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Jhul Shayari

Nafrat bhi jhulati hai, mohabbat bhi kam jhoola nahi jhulati.

Jhul shayari mein log nafrat ko buri cheez batate hain, lekin mohabbat ne bhi kaunsa kam jhoola jhulaya hai, is pyare tanz ko bayan kiya gaya hai. Isi andaaz mein Aankh shayari bhi padhein.

Jhul Shayari - Pyar Ke Jhoole Ke Sher

जिसकी आँखो के आगे,किसान पेड़ पे झूल गया,
देख आईना तू भी बन्दे,कल जो किया वो भूल गया.

Jisakee aankho ke aage,kisaan ped pe jhool gaya,
Dekh aaeena too bhee bande,kal jo kiya vo bhool gaya.

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लोग कहते हैं नफ़रत ख़राब चीज़ है

लोग कहते हैं नफ़रत ख़राब चीज़ है,
तो मोहब्बत ने कौनसा झूला झुलाया है हमे

Log kahate hain nafarat kharaab cheez hai,
To mohabbat ne kaunasa jhoola jhulaaya hai hame

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Frequently Asked Questions

किसान की मौत पर आधारित पंक्ति इस संग्रह में क्या संदेश देती है?
एक मार्मिक पंक्ति में कहा गया है, ‘जिसकी आँखो के आगे,किसान पेड़ पे झूल गया, देख आईना तू भी बन्दे,कल जो किया वो भूल गया.’ यह पंक्ति समाज की उस उदासीनता पर तीखा व्यंग्य करती है जहां किसान की मौत की गंभीरता को लोग भूल जाते हैं। इससे जुड़े भाव Aaina और Bhool शायरी में भी मिलते हैं।
मोहब्बत और नफ़रत को लेकर इस संग्रह में क्या दिलचस्प बात कही गई है?
एक पंक्ति में हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा गया है, ‘लोग कहते हैं नफ़रत ख़राब चीज़ है, तो मोहब्बत ने कौनसा झूला झुलाया है हमे’ - यानी मोहब्बत ने भी कम तकलीफ नहीं दी, बल्कि झूले की तरह हिचकोले खिलाए हैं। इसी भाव को Cheej शायरी में भी महसूस किया जा सकता है।
क्या यह शायरी संग्रह सामाजिक मुद्दों और प्रेम दोनों को छूता है?
जी हां, इस संग्रह में एक ओर किसान की पीड़ा जैसी सामाजिक संवेदनशीलता है, तो दूसरी ओर मोहब्बत के उतार-चढ़ाव का हल्का-फुल्का जिक्र भी है। दोनों भाव संक्षिप्त रूप में लिखे गए हैं, जिन्हें 2 Line शायरी शैली में देखा जा सकता है।

Ek sher yahan mohabbat ke is jhoole mein khushi aur dard dono ka ehsaas ek saath jhulte rehne ki baat karta hai. Aage Aaina aur 2 Line shayari bhi padhein.