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Hukumat Shayari

Asli hukumat baazuon se nahi, dil jeetne se milti hai.

Hukumat shayari mein Netaji Subhas Chandra Bose jaise aakraman tewar wale jazbe ka fakhr milta hai, jinse angrezi hukumat bhi darti thi. Isi fakhr mein Aaj shayari bhi padhein.

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का तेवर बड़ा आक्रामक था,
तभी तो अंग्रेजी हुकूमत डरती थी उनमें इतना पराक्रम था !!

Netaji subhash chandra boss ka tevar bada aakraamak tha,
Tabhi to angrez hukoomat daratee thee unamen itana paraakram tha !!

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मेरे दिल की हालत भी मेरे वतन जैसा है,
जिस को दी हुकूमत, उसी ने बर्बाद किया !!

Mere dil kee haalat bhee mere vatan jaisa hai,
Jis ko dee hukoomat, usee ne barbaad kiya !!

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हुकूमत बाजुओं के ज़ोर पर तो कोई भी कर ले,
जो सबके दिल पे छा जाए उसे इंसान कहते हैं..

Hukoomat baajuon ke zor par to koee bhee kar le,
Jo sabake dil pe chha jae use insaan kahate hain..

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Frequently Asked Questions

नेताजी सुभाष चंद्र बोस और अंग्रेजी हुकूमत वाली पंक्ति किस ऐतिहासिक जज़्बे को दिखाती है?
"नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का तेवर बड़ा आक्रामक था, तभी तो अंग्रेजी हुकूमत डरती थी उनमें इतना पराक्रम था" पंक्ति नेताजी के निडर नेतृत्व को श्रद्धांजलि देती है — उनकी दृढ़ता और साहस से ब्रिटिश शासन तक थर्राता था, यह पंक्ति स्वतंत्रता संग्राम के उस गौरवशाली इतिहास का सम्मान करती है।
"मेरे दिल की हालत भी मेरे वतन जैसा है" पंक्ति का रूपक क्या दर्शाता है?
"मेरे Dil की हालत भी मेरे वतन जैसा है, जिस को दी हुकूमत, उसी ने बर्बाद किया" पंक्ति एक भावनात्मक रूपक है — यह किसी खास सत्ता या पार्टी की बात नहीं करती, बल्कि दिल पर भरोसा करने और उसे निराश पाने के आम दर्द को देश की सामान्य स्थिति से जोड़कर दिखाती है।
बाजुओं के ज़ोर से हुकूमत करने और दिलों पर राज करने के फर्क को यह शायरी कैसे समझाती है?
"हुकूमत बाजुओं के ज़ोर पर तो कोई भी कर ले, जो सबके दिल पे छा जाए उसे इंसान कहते हैं" पंक्ति एक गहरी सीख देती है — ताकत से शासन करना आसान है, मगर लोगों के दिलों में जगह बनाना ही असली महानता की पहचान है।
हुकूमत शायरी में इतिहास, रिश्तों और इंसानियत के भाव कैसे एक साथ आते हैं?
नेताजी के साहस से लेकर टूटे भरोसे के रूपक और दिल जीतने की सीख तक — यह संग्रह दिखाता है कि हुकूमत शब्द सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि रिश्तों और इंसानियत के Aaj के दौर में भी उतना ही प्रासंगिक है।

Ek sher yahan dil ki halat ko watan jaisi bataata hai, jisko hukumat di usi ne barbaad kiya, to doosra kehta hai ki baazuon ke zor se hukumat koi bhi kar le, dilon par chhaana asli insaan ki pehchaan hai. Aage 2 Line aur Aankh shayari bhi padhein.