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Barbadi Shayari

Barbad hue, par shaan se hue.

Barbadi shayari us Dil ki dastaan hai jo tootne ke baad bhi sar utha kar khada rehta hai - jahan gham ko bhi ek fan ki tarah bayaan kiya jata hai.

Barbadi Shayari - Ishq Ki Khoobsurat Tabahi

तुमको भूलने का समान लिये बैठा हूँ
हांथो में लिए जाम हर शाम बैठा हूँ
किस्सा मुहब्बत का कहूँ या बर्बादी का
तूम्हारी आदत को सरेआम किये बैठा हूँ !!

Tumako bhoolane ka samaan liye baitha hoon
Haantho mein lie jaam har shaam baitha hoon
Kissa muhabbat ka kahoon ya barbaadee ka
Toomhaaree aadat ko sareaam kiye baitha hoon !!

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ज़माना मुंतज़िर था बर्बादी क़ो मेरे
तुम्हें साथ देख़ , ज़माना सकूँ पा गया ।

Zamaana muntazir tha barbaadee qo mere
Tumhen saath dekh , zamaana sakoon pa gaya .

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ना मिलता गम तो बर्बादी के अफसाने कहाँ जाते

ना मिलता गम तो बर्बादी के अफसाने कहाँ जाते,
दुनिया अगर होती चमन तो वीराने कहाँ जाते,
चलो अच्छा हुआ अपनों में कोई ग़ैर तो निकला,
सभी अगर अपने होते तो बेगाने कहाँ जाते।

Na milata gam to barbaadee ke aphasaane kahaan jaate,
Duniya agar hotee chaman to veeraane kahaan jaate,
Chalo achchha hua apanon mein koee gair to nikala,
Sabhee agar apane hote to begaane kahaan jaate.

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पढ़कर तुम अंदाज़ा न लगाना

पढ़कर तुम अंदाज़ा न लगाना
बर्बादी मेरी अभी और भी है...

Padhakar tum andaaza na lagaana
Barbaadee meree abhee aur bhee hai...

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Barbaad Shayari

अपनी वजह ए बर्बादी सुनिए तो मज़े की हे
ख़ुद की ज़िंदगी से यू खेले जेसे दूसरो की हे।

Apanee vajah e barbaadee sunie to maze kee he
Khud kee zindagee se yoo khele jese doosaro kee he.

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मोहब्बत की बर्बादी का क्या अफसाना था,
"दिल के टुकडे हो गये और लोगों ने कहा वाह
क्या निशाना था".

Mohabbat kee barbaadee ka kya aphasaana tha,
"dil ke tukade ho gaye aur logon ne kaha vaah
Kya nishaana tha".

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मुहब्बत में मेरी बर्बादी का भी बड़ा अजीब अफसाना था....
दिल के टुकडे-टुकड़े हो गये और लोगों ने कहा वाह क्या निशाना था...

Muhabbat mein meree barbaadee ka bhee bada ajeeb aphasaana tha....
Dil ke tukade-tukade ho gaye aur logon ne kaha vaah kya nishaana tha...

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वो बोली क्या अब भी हमारी याद आती है,
मैंने भी हंसकर बोला अपनी बर्बादी को कौन भूल सकता है !!

Vo bolee kya ab bhee hamaaree yaad aatee hai,
Mainne bhee hansakar bola apanee barbaadee ko kaun bhool sakata hai !!

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Frequently Asked Questions

समाज की उस फ़ितरत पर क्या तंज़ कसा गया है जो बर्बादी का इंतज़ार करती है?
एक तीखी पंक्ति में कहा गया है, ‘ज़माना मुंतज़िर था बर्बादी क़ो मेरे तुम्हें साथ देख़ , ज़माना सकूँ पा गया ।’ यह पंक्ति समाज की उस फ़ितरत पर व्यंग्य करती है जो किसी के बर्बाद होने का इंतज़ार करता है और साथी को देखकर मानो चैन पाता है।
भूलने की कोशिश और बर्बादी के किस्से को कैसे जोड़ा गया है?
‘तुमको भूलने का समान लिये बैठा हूँ हांथो में लिए जाम हर शाम बैठा हूँ किस्सा मुहब्बत का कहूँ या बर्बादी का तूम्हारी आदत को सरेआम किये बैठा हूँ !!’ यह पंक्ति हर शाम किसी को भुलाने की जद्दोजहद और उस मोहब्बत के बर्बादी में बदलने का किस्सा बयां करती है, जो Bhool शायरी के भाव से भी जुड़ता है।
‘गम न होता तो बर्बादी के अफसाने कहां जाते’ पंक्ति का क्या भाव है?
‘ना मिलता गम तो बर्बादी के अफसाने कहाँ जाते, दुनिया अगर होती चमन तो वीराने कहाँ जाते’ यह पंक्ति दर्शाती है कि गम और बर्बादी भी जीवन का ज़रूरी हिस्सा हैं, वरना दुनिया में कहानियां जन्म ही न लेतीं। आगे यह भी कहा गया है कि अपनों में से ही कोई ग़ैर निकल आता है।
क्या इस संग्रह में बर्बादी की सीमा को लेकर कोई चेतावनी दी गई है?
हां, एक पंक्ति में कहा गया है, ‘पढ़कर तुम अंदाज़ा न लगाना बर्बादी मेरी अभी और भी है...’ यह बताती है कि जो दिखाई या कहा गया है, दर्द उससे भी कहीं ज़्यादा गहरा है। इसी गहराई से जुड़ी रचनाएं Barbaad शायरी में मिलेंगी।
क्या यह शायरियां रिश्तों और कपल्स की कहानियों से भी जुड़ी हैं?
जी हां, इन पंक्तियों में मोहब्बत और रिश्तों के टूटने का दर्द झलकता है, जिससे जुड़े भाव Couple शायरी में भी मिलते हैं, और यह सभी रचनाएं सहज Hindi भाषा में लिखी गई हैं।

Apno ke gair nikalne ka dard ho ya Couple ke bikharte rishte ka kissa, is shayari mein na Bhool paane wali barbadi ki jhalak har sher mein milti hai.