Bhookh Anmolvachan
भूख और इंसानियत की अहमियत बताते विचार।
थाली में मौजूद निवाला बांटकर खुद भूखा रह जाना और फिर भी भूख न होने का बहाना बनाना, यह त्याग सिर्फ माँ के भाव में ही देखने को मिलता है। जरूरतमंदों के प्रति संवेदना से जुड़े और विचार देश अनमोलवचन में भी पढ़ें।
जब एक रोटी के चार टुकड़े हों
और खाने वाले पाँच…
तब मुझे भूख नहीं है
ऐसा कहने वाली सिर्फ माँ होती है!!
Popular Shayari Topics for You.
भूख से बड़ा ”मजहब” और रोटी से बड़ा ”ईश्वर”
कोई हो तो बता देना मुझे भी ”धर्म” बदलना है!
कहते हैं मुस्कान अनमोल होती है,
सिर्फ 10 रूपये में बिकती है बाबू,
जब पेट के अंदर भूख रोती है!
Aansoo Shayari
पेट की भूख ने जिंदगी
को हर रंग दिखा दिए
तो अपना बोझ न उठा पाए
पेट की भूख ने पत्थर उठवा दिए।
दुनिया में ऐसे लोग हैं,
जो इतने भूखे हैं कि
भगवान उन्हें किसी और
रूप में नहीं दिख सकता
सिवाय रोटी के रूप के।
मेरी एक ही इच्छा है कि भारत एक अच्छा उत्पादक हो और इस देश में कोई भूखा ना हो , अन्न के लिए आंसू बहाता हुआ.
Desh Shayari
जली रोटियाँ देखकर बहुत शोर मचाया तुमनें.. अगर माँ की जली उंगलियों को देख लेते, तो भूख उड़ गई होती।
सभी जीवों में केवल इंसान ही पैसा कमाता है
और कितनी अजीब बात है कि
कोई जीव कभी भूखा नहीं मरता और
इंसान का कभी पेट नहीं भरता
Related Shayari Topics for You.
Frequently Asked Questions
What everyday scene illustrates privilege in this sample?
What sacrifice does a mother make around hunger, per these quotes?
What's the sharpest social critique in this topic's samples?
जो लोग सिर्फ अपनी तारीफ के भूखे रहते हैं वे असल में अपनी कमजोरी ही उजागर करते हैं, जबकि सच्ची भूख रोटी और अपनों की होती है। भावनाओं से जुड़ी और बातें आँसू अनमोलवचन पर पढ़ें।
