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Shaitan Shayari

Beta shaitan bhale ho, ghar ki jaan wahi hota hai.

Shaitan shayari mein shararat ki dukaan jaisi ek saheli ki pyari yaad hai, aur pita ke liye shaitan bhi beta hi apni jaan hota hai. Isi rishte mein Beta shayari bhi padhein.

थोड़ी सी शैतान भी थी,
शरारत की दुकान सी थी !!
बात-बात पर रोटी थी,
नादान सी मेरी सहेली थी !!

Thodee see shaitaan bhee thee,
Sharaarat kee dukaan see thee !!
Baat-baat par rotee thee,
Naadaan see meree Saheli thee !!

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पिता का अभिमान होता हैं बेटा,
भले शैतान हो पर घर का जान होता है बेटा.

Pita ka abhimaan hota hain beta,
Bhale shaitaan ho par ghar ka jaan hota hai beta.

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क्यों ना सजा दी पेड़ काटने वाले शैतान को
खुदा तूने सजा दे दी सीधे-सादे किसान को.

Kyon na saja dee ped kaatane vaale shaitaan ko
Khuda toone saja de dee seedhe-saade kisaan ko.

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Frequently Asked Questions

शैतान शायरी में किस तरह की भावनाओं को दर्शाया जाता है?
शैतान शायरी में शरारत, प्यार भरी छेड़छाड़ से लेकर समाज पर तीखा व्यंग्य तक कई रंग मिलते हैं। कभी यह किसी अपने की मासूम नादानी को दर्शाती है तो कभी असली बुराई पर करारा तंज कसती है।
दोस्त की शरारत को शैतान से क्यों जोड़ा जाता है?
एक मशहूर शायरी में सहेली को याद करते हुए लिखा गया है, 'थोड़ी सी शैतान भी थी, शरारत की दुकान सी थी!!' - यह दिखाता है कि अपनों की मासूम नादानी को प्यार से 'शैतान' कहकर याद किया जाता है।
बेटे को शैतान कहने वाली शायरी में असल में क्या भाव छुपा है?
'पिता का अभिमान होता हैं बेटा, भले शैतान हो पर घर का जान होता है बेटा' जैसी पंक्तियाँ बताती हैं कि बेटे की शरारतें उसके माता-पिता के अभिमान और घर के जान होने के एहसास को कम नहीं करतीं।
शैतान शायरी में सामाजिक मुद्दों पर व्यंग्य कैसे किया जाता है?
'क्यों ना सजा दी पेड़ काटने वाले शैतान को खुदा तूने सजा दे दी सीधे-सादे किसान को' जैसी शायरी असली शैतानी - पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले - पर तंज कसती है और मेहनती किसान के साथ हुए अन्याय को उजागर करती है।
क्या शैतान शायरी हमेशा नकारात्मक होती है?
नहीं, ज्यादातर शैतान शायरी हल्के-फुल्के, स्नेह भरे अंदाज़ में लिखी जाती है - चाहे वह किसी शरारती दोस्त की बात हो या घर के किसी सदस्य की, यह अपनापन दिखाने का ही एक तरीका है।

Ek sher yahan ped kaatne wale shaitan ko saza na milne aur seedhe kisan ko saza milne ka dard bayan karta hai. Aage Abhimaan aur Daan shayari bhi padhein.