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Gulshan Shayari

Tera gulshan mein khilna hi bahaar ban jaata hai.

Gulshan shayari phoolon aur bahaar ki khoobsurati ko mohabbat ke rang mein pirokar pesh karti hai, kabhi mehboob khud gulshan ka gulab ban jaata hai, kabhi tyohar ki mubarakbaad bhi isi andaz mein di jaati hai. Aur sher Gulaab shayari mein milenge.

Gulshan Shayari - Phoolon Bhari Mohabbat Ke Sher

गुल खिले गुलशन खिले गुलदस्ते,
आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्ते !! 🙏

Gul khile gulashan khile guladaste,
Aap sabhee ko mera pyaar bhara namaste !! 🙏

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गुल ने गुलशन से गुल्फाम भेजा है,
सितारों ने गगन से सलाम भेजा है
मुबारक हो आपको ये पोंगल
हमने तहे दिल से यह पैगाम भेजा है।

Gul ne gulashan se gulphaam bheja hai,
Sitaaron ne gagan se salaam bheja hai
Mubaarak ho aapako ye pongal
Hamane tahe dil se yah paigaam bheja hai.

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गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले
चले भी आओ कि गुलशन का कारोबार चले।।

Gulon mein rang bhare baad-e-nau-bahaar chale
Chale bhee aao ki gulashan ka kaarobaar chale..

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फूल खिलेंगे गुलशन में खूबसूरती नज़र आएगी
बीते साल की खट्टी मीठी यादें संग रह जाएगी
आओ मिलकर जश्न मनाएं नए साल का हँसी ख़ुशी से
नए साल की पहली सुबह ख़ुशियाँ अनगिनत लाएगी

Phool Khilenge Gulshan Me Khubsurti Nazar Aayegi
Beete Saal Ki Khatti Mithi Yade Sang Rah Jayegi
Aao Milkar Zashn Mnaye Nye Saal Ka Hunsi Khushi Se
Naye Saal Ki Pahli Subah Khushiyan Anginat Layegi

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Aap Shayari

ज़मीन के हर ज़र्रे को आफताब कर देंगे, गुलशन के हर फूल को गुलाब कर देंगे, एक पल भी ना रह सकोगे हमारे बिन, आपकी सब आदत हम इतनी ख़राब कर देंगे But plz be my valentine..

Zameen ke har zarre ko aaphataab kar denge, gulashan ke har phool ko gulaab kar denge, ek pal bhee na rah sakoge hamaare bin, aapakee sab aadat ham itanee kharaab kar denge but plz bai my valaintinai..

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मेरी दीवानगी की कोई हद नहीं

मेरी दीवानगी की कोई हद नहीं ,
तेरी सूरत के सिवा मुझे कुछ याद नहीं ,
मैं गुलाब हूँ तेरे गुलशन का ,
तेरे सिवाए मुझपर किसी का हक्क नहीं।

Meree deevaanagee kee koee had nahin ,
Teree soorat ke siva mujhe kuchh yaad nahin ,
Main gulaab hoon tere gulashan ka ,
Tere sivae mujhapar kisee ka hakk nahin.

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गुलशन तो तू है मेरा, बहारों का मैं क्या करूँ,
नैनों मैं बस गए हो तुम, नज़ारों का मैं क्या करूँ।

Gulashan to too hai mera, bahaaron ka main kya karoon,
Nainon main bas gae ho tum, nazaaron ka main kya karoon.

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Frequently Asked Questions

गुलशन शायरी में किन खास मौकों पर शुभकामनाएं दी जाती हैं?
इस टॉपिक की शायरी कई त्योहारों और मौकों पर शुभकामना संदेश के रूप में इस्तेमाल होती है — जैसे पोंगल और नए साल — और सामान्य दिनों में प्यार भरा अभिवादन भेजने के लिए भी। "गुलशन" (बगीचा) यहाँ खुशहाली और सुंदरता का प्रतीक बनकर आता है।
"गुल खिले गुलशन खिले गुलदस्ते" पंक्ति किस मौके पर भेजी जाती है?
यह एक सामान्य, स्नेहपूर्ण अभिवादन की पंक्ति है — "गुल खिले गुलशन खिले गुलदस्ते, आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्ते!! 🙏" इसे किसी भी दिन Aap को खुशी और प्रेम भरा नमस्ते भेजने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
गुलशन शायरी पोंगल पर्व पर कैसे इस्तेमाल होती है?
पोंगल के मौके पर यह शायरी शुभकामना संदेश के रूप में भेजी जाती है — "गुल ने गुलशन से गुल्फाम भेजा है, सितारों ने गगन से सलाम भेजा है, मुबारक हो आपको ये पोंगल, हमने तहे दिल से यह पैगाम भेजा है।" यह पंक्ति प्रकृति के सुंदर बिंबों के ज़रिए त्योहार की खुशी बांटती है।
"गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले" पंक्ति का क्या भाव है?
यह एक क्लासिक शेर है जो बसंत ऋतु के आगमन और नई शुरुआत की उमंग को दर्शाता है — "गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले, चले भी आओ कि गुलशन का कारोबार चले।।" यानी जैसे नई Bahaar फूलों में रंग भर देती है, वैसे ही प्रिय के आने से ज़िंदगी का "कारोबार" यानी रौनक फिर से शुरू हो जाए। यह भाव Gulaab टॉपिक की शायरी से भी जुड़ता है।
गुलशन शायरी नए साल की शुभकामना में कैसे इस्तेमाल होती है?
नए साल पर यह शायरी उम्मीद और खुशियों का संदेश देती है — "फूल खिलेंगे गुलशन में खूबसूरती नज़र आएगी, बीते साल की खट्टी मीठी यादें संग रह जाएगी, आओ मिलकर जश्न मनाएं नए साल का हँसी ख़ुशी से, नए साल की पहली सुबह ख़ुशियाँ अनगिनत लाएगी।" यह पंक्ति Ham सभी के लिए नई शुरुआत की खूबसूरत कामना करती है।

Pongal aur Naye Saal ki shubhkamnaon se lekar Valentine ke izhaar tak, gulshan shayari har mausam mein khilti hai. Aur dekhein Bahaar aur Aap shayari.