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Hatya Shayari

Kabhi kabhi sabse badi hatya khud ke andar hoti hai.

In sheron mein 'hatya' ek prateek hai — kabhi apne hi sapno ko maar dene ka, kabhi zameer ko chup kara dene ka. Isi tarah ke gehre bhavon wale Gunaah shayari bhi dekh sakte hain.

Hatya Shayari: Khwaabon Aur Zameer Ki Baat

मेरी तहरीर में कहानी है मेरी तकदीर की
न जाने कितनी बार हत्या हुई मेरे शरीर की !!

Meree tahareer mein kahaanee hai meree takadeer kee
Na jaane kitanee baar hatya huee mere shareer kee !!

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मेरे प्रेम की हत्या की दो कोशिशें हुईं
पहली चाहत ने की, और दूसरी मैंने।

Mere prem kee hatya kee do koshishen hueen
Pahalee chaahat ne kee, aur doosaree mainne.

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हत्या तो होती ही है.
या तो भावनाओं की, या फिर मर्यादा की !!

Hatya to hotee hee hai.
Ya to bhaavanaon kee, ya phir maryaada kee !!

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देखो हस्ती मिट गई,
मगर इतिहास दोहरा गई;
राजनीति की खातिर फिर,
निर्दोंषों की हत्या हो गई...

Dekho hastee mit gaee,
Magar itihaas dohara gaee;
Raajaneeti kee khaatir phir,
Nirdonshon kee hatya ho gaee...

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Aatmhatya Shayari

हम ही है हत्यारे, सपनो के हमारे
क़त्ल कर के भी यहाँ, बेगुनाह है सारे !!

Ham hee hai hatyaare, sapano ke hamaare
Qatl kar ke bhee yahaan, begunaah hai saare !!

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माँगना धन की मदद
मौत है निज मान की..
अपने ही हाथों हत्या है..
निज स्वाभिमान की !

Maangana dhan kee madad
Maut hai nij maan kee..
Apane hee haathon hatya hai..
Nij svaabhimaan kee !

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किसी की हत्या से भी जघन्य अपराध है
उसकी जिजीविषा की हत्या करना !!

Kisee kee hatya se bhee jaghany aparaadh hai
Usakee jijeevisha kee hatya karana !!

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जानता भी है कि तू क्या लिख रहा,
समाधान लिख रहा या समस्या लिख रहा
लिखना ही है तो लिख दे मौत तू
क्यों हर एक शब्द में मेरी हत्या लिख रहा

Jaanata bhee hai ki too kya likh raha,
Samaadhaan likh raha ya samasya likh raha
Likhana hee hai to likh de maut too
Kyon har ek shabd mein meree hatya likh raha

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जो धरापुत्र का वध कर दे, वह राजपुरूष नाकारा हैं

जो धरापुत्र का वध कर दे, वह राजपुरूष नाकारा हैं,
जिस धरती पर किसान का रक्त गिरे उसका शासक हत्यारा हैं.

Jo dharaaputr ka vadh kar de, vah raajapuroosh naakaara hain,
Jis dharatee par kisaan ka rakt gire usaka shaasak hatyaara hain.

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Desh Shayari

आत्महत्या की चिता पर देखकर किसान को

आत्महत्या की चिता पर देखकर किसान को
नींद कैसे आ रही हैं देश के प्रधान को.

Aatmahatya kee chita par dekhakar kisaan ko
Neend kaise aa rahee hain desh ke pradhaan ko.

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तबायफ ..ने अपनी आत्मकथा लिखने की क्या सोची ......
कि शहर के सारे शरीफो ने आत्महत्या कर ली

Tabaayaph ..ne apanee aatmakatha likhane kee kya sochee ......
Ki shahar ke saare shareepho ne aatmahatya kar lee

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Frequently Asked Questions

राजनीति और इतिहास दोहराने वाली पंक्ति किस सामाजिक चिंता को दिखाती है?
"देखो हस्ती मिट गई, मगर Itihaas दोहरा गई, राजनीति की खातिर फिर, निर्दोंषों की हत्या हो गई" पंक्ति एक सामान्य सामाजिक टिप्पणी है — यह बिना किसी खास घटना या पक्ष का नाम लिए, राजनीतिक स्वार्थ में निर्दोष लोगों के नुकसान की पुनरावृत्ति पर आम अफ़सोस जताती है।
खुद को अपने ही सपनों का हत्यारा कहने वाली पंक्ति का गहरा भाव क्या है?
"हम ही है हत्यारे, सपनो के हमारे, क़त्ल कर के भी यहाँ, बेगुनाह है सारे" पंक्ति आत्म-मंथन का एक मार्मिक उदाहरण है — यह दिखाती है कि कई बार हम खुद ही अपने सपनों और महत्वाकांक्षाओं का Gunaah करते हैं, फिर भी खुद को बेकसूर मान लेते हैं।
"मेरे शरीर की कितनी बार हत्या हुई" पंक्ति पीड़ा को कैसे बयां करती है?
"मेरी तहरीर में कहानी है मेरी तकदीर की, न जाने कितनी बार हत्या हुई मेरे शरीर की" पंक्ति शब्दशः हिंसा की बात नहीं करती, बल्कि बार-बार टूटने और तकदीर की मार सहने के काव्यात्मक दर्द को हत्या के तीव्र बिंब से दर्शाती है।
प्रेम की हत्या की दो कोशिशों वाली पंक्ति दिल टूटने को कैसे दर्शाती है?
"मेरे प्रेम की हत्या की दो कोशिशें हुईं, पहली चाहत ने की, और दूसरी मैंने" पंक्ति एक गहरा भावनात्मक बिंब है — पहले प्रिय की बेवफाई ने प्यार को चोट पहुँचाई, फिर खुद उसे भुलाने की कोशिश ने उसे पूरी तरह खत्म कर दिया।
हत्या शायरी में यह शब्द ज़्यादातर शाब्दिक नहीं, प्रतीकात्मक अर्थ में क्यों इस्तेमाल होता है?
चाहे सपनों का क़त्ल हो, तकदीर की मार हो या टूटा प्यार — यह पूरा संग्रह दिखाता है कि Hindi शायरी में "हत्या" जैसे तीव्र शब्द अक्सर असली हिंसा नहीं, बल्कि भीतरी पीड़ा और टूटन को गहराई से बयां करने का काव्यात्मक औज़ार बनते हैं।

Kai lines yahan khud-sammaan aur pyaar ke tootne ko bhi 'hatya' jaisa bata kar samjhati hain. Hasti ya Desh shayari mein bhi aisi hi soch-samajh wali baat milegi.