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Sardi Shayari

Sardi ke saath yaadein bhi ghani ho jaati hain.

Sardi shayari mein November ki dastak se ishq ka khumaar dhire-dhire badhta mehsoos hota hai, aur thand jitni badhti hai shayari utni hi jam si jaati hai. Isi ehsaas mein Chand shayari bhi padhein.

Sardi Shayari - Thand Aur Yaadon Ke Sher

नवंबर, अब के तेरे आने की खबर तक नहीं हमको !
वगरना तू बाद में आता था, सर्दी पहले हो जाती थी !

Navambar, ab ke tere aane kee khabar tak nahin hamako !
Vagarana too baad mein aata tha, sardee pahale ho jaatee thee !

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नवंबर की सर्दी सा है
इश्क़ उसका...
हौले हौले बढ़ रहा है
कोई खुमार हो जैसा...

Navambar kee sardee sa hai
Ishq usaka...
Haule haule badh raha hai
Koee khumaar ho jaisa...

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ठिठुर रहा है बदन साँस थम सी गई है

ठिठुर रहा है बदन साँस थम सी गई है
आज सर्दी बहुत है शायरी जम सी गई है !!

Thithur raha hai badan saans tham see gaee hai
Aaj sardee bahut hai shaayaree jam see gaee hai !!

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इस सर्दी ने तो और भी धुंधली कर दी है दुनिया
तेरी यादों के कोहरे का असर पहले क्या कम था....!!!

Is sardee ne to aur bhee dhundhalee kar dee hai duniya
Teree yaadon ke kohare ka asar pahale kya kam tha....!!!

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2 Line Shayari

फिर से तेरी यादें…मेरे दिल के दरवाजे पे खड़ी हैं…
वही मौसम,वही सर्दी,वही दिलकश ‘जनवरी’ है…!!

Fir se teri yaade, mere dil ke darwaze pe khadi hai,
Wahi mausam, wahi sardi, wasi dilkash January hai !!

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Frequently Asked Questions

नवंबर में सर्दी के आने की खबर तक न होने और पहले जल्दी सर्दी होने की याद दिलाने वाली शायरी कौन सी है?
"नवंबर, अब के तेरे आने की खबर तक नहीं हमको ! वगरना तू बाद में आता था, सर्दी पहले हो जाती थी !" — यह शायरी नवंबर से शिकायत करती है कि अब उसके आने की खबर तक नहीं मिलती, जबकि पहले वह जल्दी आ जाया करती थी और सर्दी पहले ही हो जाती थी।
नवंबर की सर्दी की तरह धीरे-धीरे बढ़ते इश्क़ के खुमार की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"नवंबर की सर्दी सा है इश्क़ उसका... हौले हौले बढ़ रहा है कोई खुमार हो जैसा..." — यह शायरी इश्क़ की तुलना नवंबर की सर्दी से करती है, जो हौले-हौले किसी खुमार की तरह बढ़ता चला जाता है।
बदन के ठिठुरने और सांस थमने जितनी सर्दी में शायरी के भी जम जाने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"ठिठुर रहा है बदन साँस थम सी गई है आज सर्दी बहुत है शायरी जम सी गई है !!" — यह शायरी इतनी ठिठुरन भरी सर्दी का बयान करती है कि बदन ठिठुर रहा है, सांस थम सी गई है, और मानो शायरी भी जम सी गई है।
सर्दी के दुनिया को और धुंधला कर देने और यादों के कोहरे का असर पहले से ही होने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"इस सर्दी ने तो और भी धुंधली कर दी है दुनिया तेरी यादों के कोहरे का असर पहले क्या कम था....!!!" — यह शायरी कहती है कि इस सर्दी ने दुनिया को और धुंधला कर दिया है, जबकि यादों के कोहरे का असर तो पहले से ही कम नहीं था।
Sardi से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप 2 Line, Chand, January और Maa शायरी पढ़ सकते हैं।

Ek sher yahan yeh bhi kehta hai ki is thand ne duniya ko aur dhundhla kar diya hai, jaise yaadon ka kohra pehle se kam nahi tha. Aage 2 Line aur Aankh shayari bhi padhein.