसके लिए सब कुछ अपना,
मोहब्बत का ऐसा तलबगार न मिला।

Mujhe Mohabbat Mein Sachcha Yaar Na Mila,
Dil Se Chaahe Humein Woh Pyaar Na Mila,
Luta Dein Jiske Liye Sab Kuchh Apna,
Mohabbat Ka Aisa Talabgaar Na Mila.

Read more...

धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है,
ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है,
तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नहीं देता,
हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है।

Dhokha Na Dena Ke TujhPe Aitbaar Bahut Hai,
Yeh Dil Teri Chahat Ka TalabGaar Bahut Hai,
Teri Soorat Na Dikhe Toh Dikhayi Kuchh Nahi Deta,
Hum Kya Karein Ke TujhSe Humein Pyaar Bahut Hai.

Read more...

Hindi Shayari

राधा कृष्ण का मिलन तो बस एक बहाना था,
दुनियाँ को प्यार का सही मतलब जो समझाना था

Raadha krshn ka milan to bas ek bahaana tha,
Duniyaan ko pyaar ka sahee matalab jo samajhaana tha

Read more...

Frequently Asked Questions

तलब शायरी में यह शब्द किन-किन रूपों में सामने आता है?
तलब शायरी में यह शब्द दो जुड़े हुए रूपों में मिलता है - एक तो सीधे 'तलब' यानी किसी चीज़ की गहरी चाहत, और दूसरा 'मतलब' यानी किसी बात या रिश्ते के पीछे छिपी वजह या मतलबीपन।
शब्दों के मतलब पर लिखी शायरी में क्या दार्शनिक भाव है?
'शब्दों के बीच की ख़ाली जगह हूँ. मेरा मतलब कुछ भी नहीं!! पर मैं नहीं तो इन शब्दों का, मतलब कुछ भी नही!!' पंक्ति एक गहरा दार्शनिक भाव रखती है, जहां खुद को महत्वहीन बताते हुए भी अपने होने की अहमियत को बड़ी खूबसूरती से दर्शाया गया है।
मोहब्बत के मतलब पर लिखी शायरी क्या समझाती है?
'मोहब्बत का मतलब इकरार नहीं होता, सिर्फ किसीको देखना प्यार नहीं होता, यूं तो रोज मिलते है मोहब्बत इकरार, मोहब्बत है जिंदगी बार बार नहीं होता' पंक्ति समझाती है कि सच्चा प्यार महज़ इकरार या रोज़ की मुलाकात से कहीं गहरा होता है।
मतलबी रिश्तों पर लिखी शायरी में क्या तंज़ छुपा है?
'मतलब से है मित्रता, मतलब से है प्यार, सभी दोगले कर रहे, मतलब का व्यवहार!!' पंक्ति आजकल के रिश्तों में बढ़ते स्वार्थ पर तीखा तंज कसती है, जहां दोस्ती और प्यार भी अक्सर मतलब पर टिके नज़र आते हैं।
क्रिकेट की तलब पर लिखी शायरी में क्या मज़ेदार तुलना है?
'तलब लोगो को मोहब्बत की होंगी और हम तो बुरी तरह से क्रिकेट के दीवाने हे!!' पंक्ति में मोहब्बत की आम तलब की जगह क्रिकेट के प्रति दीवानगी को मज़ाकिया अंदाज़ में सामने रखा गया है, जो इस हिंदी शायरी को बाकियों से अलग बनाती है।

यह तलाश कभी दिल की बेचैनी में झलकती है तो कभी हिंदी शायरी की गहराई में, इसलिए Dil और Hindi शायरी भी देखें।