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Kissa Shayari

Har zindagi ek adhoora kissa hai.

Kissa shayari chhat se atki patang wali Bachpan ki shararaton se shuru hoti hai aur zindagi ke un ajeeb mod tak pahunchti hai jinhe sirf apna dil hi samajh pata hai.

छज्जे से अटकी थी वो पतंग, हल्ला मोहल्ले में था,
एक मांझे की डोर टूटी थी और ये किस्सा बचपन में था।

Chhajje se atakee thee vo patang, halla mohalle mein tha,
Ek maanjhe kee dor tootee thee aur ye kissa bachapan mein tha.

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किस्सा-ए-आलम में एक और ही वहदत पैदा कर ली है
मैंने अपने अंदर अपनी औरत पैदा कर ली है !!

Kissa-e-aalam mein ek aur hee vahadat paida kar lee hai
Mainne apane andar apanee aurat paida kar lee hai !!

Shayari by Farhat Ehsas

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अजीब किस्सा है जिन्दगी का,
अजनबी हाल पूछ रहे हैं और अपनो को खबर तक नहीं..

Ajeeb kissa hai jindagee ka,
Ajanabee haal poochh rahe hain aur apano ko khabar tak nahin..

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कैसे मुमकिन है कि भूल जाऊँ तुम्हें,
किस्सा नहीं मेरी जिंदगी का हिस्सा हो तुम।

Kaise mumakin hai ki bhool jaoon tumhen,
Kissa nahin meree jindagee ka hissa ho tum.

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2 Line Shayari

मुकद्दर को चलो, हम मान लेते हैं
कोशिश का किस्सा भी, मगर मशहूर रहा!

Mukaddar ko chalo, ham maan lete hain
Koshish ka kissa bhee, magar mashahoor raha!

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वह शक्स ही आखरी सच है मेरे वजूद का
और उसके बाद का किस्सा तो महज एक कहानी है !!

Vah shaks hee aakharee sach hai mere vajood ka
Aur usake baad ka kissa to mahaj ek kahaanee hai !!

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सीने में धड़कता जो हिस्सा है...
उसी का तो ये सारा किस्सा है...!!

Seene mein dhadakata jo hissa hai...
Usee ka to ye saara kissa hai...!!

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एक तू ही तो है जिसे हर किस्सा सुनाने को जी चाहता है...
वरना यूं तो हमारे लब्ज सुनने को दुनिया बेताब है...!!

Ek too hee to hai jise har kissa sunaane ko jee chaahata hai...
Varana yoon to hamaare labj sunane ko duniya betaab hai...!!

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Frequently Asked Questions

छज्जे से अटकी पतंग और मांझे की टूटी डोर वाला बचपन का किस्सा बताने वाली शायरी कौन सी है?
"छज्जे से अटकी थी वो पतंग, हल्ला मोहल्ले में था, एक मांझे की डोर टूटी थी और ये किस्सा बचपन में था।" — यह शायरी बचपन के उस किस्से को याद करती है जब छज्जे से अटकी पतंग और मांझे की टूटी डोर से पूरे मोहल्ले में हल्ला मच गया था।
किस्सा-ए-आलम में खुद के भीतर ही एक नई वहदत पैदा करने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"किस्सा-ए-आलम में एक और ही वहदत पैदा कर ली है मैंने अपने अंदर अपनी औरत पैदा कर ली है !!" — यह शायरी कहती है कि किस्सा-ए-आलम में एक और ही वहदत पैदा कर ली है, अपने अंदर अपनी ही औरत पैदा कर ली है।
अजनबी हाल पूछें और अपनों को खबर तक न होने को ज़िंदगी का अजीब किस्सा बताने वाली शायरी कौन सी है?
"अजीब किस्सा है जिन्दगी का, अजनबी हाल पूछ रहे हैं और अपनो को खबर तक नहीं.." — यह शायरी कहती है कि ज़िंदगी का किस्सा अजीब है, अजनबी हाल पूछ रहे हैं और अपनों को खबर तक नहीं।
तुम्हें भूलना नामुमकिन बताते हुए तुम्हें किस्सा नहीं बल्कि ज़िंदगी का हिस्सा कहने वाली शायरी कौन सी है?
"कैसे मुमकिन है कि भूल जाऊँ तुम्हें, किस्सा नहीं मेरी जिंदगी का हिस्सा हो तुम।" — यह शायरी कहती है कि तुम्हें भूल जाना कैसे मुमकिन है, तुम किस्सा नहीं मेरी ज़िंदगी का हिस्सा हो।
किस्सा से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप Bachpan, Bhool और Ajnabee शायरी पढ़ सकते हैं।

Kabhi Ajnabee log haal poochte hain to kabhi apne hi khabar Bhool jaate hain - har kissa yahi sikhata hai ki zindagi kisi kahani se kam nahi.