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Ghutan Shayari

Kabhi khamoshi bhi ghutan ban jaati hai.

Ghutan shayari mein un jazeeron ko todne ki baat hoti hai jinse ghutan hoti hai, aur un lamhon ki bhi jab pyaar jatana mushkil ho jaata hai. Isi ehsaas mein Mehsoos shayari bhi padhein.

Ghutan Shayari - Bechaini Aur Dard Ke Hindi Sher

उन जंजीरों को तोड़ दो...
जिससे घुटन हो...!!

Un janjeeron ko tod do...
Jisase ghutan ho...!!

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बच्चों को पैरों पर, खड़ा करना था

बच्चों को पैरों पर, खड़ा करना था,
पिता के घुटने, इसी में जवाब दे गये।

Bachchon ko pairon par, khada karana tha,
Pita ke ghutane, isee mein javaab de gaye.

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घुटन सी होने लगी है, इश्क़ जताते हुए,
मैं खुद से रूठ गया हूँ, तुम्हे मनाते हुए।

Ghutan see hone lagee hai, ishq jataate hue,
Main khud se rooth gaya hoon, tumhe manaate hue.

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किताबों से घुटन होने लगी है...
ज़िन्दगी शब्दों से बाहर है शायद...!!

Kitaabon se ghutan hone lagee hai...
Zindagee shabdon se baahar hai shaayad...!!

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Dukh Shayari

लम्हों की घुटन ख़ौफ़ का तूफ़ान बहुत है

लम्हों की घुटन, ख़ौफ़ का तूफ़ान बहुत है,
मेरी ही तरह, वक़्त परेशान बहुत है...!

Lamhon kee ghutan, khauf ka toofaan bahut hai,
Meree hee tarah, vaqt pareshaan bahut hai...!

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समझौतों की भीड़-भाड़ में सबसे रिश्ता टूट गया;
इतने घुटने टेके हमने आख़िर घुटना टूट गया

Samajhauton kee bheed-bhaad mein sabase rishta toot gaya;
Itane ghutane teke hamane aakhir ghutana toot gaya

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Frequently Asked Questions

'जंजीरों को तोड़ दो' वाली घुटन शायरी में क्या भाव है?
यह पंक्ति उस बंधन से आजादी की पुकार करती है जो घुटन का कारण बनता है- 'उन जंजीरों को तोड़ दो... जिससे घुटन हो' में विद्रोह और मुक्ति दोनों का भाव है। यह किसी भी तरह की जकड़न से बाहर निकलने की चाह को दर्शाती है, जो Dukh शायरी के करीब है।
पिता के घुटनों वाली पंक्ति का घुटन शब्द से क्या नाता है?
'बच्चों को पैरों पर, खड़ा करना था, पिता के घुटने, इसी में जवाब दे गये' पंक्ति में घुटने शब्द का इस्तेमाल पिता के मूक त्याग को दिखाने के लिए हुआ है, जो सालों की मेहनत से थककर जवाब दे गए। यह परिवार के लिए चुपचाप सहे गए बोझ और उससे उपजी भीतरी घुटन दोनों को छूती है।
इश्क़ जताते हुए घुटन महसूस होने वाली शायरी का क्या मतलब है?
'घुटन सी होने लगी है, इश्क़ जताते हुए, मैं खुद से रूठ गया हूँ, तुम्हे मनाते हुए' पंक्ति उस अंदरूनी बेचैनी को दिखाती है जब प्यार जताने में भी खुद को दबाना पड़े। यह रिश्ते में अपनी भावनाओं को खुलकर न कह पाने की Mehsoos जैसी तड़प को बयां करती है।
किताबों से घुटन होने वाली पंक्ति में क्या संदेश छिपा है?
'किताबों से घुटन होने लगी है... ज़िन्दगी शब्दों से बाहर है शायद' पंक्ति बताती है कि सिर्फ पढ़ने-लिखने में जिंदगी को समेटना कभी-कभी घुटन जैसा महसूस होता है। यह असली अनुभवों और जीने के तरीकों की तलाश की बात करती है, किताबी दुनिया से आगे बढ़ने की चाह लिए।
घुटन पर लिखी शायरियाँ किन भावों को छूती हैं?
इस कलेक्शन में बंधन से आज़ादी, पारिवारिक त्याग, अनकहे इश्क़ और जिंदगी की तलाश तक कई भाव शामिल हैं, जो Udaasi और Nasha जैसी शायरी की गहराई से भी जुड़ते हैं। हर पंक्ति किसी न किसी तरह की भीतरी घुटन को शब्द देती है।

Ek sher yahan bahut zyada samjhaute karne ke baad toote hue rishton ki ghutan ko bhi bayaan karta hai. Aage Dukh aur Jalti shayari bhi padhein.