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Deewangee Shayari

Kuch deewangi sirf ishq mein hi samajh aati hai.

Deewangee shayari un lines ki baat karti hai jahan mohabbat lafzon se aage badh kar deewangi ban jaati hai, kisi ki soorat yaad rehne se lekar barish mein aansoo pehchanne tak. Isi jazbaat mein Hasrat shayari bhi padhein.

Deewangee Shayari - Ishq Ki Hadd Tak Deewangi

दिल की हसरत ज़ुबान पे आने लगी,
तूने देखा और ज़िंदगी मुस्कुराने लगी !
ये इश्क़ की इंतहान थी या दीवानगी मेरी,
हर सूरत में सूरत तेरी नज़र आने लगी !!

Dil kee hasarat zubaan pe aane lagee,
Toone dekha aur zindagee muskuraane lagee !
Ye ishq kee intahaan thee ya deevaanagee meree,
Har soorat mein soorat teree nazar aane lagee !!

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इश्क मोहब्बत दीवानगी... ये बस लफ्ज थे,
जब तुम मिले तब इन लफ्जों को मायने मिले।

Ishq Mohabbat Deevangi... Ye Bas Lafj The,
Jab Tum Mile Tab In Lafjon Ko Mayne Mile.

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मेरी सारी हसरतें मचल गयी..
जब तुमने सोचा एक पल के लिए !!
अंजाम-ए- दीवानगी क्या होगी
जब तुम मिलोगी मुझे उम्र भर के लिए !!

हैप्पी प्रोपोज़ डे :)

Meree saaree hasaraten machal gayee..
Jab tumane socha ek pal ke lie !!
Anjaam-e- deevaanagee kya hogee
Jab tum milogee mujhe umr bhar ke lie !!

Haippee propoz de :)

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मेरी दीवानगी की कोई हद नहीं

मेरी दीवानगी की कोई हद नहीं ,
तेरी सूरत के सिवा मुझे कुछ याद नहीं ,
मैं गुलाब हूँ तेरे गुलशन का ,
तेरे सिवाए मुझपर किसी का हक्क नहीं।

Meree deevaanagee kee koee had nahin ,
Teree soorat ke siva mujhe kuchh yaad nahin ,
Main gulaab hoon tere gulashan ka ,
Tere sivae mujhapar kisee ka hakk nahin.

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2 Line Shayari

तूने मेरी मोहब्बत की दीवानगी को समझा ही नहीं,
मैं बारिश में भी तेरे आसुओं को पहचान लेता था।

Toone meree mohabbat kee deevaanagee ko samajha hee nahin,
Main baarish mein bhee tere aasuon ko pahachaan leta tha.

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सब तरह की दीवानगी से मुखातिब हुए हम....
पर माँ जैसा चाहने वाला जमाने भर में ना था...!!

Sab tarah kee deevaanagee se mukhaatib hue ham....
Par maan jaisa chaahane vaala jamaane bhar mein na tha...!!

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Frequently Asked Questions

दिल की हसरत और दीवानगी को कैसे जोड़ा गया है?
"दिल की हसरत ज़ुबान पे आने लगी, तूने देखा और ज़िंदगी मुस्कुराने लगी! ये इश्क़ की इंतहान थी या दीवानगी मेरी" पंक्ति में शायर अपनी हसरत और दीवानगी को इश्क़ की परीक्षा जैसा बताता है।
दीवानगी शब्द को मायने कब मिले, यह किस पंक्ति में बताया गया है?
"इश्क मोहब्बत दीवानगी... ये बस लफ्ज थे, जब तुम मिले तब इन लफ्जों को मायने मिले" पंक्ति के अनुसार इश्क़, मोहब्बत और दीवानगी जैसे शब्द तब तक सिर्फ शब्द थे जब तक प्रिय से मुलाकात नहीं हुई।
दीवानगी की कोई हद न होने का दावा कैसे किया गया है?
"मेरी दीवानगी की कोई हद नहीं , तेरी सूरत के सिवा मुझे कुछ याद नहीं , मैं गुलाब हूँ तेरे गुलशन का" पंक्ति में शायर दावा करता है कि उसकी दीवानगी की कोई हद नहीं है और वह पूरी तरह अपने प्रिय का है।
प्रपोज डे पर दीवानगी के अंजाम को लेकर क्या सवाल उठाया गया है?
"अंजाम-ए- दीवानगी क्या होगी जब तुम मिलोगी मुझे उम्र भर के लिए" पंक्ति में शायर सोचता है कि जब प्रिय हमेशा के लिए उसकी हो जाएगी तो उसकी दीवानगी का क्या नतीजा निकलेगा।
यह दीवानगी शायरी कलेक्शन किस भाव को केंद्र में रखता है?
यह कलेक्शन इश्क़ में हद से गुजरी दीवानगी, हसरतों और प्रिय के प्रति समर्पण को केंद्र में रखते हुए लव से जुड़ी गहरी भावनाओं को दिखाता है।

Ek sher yahan yaad dilata hai ki har tarah ki deewangi ke baad bhi, maa jaisa chahne wala koi nahi hota. Aage Had aur Ham shayari bhi padhein.