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Raunak Shayari

Kisi ki mojoodgi se hi mehke jahan ki raunak.

Raunak shayari mein wo lines hain jo kisi khaas insaan ki mojoodgi se bikharti chamak ki baat karti hain, saath hi purani galiyon aur tyoharon ki khoyi hui raunak ko bhi yaad karti hain. Ek aur mizaaj ke liye Dil shayari bhi try karein.

Raunak Shayari - Chehre Aur Shehar Ki Raunak

सामने बैठे हो तुम और अब निगाहें थकती
नहीं निहारने से हालात संघिन थे मेरे, रौनक
बची है सिर्फ तुम्हारे संवारने से.

Samne bethe ho tum aur ab
nihagein thakti nahi niharte se
halat sanghit the mere ronak
bachi ha sirf tumhare sanwarne se..

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दिल्ली कहाँ गईं तिरे कूचों की रौनक़ें
गलियों से सर झुका के गुज़रने लगा हूँ मैं !!

(कूचों = सकड़ी गलियों)

Dilli kahan gai tire koochon ki raunkein
Galiyon se sar jhuka ke gujarne laga hun main

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ईद है उस खुदा का नायाब तोहफा

आया है आज का दिन ये मुबारक
सजी है रौनकों की महफ़िल हर तरफ
ईद है उस खुदा का नायाब तोहफा
आप सबको हमारी तरफसे ईद मुबारक.

Aaya hai aaj ka din ye mubaarak
Sajee hai raunakon kee mahafil har taraph
Eed hai us khuda ka naayaab tohapha
Aap sabako hamaaree taraphase eed mubaarak.

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शहर का तब्दील होना शाद रहना और उदास

शहर का तब्दील होना, शाद रहना और उदास...
रौनक़ें जितनी यहाँ हैं औरतों के दम से हैं...!!

Shahar ka tabdeel hona, shaad rahana aur udaas...
Raunaqen jitanee yahaan hain auraton ke dam se hain...!!

Shayari by Munir Niazi

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2 Line Shayari

तेरे वजूद से है मेरे गुलिस्तां में रौनकें सारी

तेरे वजूद से है, मेरे गुलिस्तां में रौनकें सारी;
तेरे बगैर इस दुनिया को, हम वीरान लिखते हैं!

Tere vajood se hai, mere gulistaan mein raunaken saaree;
Tere bagair is duniya ko, ham veeraan likhate hain!

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चेहरे की सारी रौनक उड़ जायेगी जनाब
हंसते रहिये जब तक इश्क नहीं होता...!!

Chehare kee saaree raunak ud jaayegee janaab
Hansate rahiye jab tak ishk nahin hota...!!

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सबक लिया है ज़िन्दगी से हुज़ूर...
रौनकें आई हैं कई अंधेरों से निकलकर...!!

Sabak liya hai zindagee se huzoor...
Raunaken aaee hain kaee andheron se nikalakar...!!

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Frequently Asked Questions

प्रिय की मौजूदगी वाली रौनक शायरी का भाव क्या है?
इस पंक्ति में शायर कहता है कि उसकी मुश्किल भरी जिंदगी में जो थोड़ी भी रौनक बची है, वह सिर्फ सामने बैठे प्रिय के संवारने से है। यह दिखाता है कि किसी अपने का साथ ही असली रौनक होता है, चाहे हालात कितने भी संगीन क्यों न हों।
दिल्ली की रौनक खोने वाली शायरी में क्या दर्द छिपा है?
'दिल्ली कहाँ गईं तिरे कूचों की रौनक़ें' पंक्ति में शायर पुरानी दिल्ली की उस चहल-पहल को याद करता है जो अब गलियों से गायब हो चुकी है। सिर झुकाकर गुजरना उस बदली हुई पहचान पर उदासी को दर्शाता है, जिसे Delhi शायरी में और भी गहराई से महसूस किया जा सकता है।
ईद पर लिखी रौनक शायरी किस मौके की बात करती है?
'आया है आज का दिन ये मुबारक, सजी है रौनकों की महफ़िल हर तरफ' पंक्ति ईद के त्योहार की खुशियों और रौनक से भरी महफिलों को बयां करती है। यह खुदा के तोहफे के रूप में इस दिन को मुबारकबाद देने का भाव लिए हुए है, जिसे Khuda शायरी के जज़्बे से भी जोड़ा जा सकता है।
औरतों के दम से रौनक वाली शायरी का संदेश क्या है?
'रौनक़ें जितनी यहाँ हैं औरतों के दम से हैं' पंक्ति शहर की खुशहाली और चहल-पहल का श्रेय सीधे तौर पर महिलाओं को देती है। यह एक सामाजिक सोच वाली शायरी है जो शहर के शाद और उदास रहने दोनों को स्त्री शक्ति से जोड़कर देखती है।
रौनक पर लिखी शायरियाँ किस अंदाज़ में मिलती हैं?
इस कलेक्शन में 2 Line जैसे छोटे अंदाज़ से लेकर त्योहारों की बधाई तक, कई रंग शामिल हैं, जो हर Din की रौनक को अलग नजरिए से दिखाते हैं। प्रेम, शहर, और त्योहार तीनों भाव यहाँ एक साथ मिलते हैं।

Kai sher yahan andheron ke baad lauti raunak ki baat bhi karte hain, jo zindagi ke utaar-chadhav ko khoobsurati se dikhate hain. Related pages, Delhi aur 2 Line shayari.