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Kapde Shayari

Naye kapdon se lekar aakhri libaas tak, har kapda ek kahani kehta hai.

Kapde shayari in Hindi mein kabhi Diwali par naye kapdon ki chahat dikhti hai, to kabhi chhat par baar-baar kapde sukhane aane wali ke bahane chhupa pyaar. Isi andaaz mein Attitude shayari bhi padhein.

Kapde Shayari - Zindagi Ke Rangon Ke Sher

कफन मे लिपटा देखकर माथा चूम के मेरे दोस्त मुझसे बोले..
अरे पागल, नऐ कपडे पहन लिये तो क्या अब बात भी नही करेगा।

Kaphan me lipata dekhakar maatha choom ke mere dost mujhase bole..
Are paagal, naai kapade pahan liye to kya ab baat bhee nahee karega.

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कपड़े सुखाने उसने गिनती के चार थे

कपड़े सुखाने उसने गिनती के चार थे...
सौ बार छत पे आई और मै न समझ सका..!!

Kapade sukhaane usane ginatee ke chaar the...
Sau baar chhat pe aaee aur mai na samajh saka..!!

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में ज़ख़्म हूँ, जाकर गले लगूँ किस से...!!
नमक से तर कपडे, यहाँ पहने हैं सभी ने...!!

Mein zakhm hoon, jaakar gale lagoon kis se...!!
Namak se tar kapade, yahaan pahane hain sabhee ne...!!

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लिबास उधड़ने लगा है ज़िन्दगी का ,
सोचता हूँ इस दीवाली नए कपडे ले लूँ !!

Libaas udhadane laga hai zindagee ka ,
Sochata hoon is deevaalee nae kapade le loon !!

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2 Line Shayari

वो जो कपडे बदलने का शौक रखते थे
आखिरी वक्त न कह पाये कफ़न ठीक नही.....

Vo jo kapade badalane ka shauk rakhate the
Aakhiree vakt na kah paaye kafan theek nahee.....

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Frequently Asked Questions

kapde shayari in hindi में 'कपड़े' शब्द का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है?
इस टॉपिक की शायरी में कपड़े महज कपड़े नहीं, जिंदगी और रिश्तों के रूपक बन जाते हैं - जैसे एक शेर में लिबास के उधड़ने को जिंदगी के टूटने से जोड़ा गया है और दिवाली पर नए कपड़ों की चाह नई शुरुआत की चाह बन जाती है। यह अंदाज़ छोटी 2 line shayari पसंद करने वालों को खास तौर पर पसंद आता है।
कफन और नए कपड़ों पर दोस्त के मज़ाकिया अंदाज़ की kapde shayari कौन सी है?
"कफन मे लिपटा देखकर माथा चूम के मेरे दोस्त मुझसे बोले.. अरे पागल, नऐ कपडे पहन लिये तो क्या अब बात भी नही करेगा।" पंक्तियां कफन में लिपटे देखकर भी दोस्त के मज़ाकिया अंदाज़ को दिखाती हैं। इसी दोस्ती के भाव पर Dost शायरी भी देखी जा सकती है।
क्या इसमें दोस्ती से जुड़ी कोई शायरी भी है?
हां, एक मशहूर शेर में दोस्त कफन में लिपटे व्यक्ति का माथा चूमकर मजाक में कहता है कि नए कपड़े पहन लिए तो अब बात नहीं करोगे - यह मौत और दोस्ती के गहरे रिश्ते को हल्के-फुल्के अंदाज़ में दिखाता है। ऐसी सच्ची यारी वाली लाइनें dost shayari में भी मिलेंगी।
छत पर कपड़े सुखाने के बहाने मिलने वाली रोमांटिक शायरी क्या कहती है?
"कपड़े सुखाने उसने गिनती के चार थे... सौ बार छत पे आई और मै न समझ सका..!!" पंक्तियां बताती हैं कि सिर्फ चार कपड़े सुखाने के बहाने वह सौ बार छत पर आई, पर इशारा समझा नहीं गया।
इसमें कोई रोमांटिक या मासूम प्रेम वाली शायरी भी है?
बिल्कुल, एक शेर में लड़की छत पर कपड़े सुखाने के बहाने सौ बार आती है, पर लड़का उसकी बात समझ नहीं पाता - यह अनकहे प्यार और चाहत की मासूम कहानी है। ऐसी चुपचाप जताई गई chaah shayari पढ़ने वालों को यह लाइन खूब पसंद आएगी।
ज़ख्म और नमकीन कपड़ों का ज़िक्र करने वाली शायरी में क्या भाव है?
"में ज़ख़्म हूँ, जाकर गले लगूँ किस से...!! नमक से तर कपडे, यहाँ पहने हैं सभी ने...!!" पंक्तियां कहती हैं कि यहां सभी अपने ज़ख्मों के नमक से तर कपड़े पहने हुए हैं, यानी हर किसी का अपना दर्द है।
kapde shayari in hindi में दर्द या जख्म का जिक्र भी होता है क्या?
हां, एक शेर में खुद को जख्म बताते हुए कहा गया है कि नमक से तर कपड़े यहां सबने पहने हैं - यानी हर किसी के पास अपने हिस्से का दर्द है, बस दिखाने का तरीका अलग-अलग है। यह तेवर attitude shayari पसंद करने वालों को भी पसंद आएगा।
दीवाली पर नए कपड़ों की चाह से जुड़ी kapde par shayari यहां है क्या?
हां, "लिबास उधड़ने लगा है ज़िन्दगी का , सोचता हूँ इस दीवाली नए कपडे ले लूँ !!" पंक्तियां ज़िंदगी के उधड़ते लिबास को इस दीवाली नए कपड़ों से बदलने की चाह बयां करती हैं। इसी चाह के भाव पर Chaah शायरी भी देखी जा सकती है।
क्या इस कलेक्शन में आज के दौर से जुड़ी या पारिवारिक शायरी भी शामिल है?
इस विषय की कुछ पंक्तियां आज की जिंदगी की उलझनों को दिखाती हैं, जैसे दिवाली पर नए कपड़ों की चाह के जरिए नई उम्मीद जगाने की बात - ऐसी ताजा सोच के लिए aaj shayari देखी जा सकती है। रिश्तों की गर्माहट पसंद करने वालों के लिए bahan shayari भी अच्छा विकल्प है।
kapde shayari in hindi के इस संग्रह में कुल मिलाकर कैसा अंदाज़ है?
यहां कफन जैसे गहरे विषय पर मज़ाक, छत पर मिलने का रोमांस, ज़ख्मों का दर्द और दीवाली की नई शुरुआत जैसे अलग-अलग अंदाज़ मिलते हैं। आज के अंदाज़ की और शायरी के लिए Aaj कलेक्शन भी देखा जा सकता है।

Ek sher yahan zindagi ke ujadte libaas ko bhi naye kapdon ki chahat se jodta hai, to doosra namak se tar kapdon mein chhupe zakhm ki baat karta hai. Aage 2 Line aur Aaj shayari bhi padhein.