दिमाग अनमोल वचन
दिल और दिमाग के बीच का फ़र्क।
पसंद करो या नापसंद, दोनों में फ़ायदा एक ही इंसान का होता है — दिल में जगह मिले या दिमाग में, इस topic के वचन Aankh जैसे विषयों से जुड़कर सोच पर सवाल उठाते हैं।
मुझे पसन्द करो या न पसन्द करो दोनों मेरे ही पक्ष में है.
यदि आप मुझे पसन्द करोगें तो
मैं आप के दिल में रहूँगां और अगर न पसन्द करोगे तो मैं आपके दिमाग़ में रहूँगा..
कोई व्यक्ति कितना ही महान क्यों न हो,
आंखे मूंदकर उसके पीछे न चले.
यदि ईश्वर की ऐसी ही मंशा होती तो वह हर प्राणी को आंख, नाक, कान, मुंह और दिमाग़ क्यों देते?
