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Jariya Shayari

Nazariya badlo, nazara badal jayega.

Jariya shayari do dhaage jodti hai - ek taraf woh nazariya jo Aaj ki soch aur zindagi dekhne ka tareeka badal deta hai, doosri taraf kagaz-kalam jaisa jariya jo dil ki baat bayaan karta hai.

Jariya Shayari - Nazariya Badle, Zindagi Badle

सब कुछ वैसा ही है कुछ नही बदला,
बदला है तो बस नजरिया एक दूसरे को देखने का।

Sab kuchh vaisa hee hai kuchh nahee badala,
Badala hai to bas najariya ek doosare ko dekhane ka.

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बुरी नजर से ना देख मुझे यूँ देखने वाले....
मैं लाख बुरा सही तू अपना नजरिया खऱाब न कर....

Buree najar se na dekh mujhe yoon dekhane vaale....
Main laakh bura sahee too apana najariya kharaab na kar....

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आज सोचा तो नजरिया कुछ कुछ समझ आया

आज सोचा तो नजरिया कुछ कुछ समझ आया...
बना लिये थे मजबूत रिश्ते कुछ कमजोर लोगो से...!!

Aaj socha to najariya kuchh kuchh samajh aaya...
Bana liye the majaboot rishte kuchh kamajor logo se...!!

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बेहतरीन ज़रिया है कागज़ और कलम भी दर्द बयां करने का

बेहतरीन ज़रिया है कागज़ और कलम भी दर्द बयां करने का
सब कुछ कह देना और न आहें न आँसु

Behatareen zariya hai kaagaz aur kalam bhee dard bayaan karane ka
Sab kuchh kah dena aur na aahen na aansu

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2 Line Shayari

कोई मुझे अच्छा तो कोई बुरा भी कहता है ,
इंसान कुछ नहीं कहता नज़रिया कहता है..!!

Koee mujhe achchha to koee bura bhee kahata hai ,
Insaan kuchh nahin kahata nazariya kahata hai..!!

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सबका अपना नज़रिया है नज़रिये से ज़िन्दगी है,,,
जो समेटने जाओगे तो ये बिखरती चली जायेगी।।।

Sabaka apana nazariya hai nazariye se zindagee hai,,,
Jo sametane jaoge to ye bikharatee chalee jaayegee...

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ना बुरा होगा, ना बढ़िया होगा,
होगा वैसा, जैसा नजरिया होगा

Na bura hoga, na badhiya hoga,
Hoga vaisa, jaisa najariya hoga

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दरिया बन कर किसी को डुबाने से बेहतर है,
जरिया बनकर किसी को बचाया जाए !!

Dariya ban kar kisee ko dubaane se behatar hai,
Jariya banakar kisee ko bachaaya jae !!

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Frequently Asked Questions

"जरिया/नजरिया" शब्द का इस्तेमाल इस शायरी में किस भाव के लिए हुआ है?
यहाँ "नजरिया" का मतलब देखने का नज़रिया या सोच है। जैसे पंक्ति कहती है — "सब कुछ वैसा ही है कुछ नही बदला, बदला है तो बस नजरिया एक दूसरे को देखने का।" यह बताती है कि हालात नहीं, बल्कि लोगों को देखने का नज़रिया बदल जाता है।
बुरी नज़र से देखे जाने पर शायर क्या जवाब देता है?
"बुरी नजर से ना देख मुझे यूँ देखने वाले.... मैं लाख बुरा सही तू अपना नजरिया खऱाब न कर...." यह पंक्ति आत्मसम्मान के साथ यह कहती है कि भले ही दूसरे Bura समझें, अपनी सोच को नकारात्मक नहीं बनने देना चाहिए।
रिश्तों को लेकर सोच बदलने की बात इस पंक्ति में कैसे कही गई है?
"आज सोचा तो नजरिया कुछ कुछ समझ आया... बना लिये थे मजबूत रिश्ते कुछ कमजोर लोगो से...!!" यह पंक्ति दिखाती है कि कभी-कभी हम गलत लोगों पर भरोसा करके मजबूत रिश्तों की उम्मीद बना लेते हैं, जिसका एहसास बाद में होता है।
कागज़-कलम को दर्द बयां करने का ज़रिया क्यों कहा गया है?
"बेहतरीन ज़रिया है कागज़ और कलम भी दर्द बयां करने का, सब कुछ कह देना और न आहें न आँसु" यह पंक्ति बताती है कि जब दर्द ज़ुबान से नहीं कहा जा सकता, तो लिखना उसे बयां करने का सबसे असरदार और खामोश ज़रिया बन जाता है — यह भाव Dard-bhari शायरी की मूल भावना से भी मेल खाता है।
इस थीम की शायरी किस अंदाज़ में सबसे ज्यादा पढ़ी जाती है?
गहरी सोच और भावनाओं से भरी यह शायरी अक्सर Hindi शायरी या संक्षिप्त 2 Line अंदाज़ में शेयर की जाती है।

Kisi ko Bura na samajhne ki soch ho ya doobte hue ko bachane wala jariya banne ki chahat, yeh Dard-bhari shayari nazariya aur jariya dono ko khoobsurati se piroti hai.