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Faisle Shayari

Har faisla, ek nayi kahani

Kabhi khamoshi ko haar samajh liya jaata hai jabki woh sirf kuch faisle upar wale par chhod dene ka tareeka hoti hai - yeh shayari isi dil ki soch ko samjhati hai. Isi jazbaat ke liye Dil bhi padhein.

Faisle Shayari - Zindagi Ke Faislon Ka Dard

हमारी खामोशी को हमारी हार मत समझना,
हम कुछ फैसले ऊपर वाले पर छोड़ देते हैं।

Hamaaree khaamoshee ko hamaaree haar mat samajhana,
Ham kuchh phaisale oopar vaale par chhod dete hain.

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मन की बात कह देने से फैसले हो जाते हैं...
और मन में रख लेने से फासले हो जाते हैं...!!

Man kee baat kah dene se phaisale ho jaate hain...
Aur man mein rakh lene se phaasale ho jaate hain...!!

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तूने फ़ैसले ही फ़ासले बढ़ाने वाले किये..
वरना कोई नही था तुझसे ज़्यादा करीब मेरे..!!

Toone faisale hee faasale badhaane vaale kiye..
Varana koee nahee tha tujhase zyaada kareeb mere..!!

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अपने दिल की अदालत में ज़रूर जाएं

अपने "दिल" की अदालत में ज़रूर जाएं,
सुना है, वहाँ कभी गलत फैसले नहीं हुआ करते...

Apane "dil" kee adaalat mein zaroor jaen,
Suna hai, vahaan kabhee galat phaisale nahin hua karate...

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2 Line Shayari

रब के फैसले पर भला कैसे करूँ शक

रब के फैसले पर भला कैसे करूँ शक,
सजा दे रहा हैं ग़र वो कुछ तो गुनाह रहा होगा...!!

Rab ke phaisale par bhala kaise karoon shak,
Saja de raha hain gar vo kuchh to gunaah raha hoga...!!

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क्या जरूरी है कि वो मुज़रिम ही हो

क्या जरूरी है कि वो मुज़रिम ही हो
जिनके हक़ में फैसले नहीं होते...

Kya jarooree hai ki vo muzarim hee ho
Jinake haq mein phaisale nahin hote...

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सारे फैसले खुदा के...
फिर गलतियाँ मेरी कैसे...!!

Saare phaisale khuda ke...
Phir galatiyaan meree kaise...!!

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Frequently Asked Questions

अपनी ख़ामोशी को हार न समझने और कुछ फैसले ऊपर वाले पर छोड़ देने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"हमारी खामोशी को हमारी हार मत समझना, हम कुछ फैसले ऊपर वाले पर छोड़ देते हैं।" — यह शायरी कहती है कि हमारी ख़ामोशी को हमारी हार मत समझो, हम कुछ फैसले ऊपर वाले पर ही छोड़ देते हैं।
मन की बात कह देने से फैसले और मन में रख लेने से फासले बन जाने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"मन की बात कह देने से फैसले हो जाते हैं... और मन में रख लेने से फासले हो जाते हैं...!!" — यह शायरी कहती है कि मन की बात कह देने से फैसले हो जाते हैं, पर मन में रख लेने से रिश्तों में फासले बन जाते हैं।
फ़ैसलों के ही फ़ासले बढ़ाने का ज़िम्मेदार होने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"तूने फ़ैसले ही फ़ासले बढ़ाने वाले किये.." — यह शायरी कहती है कि तुमने ऐसे फ़ैसले लिए जिन्होंने फ़ासले ही बढ़ाए, वरना कोई तुमसे ज़्यादा करीब नहीं था।
दिल की अदालत में गलत फैसले कभी न होने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"अपने "दिल" की अदालत में ज़रूर जाएं, सुना है, वहाँ कभी गलत फैसले नहीं हुआ करते..." — यह शायरी कहती है कि अपने 'दिल' की अदालत में ज़रूर जाना चाहिए, क्योंकि वहाँ कभी गलत फैसले नहीं हुआ करते।
फैसले से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप Dil, Faasle और Haar शायरी पढ़ सकते हैं।

Faisle aur faasle ke is khoobsurat wordplay mein kismat par shak na karne ki seekh bhi chhupi hai, ki jo saza mile usme koi wajah zaroor hogi. Judi hui shayari Faasle aur 2 Line mein bhi milegi.