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Kalam Shayari

Jo kalam se nasha kare, wahi asli shayar hai.

Ye kalam shayari raat ki khamoshi mein likhi gayi un lines ki baat karti hai jo sirf kalam ke saath jaagti hain. Dil ki gehrai kalam se hi kaagaz tak pahunchti hai.

Kalam Shayari - Kalam Ki Taaqat, Shayar Ka Sach

मेरे जीने के लिए तेरा अरमान ही काफी है,
दिल की कलम से लिखी ये दास्तां ही काफी है,
तीर-ए-तलवार की तुझे क्या जरूरत,
कत्ल करने के लिए तेरी मुस्कान ही काफी है।
😘❤️💯🌹🌹

Mere jeene ke lie tera aramaan hee kaaphee hai,
Dil kee kalam se likhee ye daastaan hee kaaphee hai,
Teer-e-talavaar kee tujhe kya jaroorat,
Katl karane ke lie teree muskaan hee kaaphee hai.
😘❤💯🌹🌹

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हो न हो ये कोई सच बोलने वाला है क़तील,
जिसके हाथों में कलम, पाँव में जंजीरें हैं।

~ क़तील शिफ़ई

Ho na ho ye koee sach bolane vaala hai qateel,
Jisake haathon mein kalam, paanv mein janjeeren hain.

~ qateel shifee

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जब दुनिया ये सारी सोती है,
बस कलम साथ मेरे होती है

Jab duniya ye saaree sotee hai,
Bas kalam saath mere hotee hai

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फ़लक पे भोर की दुल्हन यूँ सज के आई है,
ये दिन उगा है या सूरज के घर सगाई है,
अभी भी आते हैं आँसू मेरी कहानी में,
कलम में शुक्र-ए- खुदा है कि ‘रौशनाई’ है

Falak pe bhor kee dulhan yoon saj ke aaee hai,
Ye din uga hai ya sooraj ke ghar sagaee hai !!
Abhi bhee aate hain aansoo meree kahaanee mein,
Kalam mein shukr-e- khuda hai ki ‘raushanaee’ hai !!

Kumar Vishwas

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2 Line Shayari

जब कागज़ पर लिखा मैंने माँ का नाम

जब कागज़ पर लिखा मैंने माँ का नाम,
कलम अदब से बोल उठी हो गए चारों धाम..!!

Jab kaagaz par likha mainne maan ka naam,
Kalam adab se bol uthee ho gae chaaron dhaam..!!

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जैसे जैसे तू हसीन दिखने लगी है

जैसे जैसे तू हसीन दिखने लगी है,
मेरी कलम और भी अच्छी शायरी लिखने लगी है।

Jaise jaise too haseen dikhane lagee hai,
Meree kalam aur bhee achchhee shaayaree likhane lagee hai.

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ए मेरी कलम इतना सा अहसान कर दे

ए मेरी कलम इतना सा अहसान कर दे
कह ना पाई जो जुबान वो बयान कर दे।

E meree kalam itana sa ahasaan kar de
Kah na paee jo jubaan vo bayaan kar de.

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जब जब मैंने लिखा कागज पे माँ पापा का नाम

जब जब मैंने लिखा कागज पे माँ पापा का नाम ...!!

कलम अदब से कह उठी हो गया चारो धाम...!!

Jab jab mainne likha kaagaj pe maan paapa ka naam ...!!

Kalam adab se kah uthee ho gaya chaaro dhaam...!!

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होंठो के बीच ना रखा करो तुम कलम को,
गजल नशीली होकर लडखडाती हुई निकलती है।

Hontho ke beech na rakha karo tum kalam ko,
Gajal nasheelee hokar ladakhadaatee huee nikalatee hai.

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Dard-bhari Shayari

यह शायरी लिखना उनका काम नहीं;
जिनके दिल आँखों में बसा करते हैं;
शायरी तो वो शख्श लिखता है;
जो शराब से नहीं कलम से नशा करता है।

Yah shaayaree likhana unaka kaam nahin;
Jinake dil aankhon mein basa karate hain;
Shaayaree to vo shakhsh likhata hai;
Jo sharaab se nahin kalam se nasha karata hai.

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हरे रंग को खुश करने में
तुमने भगवा को नीलाम किया
अरे सियासी कलमुहो ये बहुत घिनोना काम किया
खत्म करनी तुम्हारी नोटनकी है
भगवा मेरी जान है !

Hare rang ko khush karane mein
Tumane bhagava ko neelaam kiya
Are siyaasee kalamuho ye bahut ghinona kaam kiya
Khatm karanee tumhaaree notanakee hai
Bhagava meree jaan hai !

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तु मुझसे मेरे गुनाहों का हिसाब ना मांग मेरे खुदा
मेरी तकदीर लिखने में, कलम तो तेरी ही चली थी।

Tu mujhase mere gunaahon ka hisaab na maang mere khuda
Meree takadeer likhane mein, kalam to teree hee chalee thee.

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कलम के कीड़े हैं हम जब भी मचलते हैं,
खुरदुरे कागज पे रेशमी ख्वाब बुनते हैं।

Kalam ke keede hain ham jab bhee machalate hain,
Khuradure kaagaj pe reshamee khvaab bunate hain.

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हर पन्ने पर रंग है मेरी वफाओ का...
मेरी कलम से पूछ मोहब्बत किसे कहते हैं ।।

Har panne par rang hai meree vaphao ka...
Meree kalam se poochh mohabbat kise kahate hain ..

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Dil Shayari

बेहतरीन ज़रिया है कागज़ और कलम भी दर्द बयां करने का

बेहतरीन ज़रिया है कागज़ और कलम भी दर्द बयां करने का
सब कुछ कह देना और न आहें न आँसु

Behatareen zariya hai kaagaz aur kalam bhee dard bayaan karane ka
Sab kuchh kah dena aur na aahen na aansu

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कलम की बानगी भी काबिले तारीफ है

कलम की बानगी भी काबिले तारीफ है
जज़्बातों को बेहतरीन आवाज़ दे जाती है....

Kalam kee baanagee bhee kaabile taareeph hai
Jazbaaton ko behatareen aavaaz de jaatee hai....

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कलम छीन लो इनसे

कलम छीन लो इनसे...
ये अल्फाज़ दिल चीर देते है.

Kalam chheen lo inase...
Ye alphaaz dil cheer dete hai.

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कलम थामना भी सुक़ून दे जाता है

कलम थामना भी सुक़ून दे जाता है
जब दर्द अल्फाज़ों में चुपचाप बह जाता है......

Kalam thaamana bhee suqoon de jaata hai
Jab dard alphaazon mein chupachaap bah jaata hai......

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कविता लिख रही थी गरीबी पर,,,
कलम ही बेचनी पड़ी अंत मे...

Kavita likh rahee thee gareebee par,,,
Kalam hee bechanee padee ant me...

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Haar Shayari

टूटी कलम और गैरों से जलन
हमें खुद का भाग्य लिखने नहीँ देती !!

Tootee kalam aur gairon se jalan
Hamen khud ka bhaagy likhane naheen detee !!

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Frequently Asked Questions

कलम शायरी में कलम को दिल से क्यों जोड़ा जाता है?
कलम शायरी में कलम को दिल से इसलिए जोड़ा जाता है क्योंकि जो बात ज़ुबान से नहीं कही जा सकती, वो दिल की कलम से आसानी से लिखी जा सकती है, जैसे “दिल की कलम से लिखी ये दास्तां ही काफी है” पंक्ति में कहा गया है। दिल के इन गहरे जज़्बातों को समझने के लिए Dil शायरी भी पढ़ी जा सकती है।
रात में कलम के साथी होने वाली शायरी का क्या मतलब है?
रात में कलम के साथी होने वाली शायरी का मतलब है कि जब पूरी दुनिया सो जाती है, तब भी एक लेखक या शायर की कलम उसके साथ जागती रहती है और उसके अकेलेपन की गवाह बनती है, जैसे “जब दुनिया ये सारी सोती है, बस कलम साथ मेरे होती है” पंक्ति में दिखता है। बीते कल की यादों को भी अक्सर ऐसी ही रातों में कलम शब्द देती है, इसके लिए Kal शायरी भी पढ़ी जा सकती है।
कतील शिफई के शेर में कलम और जंजीरों का क्या मतलब है?
कतील शिफई के शेर में कलम और जंजीरों का मतलब है कि सच बोलने वाला शायर भले ही पाँव में जंजीरों जैसी पाबंदियों में जकड़ा हो, फिर भी उसके हाथ की कलम कभी नहीं रुकती, जैसे “जिसके हाथों में कलम, पाँव में जंजीरें हैं” पंक्ति में कहा गया है। हर तरह की हार और पाबंदी के आगे भी न झुकने के इस जज़्बे के लिए Haar शायरी भी पढ़ी जा सकती है।
कलम पर शायरी में दर्द और शुक्र दोनों का भाव कैसे साथ आता है?
कलम पर शायरी में दर्द और शुक्र दोनों का भाव इसलिए साथ आता है क्योंकि कलम सिर्फ खुशियां ही नहीं, बल्कि आँसुओं से भरी कहानियां भी लिखती है, फिर भी शायर उस रोशनाई के लिए खुदा का शुक्र अदा करता है, जैसे “अभी भी आते हैं आँसू मेरी कहानी में, कलम में शुक्र-ए-खुदा है” पंक्ति में कहा गया है। ऐसे ही दर्द भरे भावों के लिए Dard-bhari शायरी भी पढ़ी जा सकती है।
कलम शायरी 2 लाइन में इतनी असरदार क्यों लगती है?
कलम शायरी 2 लाइन में इतनी असरदार लगती है क्योंकि सिर्फ दो पंक्तियों में ही कलम की ताकत, दर्द और जज़्बात पूरी तरह समा जाते हैं। दिल तक सीधे पहुंचने वाली इन छोटी लेकिन गहरी पंक्तियों के लिए 2 Line शायरी का कलेक्शन भी देखा जा सकता है।

Kai sher kalam ko maa ke naam jaisa pavitra maante hain, to kai isse shayar ki asli pehchaan batate hain. Dard-bhari aur Haar shayari isi jazbe ko aage badhati hain.