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Ras Shayari - Kaashi Ka Adhyatmik Rang

Banaras ka har ghaat is ras shayari mein zinda ho utha hai.

गंगा किनारे की शाम, विश्वनाथ के दर्शन और मणिकर्णिका घाट का सच - ras shayari में यह पूरा बनारस अपनी अध्यात्मिक रंगत के साथ उतरा है, जहाँ हर सतर में एक गहरा रस छुपा है। छोटे अंदाज़ में ऐसी ही भावनाएं 2 Line में भी मिलेंगी।

10
दो बुँदे क्या बरसी चार बादल क्या छा गये

दो बुँदे क्या बरसी,चार बादल क्या छा गये,,
किसी को जाम तो किसी को कुछ नाम याद आ गये..!!

Do bunde kya barasee,chaar baadal kya chha gaye,
Kisee ko jaam to kisee ko kuchh naam yaad aa gaye !!

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9
काटा है आस्तीन के साँपो ने इस कदर

काटा है आस्तीन के साँपो ने इस कदर,
में सामने पड़ी हुई रस्सी से डर गया...!

Kaata hai aasteen ke saanpo ne is kadar,
Mein saamane padee huee rassee se dar gaya !!

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8
अरसे से तराश रहा हूँ खुद को लोगो के मुताबिक

अरसे से तराश रहा हूँ खुद को लोगो के मुताबिक,
पर हर रोज ये जमाना मुझमे एक नया ऐब निकाल ही लेता है...!

Arase se taraash raha hoon khud ko logo ke mutaabik,
Par har roj ye jamaana mujhame ek naya aib nikaal hee leta hai...!

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7
ख्वाइशों से भरा पड़ा है घर इस कदर

ख्वाइशों से भरा पड़ा है घर इस कदर,
रिश्ते ज़रा सी जगह को तरसते हैं...!

Khvaishon se bhara pada hai ghar is kadar,
Rishte zara see jagah ko tarasate hain...!

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2 Line Shayari

6
रस्सी जैसी जिंदगी तने तने हालात

रस्सी जैसी जिंदगी, तने-तने हालात,
एक सिरे पे ख़्वाहिशें, दूजे पे औकात...!

Rassee jaisee jindagee, tane-tane haalaat,
Ek sire pe khvaahishen, dooje pe aukaat...!

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5
कुछ रिश्तों को ता उम्र तरसते रहे

कुछ रिश्तों को ता-उम्र तरसते रहे,
कुछ लोग वक़्त से पहले बिछड़ गए...!

Kuchh rishton ko ta-umr tarasate rahe,
Kuchh log vaqt se pahale bichhad gae...!

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4
ज़रूरतों ने उनकी कोई और ठिकाना ढूंढ लिया शायद

ज़रूरतों ने उनकी, कोई और ठिकाना ढूंढ लिया शायद,
एक अरसा हो गया, मुझे हिचकी नहीं आई...!

Zarooraton ne unakee, koee aur thikaana dhoondh liya shaayad,
Ek arasa ho gaya, mujhe hichakee nahin aaee...!

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3
रस्ते में जो मिलता है मिल लेते हैं

रस्ते में जो मिलता है, मिल लेते हैं....
अच्छे बुरे की अब पहचान नहीं करते....

Raste mein jo milata hai, mil lete hain....
Achchhe bure kee ab pahachaan nahin karate....

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2
उन्होंने कहा बहुत बोलते हो अब क्या बरस जाओगे

उन्होंने कहा, बहुत बोलते हो, अब क्या बरस जाओगे,
हमने कहा, चुप हो गए तो तुम तरस जाओगे !!

Unhonne kaha, bahut bolate ho, ab kya baras jaoge,
Hamne kaha, chup ho gae to tum taras jaoge !!

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Baras Shayari

1
मुझे भुल जाने का किसी से जिक्र मत करना

मुझे भुल जाने का किसी से जिक्र मत करना,
मैं लोगों से कह दुंगा उसे फुरसत नहीं मिलती !!

Mujhe bhul jaane ka kisee se jikr mat karana,
Main logon se kah dunga use phurasat nahin milatee !!

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यही रस कभी सावन की बारिश में झलकता है तो कभी दिल की गहराई में, इसलिए Barsaat और Dil शायरी भी साथ पढ़ें।