बचपन पर अनमोल वचन
बचपन की मासूम यादों और सीख से जुड़े भावुक विचार।
बचपन में समय किसी घड़ी का मोहताज नहीं होता था, फिर भी हर पल भरपूर जिया जाता था, जबकि आज हर हाथ में घड़ी सजी है मगर वक़्त निकालना सबसे मुश्किल काम बन गया है। यही मासूमियत आज भी दिल के किसी कोने में सुकून बनकर बसी रहती है।
हमारे पास बचपन से ही दो रास्ते होते हैं या तो हम सही रास्ता चुन लें, नही तो कठिनाइयाँ हमारा रास्ता चुन लेंगी।
Hamare paas bachpan se hi do raste hote hain ya to ham sahi rasta chun lein, nahi to kathinayan hamara rasta chun lengi.
ना कुछ पाने की आशा ना कुछ खोने का डर,
बस अपनी ही धुन, बस अपने सपनो का घर…
काश मिल जाए फिर मुझे वो बचपन के दिन!
Popular Shayari Topics for You.
Bhool Shayari
काश मैं लौट जाऊं…
बचपन की उन हसीं वादियों में ऐ जिंदगी
जब न तो कोई जरूरत थी और न ही कोई जरूरी था!
बचपन में मेरे दोस्तों के पास घड़ी नहीं थी…
पर समय सबके पास था!
आज सबके पास घड़ी है
पर समय किसी के पास नहीं!
बचपन में लगी चोट पर मां की हल्की-हल्की फूँक
और कहना कि बस अभी ठीक हो जाएगा!
वाकई अब तक कोई मरहम वैसा नहीं बना!
बचपन में सबसे ज़्यादा पूछा गया सवाल – बड़े होकर क्या बनना हैं ? जवाब अब मिला.. फिर से बच्चा बनना हैं।
Frequently Asked Questions
What choice does everyone face starting from childhood, per this sample?
What's being wished for in the nostalgic verse here?
What misconception about growing up shows up in these quotes?
बड़े होकर ज़िंदगी और मज़ेदार हो जाएगी, यह बचपन की सबसे प्यारी ग़लतफ़हमी थी, जिसे समझने में उम्र का लंबा सफर तय करना पड़ा। ऐसी छोटी भूलों भरी यादें ही बचपन को सबसे अनमोल बनाती हैं।
