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Nag Panchami Shayari

Sawan verses offered to Nag Devta and Shiv.

These Nag Panchami shayari verses carry the devotion of Sawan - prayers to Nag Devta for Shiv's blessing and protection from sin. Read more devotional lines in our Devta shayari collection.

Nag Panchami Shayari - Nag Devta Poetic Wishes
शिव बाबा के प्यारे हैं नाग देवता

शिव बाबा के प्यारे हैं नाग-देवता
करते हम सबकी पूरी मनोकामना
होंगे सब काम पूरे आप सबके
अगर रहे आप सबकी शुद्ध भावना.
नाग पंचमी की मुबारक हो …

Shiv baaba ke pyaare hain naag-devata
Karate ham sabakee pooree manokaamana
Honge sab kaam poore aap sabake
Agar rahe aap sabakee shuddh bhaavana.
naag panchamee kee mubaarak ho …

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सावन का आया भक्तों महिना है

सावन का आया भक्तों महिना है
नाग-पंचमी का त्योंहार है
जो दिल से बाबा का नाम जपे हरदम
उसका होता हमेशा बेड़ा पार है.
खुशियाँ आपको मिले अपार …..

Saavan ka aaya bhakton mahina hai
Naag-panchamee ka tyonhaar hai
Jo dil se baaba ka naam jape haradam
Usaka hota hamesha beda paar hai.
Khushiyaan aapako mile apaar …..

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करो भक्तों नाग की पूजा दिल से

करो भक्तों नाग की पूजा दिल से
होने भोले बाबा बहुत खुश
नाग देवता को पिलाओ दूध आप
देंगे शिव वरदान होंगे दूर सारे पाप.
आपका जीवन सुखमय हो …..

Karo bhakton naag kee pooja dil se
Hone bhole baaba bahut khush
Naag devata ko pilao doodh aap
Denge shiv varadaan honge door saare paap.
aapaka jeevan sukhamay ho …..

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आई है सावन के महीने में
नाग-पंचमी की पावन बेला
आओ सब मिलकर इसे मनाएं
और साथ में जाएँ देखने मेला.
बधाई हो नाग-पंचमी की …..

Aaee hai saavan ke maheene mein
Naag-panchamee kee paavan bela
Aao sab milakar ise manaen
Aur saath mein jaen dekhane mela.
Badhaee ho naag-panchamee kee …..

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Aap Shayari

आओ सब मिलकर नाग पंचमी मनाएं

आओ सब मिलकर नाग-पंचमी मनाएं
अपने घर आंगन को आक से सजाएँ
होंगे खुश महादेव हम भक्तों से
आपको नाग-पंचमी की बधाई हो दिल से….

Aao sab milakar naag-panchamee manaen
Apane ghar aangan ko aak se sajaen
Honge khush mahaadev ham bhakton se
Aapako naag-panchamee kee badhaee ho dil se….

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हर-हर हो महादेव शिव का
हर पल नाम तुम्हारा जपें
नाग-पंचमी का आया त्योंहार
शिव को करते हम नमन बारम्बार.
शिव बाबा करें बेडा पार ….

Har-har ho mahaadev shiv ka
Har pal naam tumhaara japen
Naag-panchamee ka aaya tyonhaar
Shiv ko karate ham naman baarambaar.
Shiv baaba karen beda paar ….

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गले में शिव बाबा के विराजे नाग

गले में शिव बाबा के विराजे नाग
अपने फन पर रखे है पृथ्वी को
ऐसे हैं शक्तिशाली देवता हमारे नाग
इनके चरणों में हमारा कोटि-कोटि प्रणाम.
सबको सब कुछ मिले ….

Gale mein shiv baaba ke viraaje naag
Apane phan par rakhe hai prthvee ko
Aise hain shaktishaalee devata hamaare naag
Inake charanon mein hamaara koti-koti pranaam.
Sabako sab kuchh mile ….

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आई नाग पंचमी लायी है खुशियाँ अपा

आई नाग-पंचमी लायी है खुशियाँ अपार
आपके जीवन में हैप्पीनेस का लगे अम्बार
शैव बाबा के आशीर्वाद से सजे आपका संसार
है आप सबको मुबारक ये पवित्र त्योंहार.

Aaee naag-panchamee laayee hai khushiyaan apaar
Aapake jeevan mein haippeenes ka lage ambaar
Shaiv baaba ke aasheervaad se saje aapaka sansaar
Hai aap sabako mubaarak ye pavitr tyonhaar.

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Frequently Asked Questions

नागपंचमी क्या है और यह किस तिथि को मनाई जाती है?
नागपंचमी सर्प देवताओं की पूजा को समर्पित एक हिंदू पर्व है, जो श्रावण मास की शुक्ल पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन नाग देवताओं को दूध, फूल और चावल अर्पित किए जाते हैं, ताकि परिवार को सर्पदंश और अन्य संकटों से सुरक्षा मिले तथा घर में सुख-समृद्धि बनी रहे। इस भाव को शब्दों में व्यक्त करने के लिए बहुत से लोग नागपंचमी शायरी साझा करते हैं।
नाग पंचमी की शायरी में शिव और नाग-देवता का संबंध कैसे दिखाया गया है?
“शिव बाबा के प्यारे हैं नाग-देवता, करते हम सबकी पूरी मनोकामना, होंगे सब काम पूरे आप सबके अगर रहे आप सबकी शुद्ध भावना” जैसी पंक्तियों में नाग-देवता को शिव जी के अत्यंत प्रिय और मनोकामना पूरी करने वाले रूप में दर्शाया गया है। नाग-देवता से जुड़ी और रचनाएं देवता शायरी संग्रह में भी मिलेंगी।
नागपंचमी के पीछे की पौराणिक कथा क्या है?
इस पर्व का एक प्रसिद्ध संबंध भगवान कृष्ण और कालिया नाग की कथा से है, जब बाल कृष्ण ने यमुना नदी में विषैले कालिया नाग को पराजित कर वहां के जल को शुद्ध किया था। एक अन्य मान्यता के अनुसार यह दिन शेषनाग से भी जुड़ा है, जिन्होंने भगवान विष्णु के शयन आसन का कार्य निभाया, इसलिए नागों को देवत्व और रक्षक दोनों रूपों में पूजा जाता है।
सावन के महीने से नाग पंचमी का नाता शायरी में कैसे उभरता है?
“सावन का आया भक्तों महिना है, नाग-पंचमी का त्योंहार है, जो दिल से बाबा का नाम जपे हरदम उसका होता हमेशा बेड़ा पार है” — यहाँ त्योहार को सावन मास के भीतर आने वाली एक पावन बेला के रूप में जोड़ा गया है, जहाँ श्रद्धा से बाबा (शिव) का नाम लेने वाले भक्त का जीवन सफल माना गया है।
नागपंचमी पर कौन-सी पूजा विधि और परंपराएं निभाई जाती हैं?
इस दिन घर की दीवार या चौकी पर नाग देवता की प्रतिमा या चित्र बनाकर उसकी विधिवत पूजा की जाती है, दूध और जल से अभिषेक किया जाता है, तथा मंत्रोच्चार के साथ आरती की जाती है। कई स्थानों पर सांप पकड़ने वालों द्वारा लाए गए जीवित सर्पों को दूध पिलाने की प्रथा भी प्रचलित रही है, हालांकि वन्यजीव सुरक्षा की दृष्टि से अब इसे हतोत्साहित किया जाता है और प्रतीकात्मक पूजन को प्राथमिकता दी जाती है।
नाग-देवता को दूध चढ़ाने की परंपरा शायरी में कैसे आती है?
“करो भक्तों नाग की पूजा दिल से, होने भोले बाबा बहुत खुश, नाग देवता को पिलाओ दूध आप देंगे शिव वरदान होंगे दूर सारे पाप” — इसमें दूध चढ़ाने के रिवाज़ को सीधे शिव जी की प्रसन्नता और पापों के नाश से जोड़ा गया है। दिल से जुड़ी भावना पर और पंक्तियाँ चाहिए तो दिल शायरी संग्रह देखें।
नागपंचमी 2027 में किस तारीख को है और यह तिथि हर साल क्यों बदलती है?
वर्ष 2027 में नागपंचमी 6 अगस्त के आसपास मनाए जाने की संभावना है। चूंकि यह पर्व श्रावण शुक्ल पंचमी तिथि पर आधारित है, जो चंद्र पंचांग से निर्धारित होती है, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर की तारीख हर वर्ष कुछ आगे-पीछे हो सकती है, और सटीक तिथि की पुष्टि पंचांग से करना उचित रहता है।
क्या नाग पंचमी की शायरी सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित रहती है या मेले-उत्सव का भी ज़िक्र होता है?
नहीं, उत्सव का पक्ष भी शामिल रहता है — “आई है सावन के महीने में नाग-पंचमी की पावन बेला, आओ सब मिलकर इसे मनाएं और साथ में जाएँ देखने मेला” जैसी पंक्ति पूजा के साथ-साथ सामूहिक रूप से मेला देखने जाने की परंपरा को भी सामने लाती है।
श्रावण मास में नागपंचमी का विशेष महत्व क्यों माना जाता है?
श्रावण मास स्वयं भगवान शिव की आराधना का पवित्र महीना माना जाता है, और नाग देवता को शिव जी के गले का आभूषण माना जाता है, इसलिए इस मास में पड़ने वाली नागपंचमी शिव भक्ति और नाग पूजा दोनों को एक साथ जोड़ती है। यही कारण है कि इस दिन शिव मंदिरों में भी विशेष भीड़ देखी जाती है।
नागपंचमी पर अपनों को शुभकामनाएं कैसे भेजी जा सकती हैं?
परिवार और मित्रों को इस दिन सुरक्षा और समृद्धि की भावना से भरे संदेश भेजना एक सामान्य परंपरा है। भावनाओं को सुंदर शब्दों में पिरोने के लिए बहुत से लोग नागपंचमी शायरी का सहारा लेकर अपनी शुभकामनाएं और भी प्रभावशाली बना लेते हैं।

Written in the same heartfelt rhythm as festival prayers everywhere, these couplets ask simply for peace and prosperity. For verses from the heart, see our Dil shayari collection.