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Pighal Shayari

The moment coldness finally gives way.

These lines lean on melting as a metaphor for surrender, a wax heart against a glass one, a stubborn silence that finally breaks under someone's warmth. It reads well next to Berukhi shayari, which covers the coldness before the melt.

Pighal Shayari: Hindi Lines on a Heart Melting

सच है कि मुझे संभलना होगा,
टूट कर बिखरने से बचना होगा।
सीने में जल रही है जो आग,
वो आज काफी नहीं है,
आज पत्थर को भी पिघलना होगा।

Sach Hai Ki Mujhe Sambhlna Hoga,
Toot Kar Bikharne Se Bachana Hoga.
Seene Mein Jal Rahi Hai Jo Aag,
Wo Aaj Kaafi Nahin Hai,
Aaj Patthar Ko Bhi Pighalna Hoga.

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कांच के दिल थे जिनके उनके दिल टूट गए,
हमारा दिल था मोम का पिघलता ही चला गया।

Kaanch Ke Dil The Jinke Unke Dil Toot Gaye,
Hamara Dil Tha Mom Ka Pighalta Hi Chala Gaya.

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कोई कब तक महज सोचे, कोई कब तक महज गाये
इलाही क्या ये मुमकिन है के कुछ ऐसा भी हो जाये.
मेरा महताब उसकी रात के आगोश में पिघले.
में उसकी नींद में जागूँ वो मुझमे घुल के सो जाये.

Koee kab tak mahaj soche, koee kab tak mahaj gaaye
Ilaahee kya ye mumakin hai ke kuchh aisa bhee ho jaaye.
Mera mahataab usakee raat ke aagosh mein pighale.
Mein usakee neend mein jaagoon vo mujhame ghul ke so jaaye.

Kumar Vishwas

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चलो यूं करें तुम मोम बन जाओ मैं धागा बन जाऊं

चलो यूं करें तुम मोम बन जाओ मैं धागा बन जाऊं,
तुम मुझ में पिघल जाओ मैं तुम में जल जाऊं..!!

Chalo yoon karen tum mom ban jao main dhaaga ban jaoon,
Tum mujh mein pighal jao main tum mein jal jaoon..!!

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2 Line Shayari

एकांत को पिघला कर उसमें व्यस्त रहता हूँ...
इन्सान हूँ मुरझा कर भी मस्त रहता हूँ....

Ekaant ko pighala kar usamen vyast rahata hoon...
Insaan hoon murajha kar bhee mast rahata hoon....

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ख्वाब शीशे के थे पिघल गये,
"जिंदगी"तेरी आँच ज्यादा थी....!!

Khvaab sheeshe ke the pighal gaye,
"jindagee"teree aanch jyaada thee....!!

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गर्मी तो बहुत पड़ रही है.....
फिर भी तेरा दिल पिघलने का नाम नहीं ले रहा !!

Garmee to bahut pad rahee hai.....
Phir bhee tera dil pighalane ka naam nahin le raha !!

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वो मुहब्बत थी मेरी जो पिघल रही थी

वो मुहब्बत थी मेरी, जो पिघल रही थी
क़तरा क़तरा तुम्हारी यादों की आँच में...!!!!

Vo muhabbat thee meree, jo pighal rahee thee
Qatara qatara tumhaaree yaadon kee aanch mein...!!!!

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भरी सख्ती मिजाज़ों में नहीं पैदायशी यूँ हम

भरी सख्ती मिजाज़ों में, नहीं पैदायशी यूँ हम .....
किसी की बेरूखी झेली, पिघल के फिर जमे हैं हम

Bharee sakhtee mijaazon mein, nahin paidaayashee yoon ham .....
Kisee kee berookhee jhelee, pighal ke phir jame hain ham

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Aankh Shayari

आँखों से पानी गिरता है तो गिरने दीजिये..
कोई पुरानी तमन्ना पिघल रही होगी...

Aankhon se paanee girata hai to girane deejiye..
Koee puraanee tamanna pighal rahee hogee...

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तेरी सलामी में आज वो बर्फ भी पिघल गई होगी,
जिसकी लाख कोशिशों के बाद भी तूने हथियार नहीं डाले...

Teree salaamee mein aaj vo barph bhee pighal gaee hogee,
Jisakee laakh koshishon ke baad bhee toone hathiyaar nahin daale...

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कुछ लोग पिघल कर मोम की तरह रिश्ते निभाते है...
और कुछ लोग आग बनकर उन्हें जलाते ही जाते है....!!

Kuchh log pighal kar mom kee tarah rishte nibhaate hai...
Aur kuchh log aag banakar unhen jalaate hee jaate hai....!!

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पलक से पानी गिरा है तो उसको गिरने दो,
कोई पुरानी तमन्ना पिघल रही है पिघलने दो....

Palak se paanee gira hai to usako girane do,
Koee puraanee tamanna pighal rahee hai pighalane do....

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जरा सा भी नही पिघलता दिल तेरा,
इतना क़ीमती पत्थर कहाँ से ख़रीदा !!

Jara sa bhee nahee pighalata dil tera,
Itana qeematee patthar kahaan se khareeda !!

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Berukhi Shayari

वो लफ्ज कहाँ से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें

वो लफ्ज कहाँ से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें,
मेरा वजूद पिघल रहा है तेरी बेरूखी से !!

Wo laphj kahaan se laoon jo tere dil ko mom kar den,
Mera vajood pighal raha hai teree berookhee se !!

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Frequently Asked Questions

पिघलना शायरी में 'पत्थर का पिघलना' किस जज्बे को दिखाता है?
इस विषय की एक मशहूर शायरी में लिखा है, "सीने में जल रही है जो आग, वो आज काफी नहीं है, आज पत्थर को भी पिघलना होगा।" यहाँ पिघलना कमजोरी नहीं बल्कि उस दृढ़ता का प्रतीक है जो हर मुश्किल हालात को तोड़ देती है - मन को टूटने से बचाकर आगे बढ़ने का हौसला। ऐसे जज्बाती अंदाज़ की और शायरी आपको Dil सेक्शन में मिलेगी।
मोम और कांच के दिल वाली शायरी का क्या अर्थ है?
एक शेर में तुलना की गई है - "कांच के दिल थे जिनके उनके दिल टूट गए, हमारा दिल था मोम का पिघलता ही चला गया।" यानी कांच का दिल टूट जाता है जबकि मोम का दिल दर्द सहते हुए भी पिघलता रहता है, कभी टूटता नहीं। यह भावनात्मक सहनशीलता और गहरे प्रेम की मिसाल है।
पिघलना शायरी सिर्फ दर्द की बात करती है या इश्क़ की भी?
नहीं, इस विषय की शायरी में रूमानियत भी उतनी ही गहराई से आती है। जैसे, "मेरा महताब उसकी रात के आगोश में पिघले, में उसकी नींद में जागूँ वो मुझमे घुल के सो जाये" - यहाँ पिघलना दो दिलों के एक-दूसरे में घुल-मिल जाने, गहरे Love जैसे जुड़ाव का प्रतीक बनकर आता है।
'मोम और धागा' वाली शायरी में पिघलने का क्या मतलब निकाला गया है?
एक शेर में लिखा है, "चलो यूं करें तुम मोम बन जाओ मैं धागा बन जाऊं, तुम मुझ में पिघल जाओ मैं तुम में जल जाऊं।" यह दो प्रेमियों के आपस में इस कदर घुल जाने की बात करता है कि दोनों का वजूद एक-दूसरे में समा जाए - मोम और बाती की तरह साथ जलने और पिघलने का रिश्ता।
छोटी और असरदार पिघलना शायरी कहाँ मिलेगी?
"कांच के दिल थे जिनके उनके दिल टूट गए, हमारा दिल था मोम का पिघलता ही चला गया" जैसी दो-पंक्ति की शायरियाँ अपने कम शब्दों में गहरी बात कह जाती हैं। ऐसी संक्षिप्त पर असरदार रचनाएं 2 Line सेक्शन में देखी जा सकती हैं।

A few verses flip the image toward resilience instead, hardening again after the melt. Continue the theme with Dil shayari.