Logo - Feel The Words

Kitab Shayari - Har Panna Ek Kahani

Zindagi karmon se likhi ek kitab hai - yehi hai kitab shayari ka bhaav.

कोई खुली किताब जैसा सीधा होता है तो कोई हर पन्ने में एक नई कहानी छुपाए रखता है - किताब शायरी इसी तुलना से ज़िंदगी को नए नज़रिए से देखती है। दिल की बात के लिए Dil शायरी भी पढ़ें।

Kitab Shayari - Rishtey Jaise Khuli Kitab

तू एक खुली किताब है,
जिसे पढ़ना काफी आसान है !!
जो तेरे चेहरे पर होता है,
वही तेरे मन मे भी बस्ता है !!

Tu ek khulee kitaab hai,
Jise padhana kaaphee aasaan hai !!
Jo tere chehare par hota hai,
Wahi tere man me bhee basta hai !!

Read more...

हसीन ख़्वाबों के पन्ने मोड़ आया हूँ,
खुशियों की किताब लखनऊ छोड़ आया हूँ.

Haseen khvaabon ke panne mod aaya hoon,
Khushiyon kee kitaab lakhanoo chhod aaya hoon.

Read more...

वख्त-ए-तह में रहने दो राज रिश्तों के...
आजकल किताबों से उड़ने लगी हैं तहरीरें हवा में।

Vakht-e-tah mein rahane do raaj rishton ke...
Aajakal kitaabon se udane lagee hain tahareeren hava mein।

Read more...

कल, 365 पेज वाली किताब का पहला,
सादा पन्ना हैं, इसे अच्छे से लिखना।

Kal, 365 pej vaalee kitaab ka pahala,
Saada panna hain, ise achchhe se likhana.

Read more...

2 Line Shayari

देकर कुर्बानी अपने चाहत कि जानम
हम अपनी नजरों में महान हो गए
इस्क दिखता है अब किताबो में जानम
ना जाने क्यों मतलबी इंसान हो गए...

Dekar kurbaanee apane chaahat ki jaanam
Ham apanee najaron mein mahaan ho gae
Ik dikhata hai ab kitaabo mein jaanam
Na jaane kyon matalabee insaan ho gae...

Read more...

दिसम्बर जब से आया है मेरे खामोश कमरे में,
मेरे बिस्तर पे बिखरी सब किताबें भीग जाती हैं !!

December jab se aaya hai mere khaamosh kamare mein,
Mere bistar pe bikharee sab kitaaben bheeg jaatee hain !!

Read more...

तहज़ीब भी जरूरी है तालीम के साथ साथ...
महज किताबें पढ़ लेने से सलीका नही आता...!!

Tahazeeb bhee jarooree hai taaleem ke saath saath...
Mahaj kitaaben padh lene se saleeka nahee aata...!!

Read more...

सच्चा रिश्ता एक किताब जैसा होता है...
कितनी भी पुरानी हो जाए,फिर भी शब्द नहीं बदलते...!!

Sachcha rishta ek kitaab jaisa hota hai...
Kitanee bhee puraanee ho jae,phir bhee shabd nahin badalate...!!

Read more...

किताबों में वो दर्ज था ही नहीं...

सबक जो सिखाया ज़िन्दगी ने...। ✍🏻✍🏻

Kitaabon mein vo darj tha hee nahin...

Sabak jo sikhaaya zindagee ne.... ✍🏻✍🏻

Read more...

Chaah Shayari

होना एक दिन सब का हिसाब है...
ज़िंदगी कर्मों से लिखी किताब है...!!

Hona ek din sab ka hisaab hai...
Zindagee karmon se likhee kitaab hai...!!

Read more...

जो शतरंज की बिसात होती जिंदगी तो
मैं सिर्फ एक मोहरा ही बन कर रह जाता,
ये तो वो खाली किताब निकली जिसने
बादशाह बना दिया मुझको जो मैंने
खुद की किस्मत लिखनी शुरू की।

Jo shataranj kee bisaat hotee jindagee to
Main sirph ek mohara hee ban kar rah jaata,
Ye to vo khaalee kitaab nikalee jisane
Baadashaah bana diya mujhako jo mainne
Khud kee kismat likhanee shuroo kee.

Read more...

रिवाज़ न हो भले ही पढी किताबें पढने का
जिंदगी के सीखे सबक रोज़ याद करने होते है !!

Rivaaz na ho bhale hee padhee kitaaben padhane ka
Jindagee ke seekhe sabak roz yaad karane hote hai !!

Read more...

किताबों का साथ हो, पेन पर हाथ हो
कॉपिया आपके पास हो, पढाई दिन रात हो
ज़िंदगी के हर इम्तिहान में आप पास हो
हैप्पी बसंत पंचमी

Kitaabon ka saath ho, pen par haath ho
Copiya aapke paas ho, padhaee din raat ho
Zindagi ke har imtihaan mein aap paas ho
~ Happy Basant Panchmi ~

Read more...

किताबों को सदा के लिए कैद कर दी अलमारी में...
जिंदगी उलझी पड़ी है मोबाइल और कंप्यूटर की मारा मारी में...!!

Kitaabon ko sada ke lie kaid kar dee alamaaree mein...
Jindagee ulajhee padee hai mobail aur kampyootar kee maara maaree mein...!!

Read more...

Chaahat Shayari

नज़्मों-ग़ज़ल सी याद है हर इक बात तुम्हारी,
मेरी किताब में मेरा लिखा कुछ भी तो नहीं।

Nazmon-gazal see yaad hai har ik baat tumhaaree,
Meree kitaab mein mera likha kuchh bhee to nahin.

Read more...

दिल की किताब में गुलाब उनका था

दिल की किताब में गुलाब उनका था
रात की नींद में ख्वाब उनका था
कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा
मर जायंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था

Dil Kii Kitab Mein Gulaab Unkaa Tha
Raat Kii Neend Mein Khwaab Unkaa Tha
Kitana Pyaar Karte Ho Jab Hamne Poonchha
Mar Jaayenge Tumhaare Binaa Ye Jawaab Unkaa Taa

Read more...

तेरे हुस्न पर तारीफों भरी किताब लिख देता,
काश तेरी वफा तेरे हुस्न के बराबर होती।

Tere husn par taareephon bharee kitaab likh deta,
Kaash teree vapha tere husn ke baraabar hotee.

Read more...

वो किताबों में दर्ज था ही नहीं

वो किताबों में दर्ज था ही नहीं,
जो सबक सीखाया जिंदगी ने।

Vo kitaabon mein darj tha hee nahin,
Jo sabak seekhaaya jindagee ne.

Read more...

यूं न पढ़िए कहीं कहीं से हमें

यूं न पढ़िए कहीं कहीं से हमें,
हम इंसान हैं, कोई किताब नही..!!

Yoon na padhie kaheen kaheen se hamen,
Ham insaan hain, koee kitaab nahee..!!

Read more...

Dil Shayari

वो किताब लौटाने का बहाना तो लाखों में था,
लोग ढुँढते रहें सबूत, पैग़ाम तो आँखों मे था।

Vo kitaab lautaane ka bahaana to laakhon mein tha,
Log dhundhate rahen saboot, paigaam to aankhon me tha.

Read more...

Frequently Asked Questions

किताब शायरी में "किताब" शब्द को किस रूपक के रूप में इस्तेमाल किया गया है?
इस टॉपिक में "किताब" को अक्सर किसी इंसान के स्वभाव, यादों या रिश्तों के रूपक के तौर पर इस्तेमाल किया गया है — कभी किसी के सीधे-सच्चे स्वभाव को "खुली किताब" कहा गया है, तो कभी बीती खुशियों और रिश्तों के राज़ को किताब के पन्नों जैसा बताया गया है।
"तू एक खुली किताब है" पंक्ति का क्या मतलब है?
यह पंक्ति किसी के सीधे और पारदर्शी स्वभाव की तारीफ़ करती है — "तू एक खुली किताब है, जिसे पढ़ना काफी आसान है!! जो तेरे चेहरे पर होता है, वही तेरे मन मे भी बस्ता है!!" यानी उस व्यक्ति के मन और चेहरे में कोई फर्क नहीं, जो भी सोचता है वही साफ झलक जाता है।
"खुशियों की किताब लखनऊ छोड़ आया हूँ" पंक्ति में क्या भाव छुपा है?
यह पंक्ति किसी शहर से जुड़ी गहरी यादों और बिछड़ने के दर्द को दर्शाती है — "हसीन ख़्वाबों के पन्ने मोड़ आया हूँ, खुशियों की किताब लखनऊ छोड़ आया हूँ." यानी लखनऊ में बिताए खूबसूरत पल अब सिर्फ यादों की एक अधूरी किताब बनकर रह गए हैं।
"किताबों से उड़ने लगी हैं तहरीरें हवा में" पंक्ति का क्या संदेश है?
यह पंक्ति रिश्तों के राज़ धीरे-धीरे मिटते जाने की बात करती है — "वख्त-ए-तह में रहने दो राज रिश्तों के... आजकल किताबों से उड़ने लगी हैं तहरीरें हवा में।" यानी जो बातें कभी दिलों में महफूज़ राज़ थीं, वे अब हवा में बिखरती जा रही हैं, समय के साथ धुंधली पड़ती जा रही हैं।
"इस्क दिखता है अब किताबो में जानम" पंक्ति में क्या शिकायत है?
यह पंक्ति आज के रिश्तों में सच्चाई की कमी पर एक तीखी शिकायत दर्ज करती है — "देकर कुर्बानी अपने चाहत कि जानम हम अपनी नजरों में महान हो गए, इस्क दिखता है अब किताबो में जानम ना जाने क्यों मतलबी इंसान हो गए..." यानी सच्चा इश्क़ अब सिर्फ Chaahat की किताबों में ही मिलता है, असल ज़िंदगी में लोग मतलबी हो गए हैं। यह मायूसी Dil टॉपिक की शायरी में भी झलकती है।

पुराना पड़कर भी अपने शब्द न बदलने वाला रिश्ता असल में सबसे मज़बूत किताब होता है - इसी चाहत के भाव को Chaah और Chaahat शायरी में और पढ़ें।