Logo - Feel The Words

Phool Shayari - Kaanton Mein Bhi Khilna

Kaanton ke beech khilna hi phool ka asli husn hai.

काँटों के बीच भी मुस्कुराते रहने का हौसला हो या किसी के आने से काँटे तक फूल बन जाने का एहसास - phool shayari ज़िंदगी और मोहब्बत दोनों को इसी फूल-काँटे के रिश्ते से समझाती है। अपनों के लिए ऐसी बातें Aap शायरी में भी मिलेंगी।

Phool Shayari - Kaanton Ke Beech Khilta Phool

ई फूलन मे अब उ महक कहॉ,
इ राह क अब कवनो मंजिल कहॉ..!
क लेती हम मोम अगर केहू पत्थर दिल होत त,
पर इहां त केहू में इंसानी दिल बा कहॉ !!

Ee phoolan me ab u mahak kaho,
I raah ka ab kavano manjil kaho..!
Ka letee ham mom agar kehoo patthar dil hot ta,
Par ihaan ta kehoo mein insaanee dil ba kaho !!

Read more...

तनहा रहल त मोहबबत करे वाला क रशम-वफा हवे
अगर फूल खुशी खातिर होत त केहू जनाजा पर नाही डालत !!

Tanaha rahal ta mohababat kare vaala ka rasham-vapha have
Agar phool khushee khaatir hot ta kehoo janaaja par naahee daalat !!

Read more...

फूल खिला दे शाखों पर, पेड़ों को फल दे मालिक,
धरती जितनी प्यासी हैं उतना तो जल दे मालिक.

Phool khila de shaakhon par, pedon ko phal de maalik,
Dharti jitni pyasi hain utana to jal de maalik.

Read more...

फूल हैं गुलाब का सुगंध लीजिए,
पहला दिन हैं, नये साल का आनन्द लीजिए।

Phool hain gulaab ka sugandh leejie,
Pahala din hain, naye saal ka aanand leejie.

Read more...

मेरे शरीर से आती है वतन की मिट्टी की खुशबु,
दुश्मन को चाटता हूं धूल,
आसमान को भी भर लूं मुठ्ठी में,
मैं रेगिस्तान में भी खिला दूं फूल !!

Mere sharir se aati hai watan kee mittee kee khushbu,
Dushman ko chaatata hoon dhool !!
Aasamaan ko bhee bhar loon muththee mein,
Main registaan mein bhee khila doon phool !!

Read more...

आज है वो बहार का मौसम,
फूल तोड़ूँ तो हाथ जाम आए।।

Aaj hai vo bahaar ka mausam,
Phool todoon to haath jaam aae..

Read more...

किसी को नसीहत, के फूल देते वक़्त...
खुद उसकी ख़ुशबू, लेना मत भूलिये...!!

Kisee ko naseehat, ke phool dete vaqt...
Khud usakee khushaboo, lena mat bhooliye...!!

Read more...

फूलों में भी कीड़े पाये जाते हैं...
और पत्थरों में भी हीरे पाये जाते हैं...!!

Phoolon mein bhee keede paaye jaate hain...
Aur pattharon mein bhee heere paaye jaate hain...!!

Read more...

सोये थे सारे ख़्वाब, शहर के मचल गये
मुरझाये सारे फूल, गुलसितां के खिल गये
नेताजी हमें आपसे, उम्मीद है बड़ी
तकदीर थी हमारी, हमें आप मिल गये।

Soye the saare khvaab, shahar ke machal gaye
Murajhaaye saare phool, gulasitaan ke khil gaye
Netaajee hamen aapase, ummeed hai badee
Takadeer thee hamaaree, hamen aap mil gaye.

Read more...

चांद से फूल से या मेरी ज़ुबाँ से सुनिए
हर तरफ आपका क़िस्सा हैं जहाँ से सुनिए !!

Chaand se phool se ya meree zubaan se sunie
Har taraph aapaka qissa hain jahaan se sunie !!

Read more...

चाँद की चाँदनी, बसंत की बहार,
फूलों की खूशबू अपनों का प्यार !!
मुबारक हो आपको नवरात्रि का त्यौहार,
सदा खुश रहे आप और आपका परिवार !!

Chaand kee chaandanee, basant kee bahaar,
Phoolon kee khooshaboo apanon ka pyaar !!
Mubaarak ho aapako navaraatri ka tyauhaar,
Sada khush rahe aap aur aapaka parivaar !!

Read more...

रूठ जाये अगर तक़दीर तो मनाकर देखो
फूल मेहनत के हथेली पर उगाकर देखो !!

Rooth jaaye agar taqadeer to manaakar dekho
Phool mehanat ke hathelee par ugaakar dekho !!

Read more...

गुलाब का फूल बाग़ में खिल रहा है,
कमल का फूल तालाब में तैर रहा है,
जैस्मिन का फूल चमन में महक रहा है,
और अप्रैल का फूल एडवांस में हमारा ‘sms’ पढ़ रहा है…

Gulaab ka phool baag mein khil raha hai,
Kamal ka phool taalaab mein tair raha hai,
Jaismin ka phool chaman mein mahak raha hai,
Aur aprail ka phool edavaans mein hamaara ‘sms’ padh raha hai…

Read more...

आपकी तारीफ क्या करूँ,
आपतो ‘ICE’ की तरह कूल हैं,
आपको प्यार करना मेरी सबसे बड़ी भूल है,
अब ज्यादा नाराज़ मत होना क्योंकि आज अप्रैल फूल है…

Aapakee taareeph kya karoon,
Aapato ‘ichai’ kee tarah kool hain,
Aapako pyaar karana meree sabase badee bhool hai,
Ab jyaada naaraaz mat hona kyonki aaj aprail phool hai…

Read more...

आप बागों के सबसे हसीं गुल हैं,
हम तो बस आपके कदमों की धूल हैं,
अब ज्यादा गुरुर मत करना क्योंकि आज अप्रैल फूल है…

Aap baagon ke sabase haseen gul hain,
Ham to bas aapake kadamon kee dhool hain,
Ab jyaada gurur mat karana kyonki aaj aprail phool hai…

Read more...

अरे गजब का है हमारा याराना
Deo हमेशा अपने दोस्तों का ही लगाना
अपना काम हमेशा दोअतों से कराना
भूक लगे तो टिफिन यार का खाना
अब जाओ मैंने था तुमको अप्रैल फूल बनाना.

Are gajab ka hai hamaara yaaraana
Daio hamesha apane doston ka hee lagaana
Apana kaam hamesha doaton se karaana
Bhook lage to tiphin yaar ka khaana
Ab jao mainne tha tumako aprail phool banaana.

Read more...

फूल और दिल दोनों एक से है...
तकलीफ दो तो मुरझा जाते है...!!

Phool aur dil donon ek se hai...
Takaleeph do to murajha jaate hai...!!

Read more...

कर्तव्य जो कभी थे, आज भूल हो गये
भैसों में फूल गाय में अब, शूल हो गये !!
इनपुट हो कम मुनाफा डबल, बात कुछ बने
हम लाभ के व्यापार में, मशगूल हो गये !!

Kartavy jo kabhee the, aaj bhool ho gaye
Bhaison mein phool gaay mein ab, shool ho gaye !!
Inaput ho kam munaapha dabal, baat kuchh bane
Ham laabh ke vyaapaar mein, mashagool ho gaye !!

Read more...

माथे पर लहू और सर पर रेत, माथे पर लहू और सर पर रेत,
अर्ज किया है
माथे पर लहू और सर पर रेत, क्योंकि उन्होंने फूल मारा पर गमले समेत

Maathe par lahoo aur sar par ret, maathe par lahoo aur sar par ret,
Arj kiya hai
Maathe par lahoo aur sar par ret, kyonki unhonne phool maara par gamale samet

Read more...

हमीं से रंगे-गुलिस्तां, हमीं से रंगे-बहार
हमीं को नज्मे-गुलिस्तां पर इख्तियार नहीं।

(रंगे-.गुलिस्तां = उद्यान या बाग की शोभा ; रंगे-बहार = हर तरफ फूलों की शोभा; नज्म = प्रबन्ध, इन्तिजाम)

Hamin se range-gulista, hamin se range-bahaar
Hamin ko nazm-e-gulistan par iktiyaar nahin

Sahir Ludhianvi

Read more...

Frequently Asked Questions

फूल शायरी में नन्ही कली जैसे कोमल हाथों वाला शेर किस मौके पर लिखा गया लगता है?
यह शेर एक बेहद कोमल पल का वर्णन करता है, जहाँ किसी नन्हे बच्चे के नाजुक हाथों की तुलना फूल की कली से की गई है। पंक्ति है, "बड़े कोमल और नाजुक है हाथ, लगता है जैसे हो कोई फूल की कली !! जीवन में यह प्यारी घड़ी आई, जब भगवान ने अपनी माया चली !!" यह किसी नए जीवन के आगमन जैसी खुशी के मौके पर लिखी गई एक कोमल Dil छू लेने वाली पंक्ति है।
"काँटे फूल बन बैठे" वाली पंक्ति मोहब्बत के बारे में क्या कहती है?
यह शेर बताता है कि किसी खास इंसान का आना जिंदगी की हर तकलीफ को भी खूबसूरत बना सकता है। पंक्ति है, "मैं तो समझता था मेरे पास सिर्फ काटे हैं, ताज्जुब है, तेरे आने से काटे भी फूल बन बैठे !!" यह Aap के आने से बदल जाने वाली पूरी जिंदगी की खूबसूरत तस्वीर पेश करता है।
मकर संक्रांति पर लिखी फूल शायरी किस तरह की शुभकामना देती है?
यह शेर एक त्योहारी शुभकामना है, जिसमें जिंदगी के हर कदम पर सुनहरे फूल खिलने और कांटों का सामना न करने की दुआ दी गई है। पंक्ति है, "पग-पग सुनहरे फूल खिलें, कभी ना हो काँटों का सामना, ज़िन्दगी आपकी ख़ुशी से भरी, ये ही हैं हमारी मनोकामना। Happy Makar Sankranti" यह मकर संक्रांति के मौके पर अपनों के लिए भेजी जाने वाली एक प्यारी दुआ है।
सूखे फूल और दूरी वाली पंक्ति लंबी दूरी के प्यार के बारे में क्या कहती है?
यह पंक्ति बताती है कि भले ही दूरी हो और मिलना मुमकिन न हो, फिर भी दिल में प्यार और इंतजार वैसा ही जिंदा रहता है जैसा हमेशा से था। शेर है, "सूख गए फूल पर बहार वही है, दूर रहते हैं पर प्यार वही है, जानते हैं हम मिल नही पा रहे हैं आपसे मगर इन आंखों में मोहब्ब्त का इंतजार वही है।" यह Haar न मानने वाले उस प्यार को दिखाता है जो दूरी और वक्त, दोनों को मात दे देता है।
क्या फूल शायरी सिर्फ मोहब्बत के बारे में ही होती है?
नहीं, यह विषय मोहब्बत के अलावा नए जीवन की खुशी, त्योहारी शुभकामनाओं और लंबी दूरी के इंतजार तक फैला हुआ है, जैसा ऊपर के अलग-अलग शेरों में देखा जा सकता है। हर Ham पाठक के लिए फूल यहाँ अलग-अलग भावनाओं का प्रतीक बनकर आता है।

यह हौसला कभी दिल की मज़बूती में झलकता है तो कभी हार न मानने के जज़्बे में, इसलिए Dil और Haar शायरी भी ज़रूर पढ़ें।