Ganesh Bhajan
Vighnaharta Gajanan ki mangal bhakti ke geet.
Ganesh Bhajan mein har shubh kaam ke aarambh mein gaaya jaane wala prasidh Sanskrit shlok aur Gajanan ke riddhi-siddhi daata roop ka gungaan hota hai. Isi bhakti mein Aarti bhi padhein.
मेरे गणेश जी की जय, बोलो गणपति की जय।
पार्वती के लाल की जय, शिव सुत मंगलमय की जय॥
मूषक पर सवारी करते,
भक्तों के सब विघ्न हरते।
मेरे गणेश जी की जय, बोलो गणपति की जय॥
देव श्री गणेशा, देव श्री गणेशा।
रिद्धि सिद्धि के दाता तुम, हरते हो हर लेशा॥
मोदक प्रिय तुम्हें कहलाएं,
भक्तों के संकट दूर भगाएं।
देव श्री गणेशा, देव श्री गणेशा॥
Popular Bhajan Topics for You.
पहले तुझे पूजूं, हे गणपति महाराज।
हर कार्य के पहले, तुझको करूं प्रणाम आज॥
रिद्धि सिद्धि के तुम दाता,
विघ्नों को हरने वाले त्राता।
पहले तुझे पूजूं, हे गणपति महाराज॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत चार भुजाधारी,
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा॥
Durga Bhajan
सुख करने वाले दुःख हरने वाले, वार्ता विघ्नों की रहे टली।
पूरण कृपा करो प्रभु मेरे, जीवन की हर बगिया खिली॥
संकट में जो भी आए तेरे द्वार,
हो जाए उसका बेड़ा पार।
सुख करने वाले दुःख हरने वाले, वार्ता...
गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।
मंगल मूर्ति मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ॥
दस दिन का है मेला तेरा,
हर घर में बसता है डेरा।
गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ॥
गजानन मेरे गजानन, विघ्नहर्ता गजानन।
रिद्धि सिद्धि के दाता तुम हो, करते सबका कल्याण॥
मोदक भोग लगाऊं तुमको,
भक्ति भाव से ध्याऊं तुमको।
गजानन मेरे गजानन, विघ्नहर्ता गजानन॥
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
इस श्लोक को भक्त हर शुभ कार्य के आरंभ में गाते हैं,
गणेश जी की कृपा से हर विघ्न दूर हो जाता है।
