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Rivaj Shayari

Kuch rivaz waqt ke saath khud badal jaate hain.

Rivaj shayari un lines ki baat karti hai jo rasmon aur rivayaton par sawaal uthati hain, khaaskar tab jab apni baari aayein to usool badal jaate hain. Isi tarah Ham shayari bhi padhein.

ये रस्मों-रिवाज़, रिवायतें हैं औरों के लिए...
खुद पे गुज़रती है तो उसूल बदल जाते हैं...!!

Ye rasmon-rivaaz, rivaayaten hain auron ke lie...
Khud pe guzaratee hai to usool badal jaate hain...!!

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हम रस्म नहीं जो एक बार हों...
हम रिवाज़ हैं बस चलते रहेंगे...!!

Ham rasm nahin jo ek baar hon...
Ham rivaaz hain bas chalate rahenge...!!

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रिवाज़ न हो भले ही पढी किताबें पढने का
जिंदगी के सीखे सबक रोज़ याद करने होते है !!

Rivaaz na ho bhale hee padhee kitaaben padhane ka
Jindagee ke seekhe sabak roz yaad karane hote hai !!

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तुम शिकायतों का रिवाज़ खत्म कर दो...
हम शिकायतों की वज़ह खत्म कर देते हैं...!!

Tum shikaayaton ka rivaaz khatm kar do...
Ham shikaayaton kee vazah khatm kar dete hain...!!

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2 Line Shayari

क़यामत का तो सुना था के कोई किसी का ना होगा...
मगर अब तो दुनिया में भी ये रिवाज़ आम हो गया है...!!

Qayaamat ka to suna tha ke koee kisee ka na hoga...
Magar ab to duniya mein bhee ye rivaaz aam ho gaya hai...!!

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सुना था महोब्बत के बदले महोब्बत मिलती है,
हमारी बारी आई तो रिवाज़ बदल गए !!

Suna tha mahobbat ke badale mahobbat milatee hai,
Hamaaree baaree aaee to rivaaz badal gae !!

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Frequently Asked Questions

दूसरों के लिए रस्मों-रिवाज़ होने और खुद पर गुज़रने पर उसूल बदल जाने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"ये रस्मों-रिवाज़, रिवायतें हैं औरों के लिए... खुद पे गुज़रती है तो उसूल बदल जाते हैं...!!" — यह शायरी कहती है कि रस्मों-रिवाज़ और रिवायतें औरों के लिए हैं, खुद पर गुज़रती है तो उसूल ही बदल जाते हैं।
एक बार की रस्म न होकर हमेशा चलते रहने वाला रिवाज़ होने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"हम रस्म नहीं जो एक बार हों... हम रिवाज़ हैं बस चलते रहेंगे...!!" — यह शायरी कहती है कि हम रस्म नहीं जो एक बार हों, हम तो रिवाज़ हैं जो हमेशा चलते रहेंगे।
किताबें पढ़ने का रिवाज़ न होने पर भी ज़िंदगी के सबक रोज़ याद रखने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"रिवाज़ न हो भले ही पढी किताबें पढने का जिंदगी के सीखे सबक रोज़ याद करने होते है !!" — यह शायरी कहती है कि भले ही किताबें पढ़ने का रिवाज़ न हो, पर ज़िंदगी के सीखे सबक रोज़ याद ज़रूर करने चाहिए।
शिकायतों का रिवाज़ खत्म करने पर शिकायतों की वजह भी खत्म कर देने का वादा करने वाली शायरी कौन सी है?
"तुम शिकायतों का रिवाज़ खत्म कर दो... हम शिकायतों की वज़ह खत्म कर देते हैं...!!" — यह शायरी कहती है कि तुम शिकायतों का रिवाज़ खत्म कर दो, हम शिकायतों की वजह ही खत्म कर देंगे।
रिवाज़ से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप Emotional, Love और Kitab शायरी पढ़ सकते हैं।

Kuch sher yahan shikayaton ka rivaz khatam karne ki baat karte hain, seedhe aur imaandaar andaaz mein. Aage Khatm aur Emotional shayari bhi padhein.