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Gumaan Shayari

Gumaan tootta hai tab pata chalta hai kaun apna tha.

Gumaan shayari mein baar-baar aaina dekhne wali khoobsurati ke gumaan ki baat hoti hai, to kabhi khaali jeb ke bawajood phoola rehne wale ghamand ki. Isi aaine mein Aaina shayari bhi padhein.

यूँ बार बार निहारती हो आईना,
ख़ूबसूरती पे गुमान है.. या शक।

Yoon baar baar nihaaratee ho aaeena,
Khoobasooratee pe gumaan hai.. ya shak.

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ये भी इक रंग है शायद मेरी मेहरुमी का
कोई हंस दे तो मोहब्बत का गुमान होता है

Ye bhee ik rang hai shaayad meree meharumee ka
Koee hans de to mohabbat ka gumaan hota hai

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बटुए को कहाँ मालूम पैसे उधार के हैं...
वो तो बस फूला ही रहता है अपने गुमान में।।

Batue ko kahaan maaloom paise udhaar ke hain...
Vo to bas phoola hee rahata hai apane gumaan mein..

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झुके थे तेरे आगे बीके नहीं थे.
जो इतना गुमान कर गयी.

Jhuke the tere aage beeke nahin the.
Jo itana gumaan kar gayee.

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2 Line Shayari

गुमान था कि कोई दुश्मन जान नही ले सकता..
दोस्त के वार का तो ख्याल तक न था..

Gumaan tha ki koee dushman jaan nahee le sakata..
Dost ke vaar ka to khyaal tak na tha..

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Frequently Asked Questions

बार-बार आईना निहारने पर खूबसूरती के गुमान या शक होने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"यूँ बार बार निहारती हो आईना, ख़ूबसूरती पे गुमान है.. या शक।" — यह शायरी बार-बार आईना निहारने वाले पर तंज कसते हुए पूछती है कि यह खूबसूरती का गुमान है या फिर शक।
किसी के हंस देने को मोहब्बत का गुमान मान लेने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"ये भी इक रंग है शायद मेरी मेहरुमी का कोई हंस दे तो मोहब्बत का गुमान होता है" — यह शायरी अपनी बेरुखी को एक रंग बताते हुए कहती है कि कोई हंस भर दे तो उसे मोहब्बत का गुमान होने लगता है।
उधार के पैसों से भरे बटुए के भी अपने गुमान में फूले रहने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"बटुए को कहाँ मालूम पैसे उधार के हैं... वो तो बस फूला ही रहता है अपने गुमान में।। " — यह शायरी व्यंग्य करती है कि बटुए को यह नहीं मालूम कि उसमें पैसे उधार के हैं, वह तो बस अपने गुमान में फूला रहता है।
तेरे आगे झुकने के बावजूद बिकने से इनकार करते हुए इतना गुमान करने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"झुके थे तेरे आगे बीके नहीं थे. जो इतना गुमान कर गयी." — यह शायरी कहती है कि हम तेरे आगे झुके ज़रूर थे पर बिके नहीं थे, फिर भी तूने इतना गुमान कर लिया।
Gumaan से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप Aaina, Apne, Dost और Haar शायरी पढ़ सकते हैं।

Ek sher yahan yeh bhi kehta hai ki dushman se jaan bachane ka gumaan tha magar dost ke vaar ka khayal hi nahi tha, isliye jhuke zaroor magar bike kabhi nahi. Aage Dost aur Apne shayari bhi padhein.