पसंद अनमोल वचन
पसंद और स्वीकृति के बीच का फासला अक्सर सोच का फर्क होता है।
असली समझदारी यही है कि आप अपनी बुराई सुनकर सीखें, तारीफ सुनकर नहीं रुकें - पसंद अनमोल वचन इसी सोच से शुरू होते हैं। यहां चुनाव आपका है, चाहे वह किसी मौके को हासिल करना हो या जो मिला है उसे अपनाना। इसी भाव से जुड़े विचार Shayari में भी पढ़े जा सकते हैं।
समझदार व्यक्ति हमेशा खुदकी प्रशंसा ना सुनकर बुराइयाँ सुनना पसंद करता है।
Samjhdar vyakti hamesha khudki prashansha na sunkar buraiyan sunna pasand karta hai.
हर प्रॉब्लम के दो सोल्युशन होते हैं.. भाग लो..(run away) भाग लो..(participate) पसंद आपको ही करना हैं।
Popular Shayari Topics for You.
शानदार जिंदगी जीने के 2 ही तरीके हैं
– जो पसंद है उसे हासिल करो
– नहीं तो जो हासिल है उसे पसंद करो
