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Sharminda Shayari

Dignity that refuses to bow

These sharminda shayari lines are about the shame that belongs to the other side, the ones who mock you, betray you, or throw mud, while you stay standing. There's a bit of Chaah shayari energy in here too, for hearts that still hope.

Sharminda Shayari - Shame & Self-Respect Lines

प्रताप का सिर कभी नहीं झुका,
इस बात से अकबर भी शर्मिंदा था,
मुगल कभी चैन से सो न सके
जब तक मेवाड़ी राणा जिन्दा था.

Pratap ka sir kabhee nahin jhuka,
Is baat se akabar bhee sharminda tha !!
Mugal kabhee chain se so na sake,
Jab tak mevaadee raana jinda tha !!

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नफ़रत करते तो.. अहमियत बढ़ जाती उनकी,
मैंने.. माफ़ कर के उनको शर्मिंदा कर दिया।

Nafarat karate to, ahamiyat badh jati unki,
Mene, maaf kar ke unako sharminda kar diya !!

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हमनें दुनिया में मोहब्बत का असर ज़िंदा किया है...
हमनें नफ़रत को गले मिल-मिल के शर्मिंदा किया है...!!

Hamanen duniya mein mohabbat ka asar zinda kiya hai...
Hamanen nafarat ko gale mil-mil ke sharminda kiya hai...!!

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हाँ मैं शर्मिंदा हूँ, मुझे अच्छा नहीं होना था,,,
बहरूपियों के बीच मे, मुझे सच्चा नहीं होना था...

Haan main sharminda hoon, mujhe achchha nahin hona tha,,,
Baharoopiyon ke beech me, mujhe sachcha nahin hona tha...

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2 Line Shayari

हम पर कीचड़ फेंकने वाले शर्मिंदा रहेंगे,,,
हम शान से ज़िंदा थे ज़िंदा हैं ज़िंदा रहेंगे...

Ham par keechad phenkane vaale sharminda rahenge,,,
Ham shaan se zinda the zinda hain zinda rahenge...

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ख़्वाब टूटे हैं, मगर हौसले तो ज़िंदा हैं,
हम वो शक्स है, जहाँ मुश्किलें शर्मिंदा हैं.

Khvaab toote hain, magar hausale to zinda hain,
Ham vo shaks hai, jahaan mushkilen sharminda hain.

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दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे

दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे...
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों...!!

Dushmanee jam kar karo lekin ye gunjaish rahe...
Jab kabhee ham dost ho jaen to sharminda na hon...!!

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कैसे मिलेंगे हमें चाहने वाले बताइये,
दुनिया खड़ी है राह में दीवार की तरह,
वो बेवफ़ाई करके भी शर्मिंदा ना हुए,
सजाएं मिली हमें गुनहगार की तरह।

Kaise milenge hamen chaahane vaale bataiye,
Duniya khadee hai raah mein deevaar kee tarah,
Vo bevafaee karake bhee sharminda na hue,
Sajaen milee hamen gunahagaar kee tarah.

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हम बेक़सूर लोग भी बड़े दिलचस्प होते हैं

हम बेक़सूर लोग भी बड़े दिलचस्प होते हैं,
शर्मिंदा हो जाते हैं ख़ता के बग़ैर भी !!

Ham beqasoor log bhee bade dilachasp hote hain,
Sharminda ho jaate hain khata ke bagair bhee !!

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Frequently Asked Questions

महाराणा प्रताप और अकबर वाली शर्मिंदा शायरी में क्या गौरव है?
'प्रताप का सिर कभी नहीं झुका, इस बात से अकबर भी शर्मिंदा था... जब तक मेवाड़ी राणा जिन्दा था' पंक्ति महाराणा प्रताप की अडिग स्वाभिमानी वीरता का गुणगान करती है, जिसके आगे मुगल सल्तनत भी बेचैन रही। यह भारतीय इतिहास के गर्व भरे अध्याय को याद दिलाने वाली शायरी है।
माफ करके शर्मिंदा करने वाली शायरी का भाव क्या है?
'नफ़रत करते तो.. अहमियत बढ़ जाती उनकी, मैंने.. माफ़ कर के उनको शर्मिंदा कर दिया' पंक्ति बताती है कि बदला लेने से बेहतर माफी है, क्योंकि माफी सामने वाले को असली एहसास दिलाती है। यह बड़प्पन और समझदारी से जवाब देने की सीख है।
नफरत को गले मिलकर शर्मिंदा करने वाली शायरी में क्या संदेश है?
'हमनें दुनिया में मोहब्बत का असर ज़िंदा किया है... हमनें नफ़रत को गले मिल-मिल के शर्मिंदा किया है' पंक्ति मोहब्बत को नफरत से जीतने का सबसे असरदार तरीका बताती है। यह Dost शायरी जैसी सकारात्मक और मिलनसार सोच को दर्शाती है।
'हाँ मैं शर्मिंदा हूँ, मुझे अच्छा नहीं होना था' पंक्ति में क्या तंज छिपा है?
यह पंक्ति उस विडंबना पर व्यंग्य करती है जहाँ नकली और बहरूपिये लोगों के बीच सच्चा और Achchha होना ही मानो एक गलती बन जाता है। यह समाज में सच्चाई की कीमत पर एक कड़वी टिप्पणी है।
शर्मिंदा पर लिखी शायरियाँ किन भावों को समेटती हैं?
इस कलेक्शन में ऐतिहासिक गौरव, माफी की ताकत, मोहब्बत की जीत और सच्चाई पर तंज तक कई भाव मिलते हैं, जो Dil को छूने वाले अलग-अलग नजरिए पेश करते हैं। हर पंक्ति शर्मिंदा शब्द को नए संदर्भ में इस्तेमाल करती है।

Some lines look back at history's quiet defiance, others at everyday grudges turned into grace. Read more Achchha shayari or short 2 Line verses for similar strength.