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Aaj Shayari - Sirf Aaj, Sirf Abhi

Kal jo bhi tha, aaj shayari sirf is pal ki baat karti hai.

कल भी ज़िंदा था और आज भी है, बस दिल के जीने का ढंग बदल गया है - इस एहसास से लेकर बंद अलमारी में झांकते बचपन के खिलौनों की याद तक, aaj shayari बीते और वर्तमान पल के फ़र्क को बड़ी सादगी से दिखाती है। यही मूड Aajkal में भी मिलता है।

Aaj Shayari - Sirf Is Pal Ka Ehsaas

सौ खामियाँ मुझमे सही मगर, इक खूबी भी है,
अपनों को आज तक पराया नहीं किया !!

Sau khaamiyaan mujhame sahee magar, ik khoobee bhee hai,
Apanon ko aaj tak paraaya nahin kiya !!

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“न जाने किसने पढ़ी है मेरे हक़ में दुआ,
आज तबियत में जरा आराम सा है!”

“na jaane kisane padhee hai mere haq mein dua,
Aaj tabiyat mein jara aaraam sa hai!”

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तेरा नाम था आज किसी अजनबी की ज़ुबान पे
बात तो ज़रा सी थी पर दिल ने बुरा मान लिया

Tera naam tha aaj kisee ajanabee kee zubaan pe
Baat to zara see thee par dil ne bura maan liya

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जाओ माफ किया आज हमने तुम्हें अब,
खुद को माफ कर सको तो कर लेना..

Jao maaph kiya aaj hamane tumhen ab,
Khud ko maaph kar sako to kar lena..

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गुमनाम बहुत हैं आज भी वतन पर जान देने वाले,
कुछ लोग वतन को कोस कर मशहूर हुए जा रहे हैं !!

Gumanaam bahut hain aaj bhee Watan par jaan dene vaale,
Kuchh log Watan ko kos kar mashahoor hue ja rahe hain !!

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समझदार मैं एक हूँ बाक़ी सब नादान,
इसी भरम में आजकल घूम रहा इंसान !!

Samajhadaar main ek hoon baaqee sab naadaan,
Isee bharam mein aajakal ghoom raha insaan !!

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मुद्दतो बाद आज फिर परेशान हुआ है दिल,
जाने किस हाल में होगा मुझसे रुठने वाला !!

Muddato baad aaj phir pareshaan hua hai dil,
Jaane kis haal mein hoga mujhase ruthane vaala !!

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Frequently Asked Questions

आज शायरी में यह शब्द किन-किन भावों के साथ आता है?
आज शायरी में यह शब्द तीज जैसे त्योहारों की खुशियों, ज़िन्दगी में मिले किसी खास तोहफे, किसी के लिए अनसुलझे एहसास और बचपन की यादों जैसे कई भावों के साथ आता है।
हरियाली तीज पर आज घर-आंगन में खुशियों की बात इस शायरी में कैसे कही गई है?
'हरियाली तीज आई है, संग खुशियों की सौगात लाई है !! मेंहदी लगे, साज-सिंगार हो, भक्ति में झूमे हर घर-आंगन आज हो !!' पंक्ति में हरियाली तीज को खुशियों की सौगात लेकर आने वाला त्योहार बताया गया है।
आज मिले ज़िन्दगी के तोहफे की बात इस शायरी में कैसे कही गई है?
'मिला है आज मुझे ज़िन्दगी का वो तोहफा, जिसे पाने के लिए किसी और ने की थी तमन्ना !!' पंक्ति में शायर बताता है कि उसे आज एक ऐसा तोहफा मिला है जिसकी चाहत किसी और ने भी की थी।
किसी के लिए बेचैनी या सुकून समझ ना आने की उलझन इस शायरी में कैसे बयां हुई है?
'तुम मेरी बेचैनी हो या सुकून, आज तक समझ नहीं पाया मैं !!' पंक्ति में शायर आज तक यह तय नहीं कर पाया कि सामने वाला उसके लिए बेचैनी की वजह है या सुकून की।
बचपन के खिलौनों की याद और उसके ना लौटने का अफसोस इस शायरी में कैसे बयां हुआ है?
'खिलौने आज भी झांकते हैं, बंद अलमारियों के शीशों से !! बचपन फिर कभी नहीं लौटेगा, ये अफसोस हमें भी है पूरे दिल से !!' पंक्ति में बंद अलमारियों में रखे पुराने खिलौनों को देखकर बचपन के ना लौटने का अफसोस जताया गया है। ऐसी भावुक यादों से जुड़ी और शायरी 2 लाइन शायरी में भी मिलती है।

कभी यह पल दिल की बेचैनी बन जाता है तो कभी अपनों की याद, इसलिए Dil और Apne शायरी भी पढ़ें।