Logo - Feel The Words

Shraddha Shayari

Shraddha kabhi veeron ke samman mein hai, kabhi maa ke charno ki bhakti mein.

Shraddha shayari mein desh ke un veeron ko ashrupurit shraddhanjali di gayi hai jinhone aatankwad se ladte hue apni jaan nyochhawar kar di. Isi samman mein Aatankwad shayari bhi padhein.

Shraddha Shayari - Shraddhanjali Aur Bhakti Ke Sher
आतंकवाद से धरा दूषित हैं इसे शुद्ध हो जाने दो

आतंकवाद से धरा दूषित हैं ,इसे शुद्ध हो जाने दो,
हाथ खोल दो वीरो के अब महायुद्ध हो जाने दो !!

अश्रुपूरित श्रद्धांजलि वीरो 😢💐🙏🏻

Aatankavaad se dhara dooshit hain ,ise shuddh ho jaane do,
Haath khol do veero ke ab mahaayuddh ho jaane do !!

Ashrupoorit shraddhaanjali veero 😢💐🙏🏻

Read more...

सारा जहां है जिसकी शरण में

सारा जहां है जिसकी शरण में,
नमन है उस माँ के चरण में,
हम है उस माँ के चरणों की धूल,
आओ मिलकर चढ़ाएं माँ को श्रद्धा के फूल। शुभ नवरात्रि.

Saara jahaan hai jisakee sharan mein,
Naman hai us maan ke charan mein,
Ham hai us maan ke charanon kee dhool,
Aao milakar chadhaen maan ko shraddha ke phool. shubh navaraatri.

Read more...

Frequently Asked Questions

वीरों को श्रद्धांजलि वाली शायरी में क्या भाव है?
'आतंकवाद से धरा दूषित हैं ,इसे शुद्ध हो जाने दो, हाथ खोल दो वीरो के अब महायुद्ध हो जाने दो' पंक्ति उन वीर सैनिकों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि देती है जिन्होंने देश को Aatankwad से बचाने के लिए अपनी Jaan तक न्योछावर कर दी। यह शहीदों के प्रति गहरे सम्मान और कृतज्ञता का भाव है।
नवरात्रि पर माँ को श्रद्धा के फूल चढ़ाने वाली शायरी का अर्थ क्या है?
'सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में... आओ मिलकर चढ़ाएं माँ को श्रद्धा के फूल' पंक्ति नवरात्रि के पावन मौके पर माँ के चरणों में विनम्र भक्ति और नमन अर्पित करती है। यह भक्तों की उस भावना को दर्शाती है जो खुद को माँ के चरणों की धूल मानकर श्रद्धा से सिर झुकाते हैं।
श्रद्धा शब्द इन दोनों शायरियों में किस भाव को जोड़ता है?
एक ओर वीर सैनिकों के प्रति श्रद्धांजलि है तो दूसरी ओर माँ के चरणों में श्रद्धा के फूल अर्पित करने की भक्ति- दोनों में समर्पण और आदर का एक ही धागा जुड़ा है। यह दिखाता है कि श्रद्धा चाहे शहीदों के लिए हो या ईश्वर के लिए, उसकी गहराई Ham जैसे सामूहिक भाव से कम नहीं होती।

Ek sher yahan Navratri ke pavan avsar par maa ke charno ki dhool bankar unhe shraddha ke phool chadhane ka bhakti bhaav bayan karta hai. Aage Apne aur Haath shayari bhi padhein.