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उर्दू गज़लें

ज़बान की गहराई, जज़्बात की नज़ाकत

उर्दू ज़बान की गज़लें अपनी लफ़्ज़ी नज़ाकत और गहरे जज़्बात के लिए जानी जाती हैं, जहाँ हर शेर में सदियों पुरानी अदबी परंपरा झलकती है। अगर आपको उर्दू का यह अंदाज़ पसंद है तो हमारी Quotes भी ज़रूर पढ़ें।

न था कुछ तो ख़ुदा था, कुछ न होता तो ख़ुदा होता,
डुबोया मुझ को होने ने, न होता मैं तो क्या होता।

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आपकी याद आती रही रात भर,
चाँदनी दिल दुखाती रही रात भर।

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Popular Ghazals Topics for You.

धूप में निकलो घटाओं में नहाकर देखो,
ज़िंदगी क्या है किताबों को हटाकर देखो।

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वो जो हम में तुम में क़रार था, तुम्हें याद हो कि न याद हो,
वही यानी वादा निबाह का, तुम्हें याद हो कि न याद हो।

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Classic Ghazals

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मेरे आगे,
होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे।

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रात यूँ दिल में तेरी खोई हुई याद आई,
जैसे वीराने में चुपके से बहार आ जाए।

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दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है,
मिल जाए तो मिट्टी है खो जाए तो सोना है।

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तुम मेरे पास होते हो गोया,
जब कोई दूसरा नहीं होता।

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हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है,
तुम्हीं कहो कि ये अंदाज़-ए-गुफ़्तगू क्या है।

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Faiz Ghazals

और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा,
राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा।

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हर आदमी में होते हैं दस बीस आदमी,
जिसको भी देखना हो कई बार देखना।

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उम्र-ए-दराज़ माँग कर लाए थे चार दिन,
दो आरज़ू में कट गए दो इंतज़ार में।

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हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले,
बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले।

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दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है,
आख़िर इस दर्द की दवा क्या है।

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Heart Touching Urdu Ghazals In Hindi

इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब',
कि लगाए न लगे और बुझाए न बने।

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रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल,
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है।

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ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता,
अगर और जीते रहते यही इंतज़ार होता।

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गुलों में रंग भरे, बाद-ए-नौबहार चले,
चले भी आओ कि गुलशन का कारोबार चले।

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बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे,
बोल ज़बाँ अब तक तेरी है।

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Urdu Ghazals In Hindi

हम देखेंगे,
लाज़िम है कि हम भी देखेंगे।

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Frequently Asked Questions

What makes this collection specifically Urdu ghazal rather than shayari?
These couplets carry the formal, Persianised Urdu vocabulary of classical ghazal — words like "तदबीरें", "बेख़ुद", and "आलम-ए-नापायदार" — a heavier register than the more conversational lines in Shayari.
Why search for Urdu ghazals in particular?
People search "Urdu ghazals" when they want the poetry in its original literary tone, built around exile and love's failed remedies, rather than a simplified version — the same tone carries into the Quotes section.
What's a specific example of the style here?
The idea that no cure works once "बीमारी-ए-दिल" (the heart's own sickness) sets in is a classic ghazal trope found in one of these couplets, and it's the same dense diction that runs through Classic and the poet-specific Faiz pages.

यहाँ मौजूद गज़लों में ज़िंदगी, इंतज़ार और बेबसी जैसे भाव उसी शिद्दत से बयां होते हैं जो क्लासिक उर्दू शायरी की पहचान है। और गहराई महसूस करने के लिए Classic गज़लें और Faiz की रचनाएं भी देखें।