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Tajurba Shayari

Umar se zyada tajurba kabhi bada sabak deta hai.

Tajurba shayari mein yeh baat saaf dikhti hai ki gyaanion ke saath baithne se nahi, bewakoof banne ke baad hi asli tajurba milta hai. Isi sabak mein Bewakoof shayari bhi padhein.

उम्र होती है पुरानी हर दिन...
तजुर्बा रोज़ नया होता है...!!

Umr hotee hai puraanee har din...
Tajurba roz naya hota hai...!!

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कितना भी ज्ञानियों के साथ बैठ लो,
तजुर्बा बेवकूफ बनने के बाद ही मिलता है !!

Kitana bhee gyaaniyon ke saath baith lo,
Tajurba bevakooph banane ke baad hee milata hai !!

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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा...
कुछ ना होगा तो तजुर्बा होगा...!!

kyun dare zindagi me kya hoga... kuchh na hoga to tajurba hoga...!!

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सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ...
वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली...!!

Safar jo dhoop ka kiya to tajurba hua...
Vo jindagee hee kya jo chhaanv chhaanv chalee...!!

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2 Line Shayari

उसका तजुर्बा "भी" तुमसे बड़ा था...
पर तुम सिर्फ उसकी, उम्र देखते रहे...!!

Usaka tajurba "bhee" tumase bada tha...
Par tum sirph usakee, umr dekhate rahe...!!

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Frequently Asked Questions

शायरी के मुताबिक तजुर्बा और उम्र में क्या फर्क बताया गया है?
"उम्र होती है पुरानी हर दिन... तजुर्बा रोज़ नया होता है" के अनुसार जहां उम्र हर दिन पुरानी होती जाती है, वहीं तजुर्बा हर दिन नया मिलता रहता है।
क्या सिर्फ ज्ञानी लोगों के साथ बैठने से तजुर्बा मिल जाता है?
नहीं, "कितना भी ज्ञानियों के साथ बैठ लो, तजुर्बा बेवकूफ बनने के बाद ही मिलता है" के अनुसार असली तजुर्बा तभी मिलता है जब इंसान खुद बेवकूफ बनने का अनुभव करे।
जिंदगी में डर को लेकर तजुर्बे की क्या सीख दी गई है?
"क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा... कुछ ना होगा तो तजुर्बा होगा" पंक्ति में डरने की जगह हर स्थिति को तजुर्बे के तौर पर स्वीकार करने की सीख दी गई है।
धूप के सफर से तजुर्बे का क्या संबंध बताया गया है?
"सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ... वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली" के अनुसार मुश्किल हालातों से गुजरने पर ही असली तजुर्बा मिलता है, सिर्फ आराम या छांव में चलने से नहीं।
यह तजुर्बा शायरी कलेक्शन जिंदगी के किन पहलुओं को समेटता है?
यह कलेक्शन उम्र, ज्ञान, डर और मुश्किल सफर जैसे पहलुओं को तजुर्बे से जोड़कर दिखाता है कि असली सीख अनुभव से ही मिलती है, किताबी ज्ञान से नहीं।

Ek sher yahan yeh bhi kehta hai ki dhoop ka safar hi asli tajurba deta hai, chhaon mein chalne wali zindagi adhoori hoti hai. Aage Dhup aur Dar shayari bhi padhein.