Durga Bhajan
Sher par sawaar Maa ke nau roop ki bhakti.
Durga Bhajan mein Maa ke Shailputri, Brahmacharini aur Chandraghanta jaise Navratri ke alag-alag din ke roopon ka varnan geet-sangeet mein hota hai. Isi bhakti mein Aarti bhi padhein.
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशदिन ध्यावत, हर ब्रह्मा शिवरी॥
मांग सिंदूर बिराजत, टीको मृगमद को।
उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी॥
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली।
तेरे ही गुण गावें भारती, औ सारी दुनिया वाली॥
शेर पे सवारी करती हो,
त्रिशूल हाथ में धरती हो।
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली॥
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दुर्गे दुर्गति परिहारिणी, माँ सबकी पीर हरो।
भक्तों के सब कष्ट मिटाओ, करुणा से भर दो॥
महिषासुर का वध करने वाली,
शेरों वाली है मतवाली।
दुर्गे दुर्गति परिहारिणी, माँ सबकी पीर हरो॥
शेरावाली माँ का जयकारा, बोलो जय माता दी।
भवानी का रूप है न्यारा, बोलो जय माता दी॥
त्रिशूल लिए शेर पे सवार,
करती हैं भक्तों का उद्धार।
शेरावाली माँ का जयकारा, बोलो जय माता दी॥
Ram Bhajan
6
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
जो भी आएगा माई के दरबार, खाली हाथ न जाएगा॥
भक्तों की सुनती हो हर पुकार,
करती हो सबका बेड़ा पार।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है॥
भवानी तेरा रूप निराला, कोई न पाए तेरा पार।
नौ रूपों में दर्शन देती, करती सबका उद्धार॥
शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक,
नवदुर्गा का है ये चक्र।
भवानी तेरा रूप निराला, कोई न पाए तेरा पार॥
माँ तुझे सलाम जगदम्बे, तेरी महिमा अपरंपार।
जो भी आए तेरे दर पर, खाली कभी न जाए द्वार॥
शक्ति का तू स्वरूप है माई,
भक्तों की रक्षक कहलाई।
माँ तुझे सलाम जगदम्बे, तेरी महिमा अपरंपार॥
आई नवरात्रि आई माँ, घर घर हुई पूजा शुरू।
नौ दिन तक चलेगी आराधना, माँ दुर्गा का जयकारा भरपूर॥
गरबा डांडिया की धूम मचेगी,
भक्ति की ज्योत हर घर जलेगी।
आई नवरात्रि आई माँ, घर घर हुई पूजा शुरू॥
पहला दिन शैलपुत्री पूजा, पर्वतराज की बेटी कहलाए।
वृषभ पर सवार होकर माई, भक्तों को आशीष दे जाए॥
नवरात्रि का पहला दिन आया,
हर भक्त ने सिर झुकाया।
पहला दिन शैलपुत्री पूजा, पर्वतराज की बेटी कहलाए॥
दूसरा दिन ब्रह्मचारिणी वंदना, तप की देवी कहलाए।
जपमाला कमंडल हाथों में, भक्तों को ज्ञान सिखाए॥
तपस्या की हैं मूरत प्यारी,
भक्तों की रक्षक हैं सारी।
दूसरा दिन ब्रह्मचारिणी वंदना, तप की देवी कहलाए॥
