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Classic Ghazals

Most Famous Classic Ghazals of All Time!

We have created a collection of some of the best classic ghazals so you can read and share anytime with your friends and family. Share our Top 10 Classic Ghazals on Facebook, Twitter, and Pinterest.

On our website you will get all the latest and updated collection of Classic Ghazals.

हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले,
बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले।

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दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है,
आख़िर इस दर्द की दवा क्या है।

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Popular Ghazals Topics for You.

इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब',
कि लगाए न लगे और बुझाए न बने।

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रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल,
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है।

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Faiz Ghazals

ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता,
अगर और जीते रहते यही इंतज़ार होता।

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गुलों में रंग भरे, बाद-ए-नौबहार चले,
चले भी आओ कि गुलशन का कारोबार चले।

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बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे,
बोल ज़बाँ अब तक तेरी है।

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हम देखेंगे,
लाज़िम है कि हम भी देखेंगे।

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मुझसे पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न माँग,
मैंने समझा था कि तू है तो दरख़शाँ है हयात।

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Hindi Ghazals

दिल ना-उम्मीद तो नहीं, नाकाम ही तो है,
लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है।

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अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें,
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें।

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सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं,
सो उसके शहर में कुछ दिन ठहर के देखते हैं।

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रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ,
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ।

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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए।

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Love Ghazals

लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में,
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में।

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पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है,
जाने न जाने गुल ही न जाने बाग़ तो सारा जाने है।

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इब्तिदा-ए-इश्क़ है रोता है क्या,
आगे आगे देखिए होता है क्या।

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दिखाई दिए यूँ कि बेख़ुद किया,
हमें आप से भी जुदा कर चले।

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उलटी हो गईं सब तदबीरें, कुछ न दवा ने काम किया,
देखा इस बीमारी-ए-दिल ने आख़िर काम तमाम किया।

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Modern Ghazals

लगता नहीं है दिल मेरा उजड़े दयार में,
किस की बनी है आलम-ए-नापायदार में।

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