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Dhanteras Shayari

Sone ki raat, chandi ki palki - Dhanteras ki shayari.

Dhanteras shayari blends the sparkle of gold and silver with prayers for Lakshmi ji's blessings - verses about prosperity arriving at the door just before Diwali. Pair one with Wishes for a complete greeting.

Dhanteras Shayari - Lakshmi Ji Ki Shubhkamnaye
परिवार को धनतेरस की बधाई

सोने का रात, चाँदी की पालकी
बैठ कर जिसमे आई लक्ष्मी मा
आई देने आपको और आपके
परिवार को धनतेरस की बधाई.

Sone ka raat, chaandee kee paalakee
Baith kar jisame aaee lakshmee ma
Aaee dene aapako aur aapake
Parivaar ko dhanateras kee badhaee.

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धनतेरस मे बरसे धन

धनतेरस मे बरसे धन,
दीवाली पे खुश हो गया मन,
अपने रहें हरदम संग,
खुशियों से भरा रहे मन.

Dhanateras me barase dhan,
Deevaalee pe khush ho gaya man,
Apane rahen haradam sang,
Khushiyon se bhara rahe man.

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इस धनतेरस कुछ ऐसा ख़ास हो

इस धनतेरस कुछ ऐसा ख़ास हो,
दिलों मे खुशियों का निवास हो,
घर मे आपके लक्ष्मी का वास हो,
मिटें दूरियाँ सब आप के पास हो.

Is dhanateras kuchh aisa khaas ho,
Dilon me khushiyon ka nivaas ho,
Ghar me aapake lakshmee ka vaas ho,
Miten dooriyaan sab aap ke paas ho.

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Frequently Asked Questions

धनतेरस शायरी की खास बात क्या है?
ये तुकबंदी में लिखी गई छोटी कविताएं होती हैं जो लक्ष्मी माँ के आगमन और धन-समृद्धि की कामना को लय में पिरोती हैं, जैसे "सोने का रात, चाँदी की पालकी बैठ कर जिसमे आई लक्ष्मी मा आई देने आपको और आपके परिवार को धनतेरस की बधाई." ऐसी पंक्तियां पढ़ने में भी अच्छी लगती हैं और भेजने में भी आसान होती हैं।
धनतेरस क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है?
धनतेरस (धनत्रयोदशी) दिवाली के पांच दिवसीय उत्सव का पहला दिन है, जो कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन धन्वंतरि जयंती के रूप में भी जाना जाता है, जब समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि (आयुर्वेद और स्वास्थ्य के देवता) अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इस दिन घरों में देवी लक्ष्मी और कुबेर की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। त्योहार की खुशियां बांटने के लिए लोग एक-दूसरे को Wishes भेजते हैं।
क्या धनतेरस शायरी में सिर्फ धन की बात होती है?
नहीं, कई शायरियों में मन की खुशी और रिश्तों की मिठास भी शामिल होती है, जैसे "धनतेरस मे बरसे धन, दीवाली पे खुश हो गया मन, अपने रहें हरदम संग, खुशियों से भरा रहे मन." यहाँ धन के साथ अपनों के साथ रहने की भावना भी उतनी ही अहम है।
धनतेरस पर नए बर्तन, सोना-चांदी खरीदने की परंपरा क्यों है?
मान्यता है कि धनतेरस पर नई धातु की वस्तु — विशेष रूप से सोना, चांदी या पीतल के बर्तन — खरीदने से घर में सालभर धन-समृद्धि बनी रहती है। यह प्रथा धन्वंतरि के अमृत कलश (जो एक धातु पात्र था) की कथा से भी जुड़ी है, इसलिए धातु खरीदना शुभ माना गया। कई परिवार इसी दिन साल भर के लिए बर्तन या आभूषण की खरीदारी की योजना पहले से बना लेते हैं।
धनतेरस शायरी और कोट्स में क्या फर्क है?
शायरी तुकबंदी और लय में लिखी जाती है ताकि पढ़ने में एक गीत जैसा एहसास हो, जबकि कोट्स सीधी, बिना तुक वाली पंक्तियां होती हैं। अगर आपको सीधा संदेश पसंद है तो Quotes पेज देखें।
धनतेरस से जुड़ी यम दीपक और राजकुमार की कथा क्या है?
एक प्रचलित लोककथा के अनुसार राजा हिम के पुत्र की कुंडली में विवाह के चौथे दिन सर्पदंश से मृत्यु का योग था। उसकी नवविवाहित पत्नी ने उस रात घर के मुख्य द्वार पर ढेर सारे दीये जलाकर सोने के आभूषण और सिक्कों का ढेर लगा दिया तथा सारी रात कथा-गीत सुनाकर पति को जगाए रखा। जब यमराज सर्प रूप में वहां पहुंचे तो दीयों की चमक और आभूषणों की चकाचौंध से अंधे होकर लौट गए। इसी कथा की स्मृति में धनतेरस की शाम घर के बाहर यम दीपक जलाने की परंपरा है।
धनतेरस शायरी में घर-परिवार के लिए क्या शुभकामनाएं दी जाती हैं?
ज्यादातर शायरियां घर में लक्ष्मी के वास, दूरियां मिटने और खुशियों के निवास की कामना करती हैं, जैसे "इस धनतेरस कुछ ऐसा ख़ास हो, दिलों मे खुशियों का निवास हो, घर मे आपके लक्ष्मी का वास हो, मिटें दूरियाँ सब आप के पास हो." अगर आप इसी भाव में औपचारिक शुभकामना संदेश भेजना चाहें तो Wishes सेक्शन भी देख सकते हैं।
धनतेरस किस तारीख को मनाई जाती है, और तिथि हर साल क्यों बदलती है?
धनतेरस हिंदू पंचांग पर आधारित पर्व है, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर की तारीख हर वर्ष बदलती रहती है — यह कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी तिथि पर, दिवाली से दो दिन पहले पड़ती है। आगामी धनतेरस 6 नवंबर 2026 को संभावित है, हालांकि चंद्र पंचांग के अनुसार यह तिथि आगे-पीछे भी हो सकती है, इसलिए स्थानीय पंचांग से पुष्टि करना उचित रहता है।
धनतेरस पर कौन-सी रस्में और रीति-रिवाज निभाए जाते हैं?
घरों और दुकानों की साफ-सफाई व रोशनी से सजावट, मुख्य द्वार पर रंगोली और दीये, शाम को लक्ष्मी-कुबेर-धन्वंतरि की पूजा, नई वस्तुओं की खरीदारी और परिवार-मित्रों के बीच शुभकामनाओं का आदान-प्रदान — ये सब धनतेरस की पारंपरिक रस्में हैं। बहुत से लोग इस मौके पर एक-दूसरे को हार्दिक Quotes और भावपूर्ण Shayari भेजकर त्योहार की गर्माहट साझा करते हैं।
धनतेरस मनाने में क्षेत्रीय भिन्नता कैसी देखने को मिलती है?
उत्तर भारत में धनतेरस मुख्यतः बर्तन और आभूषण खरीदने तथा घर की पूजा तक सीमित है, जबकि पश्चिम भारत — विशेषकर गुजरात और महाराष्ट्र के व्यापारिक समुदायों — में यह नए बहीखातों (लेखा-बही) की शुरुआत और प्रतिष्ठानों की विशेष पूजा से जुड़ा है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में इसे धन्वंतरि त्रयोदशी के रूप में अधिक धार्मिक-आध्यात्मिक भाव से मनाया जाता है, जबकि मूल भावना — समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना — हर जगह एक जैसी बनी रहती है।

These couplets work well for family WhatsApp groups or a quiet good-morning message on Dhanteras morning. For shorter lines, browse Quotes as well.