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Nadi Shayari

Nadi ke kinare basi hai kayi kahaniyan aur ek gehri shraddha.

Nadi shayari mein Maa Ganga ko sirf jal nahi balki manavta ka bhavishya maana jaata hai, aur kinare baithe do log kisi adhoori kahani jaise pighalte mehsoos hote hain. Isi ehsaas mein Haalaat shayari bhi padhein.

Nadi Shayari - Maa Ganga Aur Yaadon Ke Sher

अधूरी कहानी थी वो,
कोरा काग़ज़ था मैं !!
नदी किनारे बैठे हम दो,
पिघला सा जा रहा था मैं !!

Adhooree kahaanee thee vo,
Kora kaagaz tha main !!
Nadee kinaare baithe ham do,
Pighala sa ja raha tha main !!

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मानो तो माँ गंगा मानवता का कल है,
ना मानो तो सिर्फ इक नदी का जल है.

Maano to maan ganga maanavata ka kal hai,
Na maano to sirph ik nadee ka jal hai.

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मंजर ही हादसे का अजीबो गरीब था

मंजर ही हादसे का अजीबो गरीब था...
वो आग से जल गया जो नदी के करीब था...!!

Manjar hee haadase ka ajeebo gareeb tha...
Vo aag se jal gaya jo nadee ke kareeb tha...!!

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नदी के किनारों सी लिखी उसने तकदीर हमारी,
ना लिखा कभी मिलना हमारा, ना लिखी जुदाई हमारी।

Nadee ke kinaaron see likhee usane takadeer hamaaree,
Na likha kabhee milana hamaara, na likhee judaee hamaaree.

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2 Line Shayari

नेकियाँ अपनी अपनी लाओ.....
मैंने नदी से बात कर ली है......

Nekiyaan apanee apanee lao.....
Mainne nadee se baat kar lee hai......

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Frequently Asked Questions

नदी किनारे बैठकर लिखी गई शायरी में कैसा भाव होता है?
नदी किनारे बैठकर लिखी गई शायरी में अक्सर अधूरेपन और भीतर पिघलते जज्बात का भाव होता है, जैसे "नदी किनारे बैठे हम दो, पिघला सा जा रहा था मैं" पंक्ति में झलकता है। ऐसी अधूरी दास्तानों से जुड़ी कहानी शायरी भी इसी टॉपिक के करीब है।
nadi par shayari में मां गंगा और आस्था का जिक्र कैसे किया गया है?
"मानो तो माँ गंगा मानवता का कल है, ना मानो तो सिर्फ इक नदी का जल है" पंक्ति में यह दिखाया गया है कि नदी को सिर्फ पानी मानना या मां गंगा जैसी आस्था से जोड़ना, दोनों नजरिए इंसान की अपनी सोच पर निर्भर करते हैं। जल से जुड़े ऐसे गहरे भाव जल शायरी में भी मिलते हैं।
नदी के करीब हुए किसी हादसे पर भी शायरी लिखी गई है?
हां, "मंजर ही हादसे का अजीबो गरीब था, वो आग से जल गया जो नदी के करीब था" पंक्ति में इस अजीब विडंबना को दिखाया गया है कि पानी के इतने करीब होकर भी कोई आग से जल सकता है। जिंदगी के ऐसे अटपटे हालात हालात शायरी में भी बयां किए जाते हैं।
nadi shayari in hindi में किस्मत और तकदीर को कैसे दिखाया गया है?
"नदी के किनारों सी लिखी उसने तकदीर हमारी, ना लिखा कभी मिलना हमारा, ना लिखी जुदाई हमारी" पंक्ति में तकदीर की बेरुखी को नदी किनारे की बेतरतीब रेखाओं जैसा बताया गया है, जहां न मिलना लिखा गया न जुदाई। ऐसी अनकही कहानियों से जुड़े भाव घर-परिवार पर लिखी घर शायरी में भी पढ़े जा सकते हैं।
नदी पर शायरी में सबसे ज्यादा किन भावनाओं को छुआ जाता है?
नदी पर शायरी में बहते पानी की तरह ही जिंदगी के उतार-चढ़ाव, अधूरी मोहब्बत और अपनेपन के एहसास को सबसे ज्यादा छुआ जाता है। ऐसी छोटी लेकिन गहरी बात कहने वाली 2 लाइन शायरी और अपनों के साथ की भावना के लिए हम शायरी भी पढ़ी जा सकती है।

Ek sher yahan nadi ke kinaron jaisi likhi taqdeer ki baat karta hai jisme na milna likha tha na judaai, to doosra apni nekiyan khud nadi ko sunane ki baat karta hai. Aage Ghar aur Ham shayari bhi padhein.