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Itavaar Shayari

Ek din ka sukoon, jaldi guzar jaaye

Itwaar ka din poora aaram karne ka wada hota hai, ek achhi saheli ki tarah baaton ke bazaar se bhara hua - yeh sukoon is topic ki shayari mein saaf jhalakta hai. Isi din ki baat Din mein bhi milegi.

Itavaar Shayari - Chhutti Ke Din Ka Sukoon

दीदी को नमस्ते भैया को प्रणाम,
इतवार को करना फुल आराम !!

Didi ko namaste Bhaiya ko pranaam,
Itavaar ko karana full aaraam !!

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सुकून भरी इतवार सी थी,
बातों के बाज़ार सी थी !!
थी ठिकाना हंसी ठहाकों की,
एक सहेली मेरी ढाल सी थी !!

Sukoon bharee itavaar see thee,
Baaton ke baazaar see thee !!
Thee thikaana hansee thahaakon kee,
Ek sahelee meree dhaal see thee !!

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दिल मेरा इश्क करने पे रजामंद रहेगा,
इतवार के दिन अस्पताल बंद रहेगा.

Dil mera ishk karane pe rajaamand rahega,
Itavaar ke din aspataal band rahega.

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अब तो इतवार में भी कुछ यूँ हो गयी है मिलावट.
छुट्टी तो दिखती है पर सुकून नजर नहीं आता.

Ab to itavaar mein bhee kuchh yoon ho gayee hai milaavat.
Chhuttee to dikhatee hai par sukoon najar nahin aata.

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2 Line Shayari

जगा दिया सुबह तेरी याद ए उल्फत ने वरना

जगा दिया सुबह तेरी याद-ए-उल्फत ने वरना,
आज इतवार था..बहुत देर तक सोते हम !!

Jaga diya subah teree yaad-e-ulphat ne varana,
Aaj itavaar tha..bahut der tak sote ham !!

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जिंदगी बहुत हैं शिकवे तुझसे
चल रहने दे छोड सब, आज *इतवार* हैं

Jindagee bahut hain shikave tujhase
Chal rahane de chhod sab, aaj *itavaar* hain

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गहरी गहरी सांसें ले रहा है....
इतवार है.. कुछ घंटों में गुज़र जाएगा

Gaharee gaharee saansen le raha hai....
Itavaar hai.. kuchh ghanton mein guzar jaega

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Frequently Asked Questions

दीदी को नमस्ते और भैया को प्रणाम कहकर इतवार को फुल आराम करने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"दीदी को नमस्ते भैया को प्रणाम, इतवार को करना फुल आराम !!" — यह शायरी हल्के-फुल्के अंदाज़ में इतवार के दिन को दीदी-भैया के अभिवादन के साथ पूरा आराम करने का दिन बताती है।
सुकून भरी इतवार को बातों के बाज़ार और हँसी-ठहाकों का ठिकाना बताने वाली शायरी कौन सी है?
"सुकून भरी इतवार सी थी, बातों के बाज़ार सी थी !! थी ठिकाना हंसी ठहाकों की, एक सहेली मेरी ढाल सी थी !!" — यह शायरी सुकून भरी इतवार की तुलना बातों के बाज़ार से करती है, जहाँ एक सहेली हंसी-ठहाकों की ढाल जैसी थी।
इश्क़ करने पर दिल के राज़ी रहने और इतवार के दिन अस्पताल बंद रहने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"दिल मेरा इश्क करने पे रजामंद रहेगा, इतवार के दिन अस्पताल बंद रहेगा." — यह शायरी हल्के व्यंग्य में कहती है कि दिल तो इश्क़ करने को राज़ी है, पर इतवार के दिन अस्पताल बंद रहेगा।
इतवार में भी मिलावट हो जाने और छुट्टी दिखने के बावजूद सुकून न मिलने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"अब तो इतवार में भी कुछ यूँ हो गयी है मिलावट. छुट्टी तो दिखती है पर सुकून नजर नहीं आता." — यह शायरी कहती है कि अब इतवार में भी कुछ मिलावट हो गई है, छुट्टी तो दिखती है पर असली सुकून नज़र नहीं आता।
इतवार से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप Dil, Din और Kuch शायरी पढ़ सकते हैं।

Kabhi itwaar bhi kisi ki yaad dila deta hai, aur kabhi yeh chhutti kuch hi ghanton mein guzar jaati hai - yeh chhoti si udaasi bhi is topic ka hissa hai. Judi hui shayari Aaj aur Dil mein bhi padhein.