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Raat Shayari - Raat Ke Sabse Sachche Pehar

Raat mein hi khulti hai dil ki sabse sacchi baat.

पूरा शहर सो जाता है, पर दिल जागता रहता है - यही वक़्त है जब Raat shayari की हर लाइन जन्म लेती है। करवटें बदलती रातें, यादों में डूबी नींद, और ख़ामोशी में गुज़रता वक़्त। रात का यही सन्नाटा अक्सर सबसे सच्ची बात कहलवाता है। तनहाई से जुड़ी बात के लिए Alone भी पढ़ें।

Raat Shayari - Raaton Mein Jagi Yaadein
हर रात आपके पास उजाला हो

हर रात आपके पास उजाला हो,
हर कोई आपका चाहने वाला हो,
वक़्त गुजर जाये उनकी यादो के सहारे..
ऐसा कोई आप के सपनो को सजाने वाला हो।
!!शुभ रात्रि!!

Har raat aapake paas ujaala ho,
Har koee aapaka chaahane vaala ho,
Vaqt gujar jaaye unakee yaado ke sahaare..
Aisa koee aap ke sapano ko sajaane vaala ho.
!!shubh raatri!!

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आ कि तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मैं
जैसे हर शै में किसी शै की कमी पाता हूँ मैं

Aa ki tujh bin is tarah ai dost ghabaraata hoon main
Jaise har shai mein kisee shai kee kamee paata hoon main

Jigar Moradabadi

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रात जब किसी की याद सताए

रात जब किसी की याद सताए,
हवा जब बालों को सहलाए,
कर लो आँखे बंद और सो जाओ,
क्या पता जिस का है ख़याल,
वो खवाबो मे आ जाए!!

Raat jab kisee kee yaad satae,
Hava jab baalon ko sahalae,
Kar lo aankhe band aur so jao,
Kya pata jis ka hai khayaal,
Vo khavaabo me aa jae!!

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ऐ चाँद मेरे दोस्त को एक तोहफा देना

ऐ चाँद मेरे दोस्त को एक तोहफा देना,
तारो की महफ़िल संग रोशनी देना,
छुपा लेना अंधेरे को,
हर रात के बाद एक खूबसूरत सवेरा देना!! शुभ रात्रि !!

Ai chaand mere dost ko ek tohapha dena,
Taaro kee mahafil sang roshanee dena,
Chhupa lena andhere ko,
Har raat ke baad ek khoobasoorat savera dena!! shubh raatri !!

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कुदरत के करिश्मे में अगर रात ना होती

कुदरत के करिश्मे में अगर रात ना होती,
तो खवाबो में यूँ मुलाकात ना होती,
हर रिश्ते की वजह ये दिल ही है,
अगर ये दिल ना होता तो कोई बात ही ना होती!!

Kudarat ke karishme mein agar raat na hotee,
To khavaabo mein yoon mulaakaat na hotee,
Har rishte kee vajah ye dil hee hai,
Agar ye dil na hota to koee baat hee na hotee!!

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तुम भूल गए मुझे चलो अच्छा ही हुआ,
किसी एक की रातें तो सुकुन से गुजरे।

Tum bhool gae mujhe chalo achchha hee hua,
Kisee ek kee raaten to sukun se gujare.

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तन्हाई की चादर औढकर रातों को नींद नहीं आती हमें..
साहब.. गुज़र जाती है हर रात किसीकी बातों को याद करते करते।

Tanhaee kee chaadar audhakar raaton ko neend nahin aatee hamen..
Saahab.. guzar jaatee hai har raat kiseekee baaton ko yaad karate karate.

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मुद्दत से एक रात भी अपनी नहीं हुई
हर शाम कोई आया उठा ले गया मुझे

Muddat se ek raat bhee apanee nahin huee
Har shaam koee aaya utha le gaya mujhe

Krishan Bihari ‘Noor’

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जो मौत से ना डरता था बच्चों से डर गया

जो मौत से ना डरता था बच्चों से डर गया,
एक रात खाली हाथ जब मजदूर घर गया.

Jo maut se na darata tha bachchon se dar gaya,
Ek raat khaalee haath jab majadoor ghar gaya.

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जहां हर दिन सिसकना है जहां हर रात गाना है !!
हमारी ज़िन्दगी भी एक तवायफ का घराना है !!

Jahaan har din sisakana hai jahaan har raat gaana hai !!
Hamaaree zindagee bhee ek tavaayaph ka gharaana hai !!

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चीखे घर के द्वार की लकड़ी हर बरसात

चीखे घर के द्वार की लकड़ी हर बरसात
कटकर भी मरते नहीं, पेड़ों में दिन-रात

Cheekhe ghar ke dvaar kee lakadee har barasaat
Katakar bhee marate nahin, pedon mein din-raat

Shayari by Nida Fazli

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घर को खोजें रात दिन घर से निकले पाँव

घर को खोजें रात दिन घर से निकले पाँव
वो रस्ता ही खो गया जिस रस्ते था गाँव

Ghar ko khojen raat din ghar se nikale paanv
Vo rasta hee kho gaya jis raste tha gaanv

Shayari by Nida Fazli

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बूढ़ा पीपल घाट का, बतियाए दिन-रात
जो भी गुज़रे पास से, सिर पे रख दे हाथ

Boodha peepal ghaat ka, batiyae din-raat
Jo bhee guzare paas se, sir pe rakh de haath

Shayari by Nida Fazli

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इस नदी की धार में ठंडी हवा तो आती हैं,
नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो हैं.

Is nadee kee dhaar mein thandee hava to aatee hain,
Naav jarjar hee sahee, laharon se takaraatee to hain.

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कितने ऐश उड़ाते होंगे कितने इतराते होंगे

कितने ऐश उड़ाते होंगे कितने इतराते होंगे
जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे

Kitane aish udaate honge kitane itaraate honge
Jaane kaise log vo honge jo us ko bhaate honge

Jaun Elia

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हाल मेरा भी दिन रात कुछ ऐसा है इन दिनों,
वो ज़िन्दगी में आते भी नहीं और ख्यालों से जाते भी नहीं।

Haal mera bhee din raat kuchh aisa hai in dinon,
Vo zindagee mein aate bhee nahin aur khyaalon se jaate bhee nahin.

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आधी रात नु दिल दी देहलीज उते
इक सूपना आन खलो जाँदा
आ बेहन्दे हो सिरहाने तुसी
सोना मुस्किल हो जाँदा है
प्यार तेरे दा दर्द वे सजना
मेरी नाड़ी नाड़ी टओ जाँदा
रब दी सो में तेनु प्यार नी कीता
ऐ ता अपने आप ही हो जाँदा

Aadhee raat nu dil dee dehaleej ute
Ik soopana aan khalo jaanda
Aa behande ho sirahaane tusee
Sona muskil ho jaanda hai
Pyaar tere da dard ve sajana
Meree naadee naadee tao jaanda
Rab dee so mein tenu pyaar nee keeta
Ai ta apane aap hee ho jaanda

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पी के रात को हम उनको भुलाने लगे,
शराब में गम को मिलाने लगे,
दारू भी बेवफा निकली यारों,
नशे में तो वो और भी याद आने लगे!!

Pee ke raat ko ham unako bhulaane lage,
Sharaab mein gam ko milaane lage,
Daaroo bhee bevapha nikalee yaaron,
Nashe mein to vo aur bhee yaad aane lage!!

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मैं, मेरी तन्हाई, मेरा दर्द और तेरी यादें,
हर रात एक ही तकिये पर सोते हैं इकट्ठे होकर।

Main, meree tanhaee, mera dard aur teree yaaden,
Har raat ek hee takiye par sote hain ikatthe hokar.

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सारे सितारे फ़लक से ज़मीं पर जब उतर कें आयेंगे,
फिर हम तेरी यादों के साथ रात भर दिवाली मनायेंगे।

Saare sitaare falak se zameen par jab utar ken aayenge,
Phir ham teree yaadon ke saath raat bhar divaalee manaayenge.

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Frequently Asked Questions

रात शायरी में बाबा अमरनाथ को याद करने वाला शेर किस भावना से भरा है?
यह शेर श्रद्धा और भरोसे का भाव लिए है, जहाँ भक्त मानता है कि बाबा अमरनाथ का साथ हो तो रात का अंधेरा और दर्द दोनों हल्के पड़ जाते हैं। पंक्ति है, "न दर्द की चिंता, न ग़म की बात, जब साथ हो बाबा अमरनाथ !! हर मोड़ पर तू रहनुमा बने, तेरे नाम से ही सवर जाए रात !!" यह आस्था और सुकून की भावना को बड़ी सादगी से बयां करता है।
दीवारों के आहट सुनने वाला रोमांटिक शेर क्या कहता है?
यह शेर रात की खामोशी में उठने वाली भीतरी बेचैनी को मोहब्बत के आने की खुशखबरी में बदलते हुए दिखाता है। पंक्ति है, "कल रात दीवारों ने मेरे मन की आहट सुन ली, सुबह उठा तो मोहबत मेरे सामने खड़ी थी !!" यह एहसास Khwab से जुड़ी शायरी जैसा ही जादुई और उम्मीद भरा है।
लौट आने की तमन्ना और चौकन्ना रहने वाली पंक्ति किस एहसास को दिखाती है?
यह पंक्ति इंतजार की उस बेचैनी को बयां करती है जो दिन-रात एक जैसी बनी रहती है, "हर रोज़ करते है तुम्हारे लौट आने की तमन्ना, इसलिए दिन रात रहने लगे अब चौकन्ना !!" यह Tanha इंतजार और उम्मीद के बीच झूलते मन की तस्वीर है।
"दिन धुंधला है, रात नशीली है" वाला शेर शहर के बारे में क्या कहता है?
यह पंक्ति शहर की जिंदगी को एक रहस्यमयी और थोड़ी नशीली कहानी की तरह पेश करती है, जहाँ दिन धुंधला और रातें अजीब सी खिंचाव भरी होती हैं। शेर है, "दिन धुंधला है, रात नशीली है, ऐसी कहानी कुछ इस शहर की है !!" यह Khamoshi से जुड़ी शायरी जैसा ही एक गहरा, मौन एहसास छोड़ता है।
क्या रात शायरी सिर्फ उदासी की बात करती है?
नहीं, रात शायरी में भक्ति, इंतजार, रोमांस और शहर की जिंदगी तक, कई रंग शामिल हैं, जैसा ऊपर के अलग-अलग शेरों में देखा जा सकता है। यह विषय Judaa जैसी जुदाई की भावना से लेकर मोहब्बत के मीठे इंतजार तक, रात के हर पहलू को छूता है।

बिछड़ने और ख़ामोशी के जज़्बात के लिए Judaa और Khamoshi सेक्शन भी देखें।