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Wade Shayari

Kuch vaade toote, kuch aaj bhi nibhaye ja rahe.

Wade shayari un vaadon ki baat karti hai jo kabhi bachpan mein achanak kiye gaye the aur kabhi mohabbat mein toot gaye - kahin yeh gambhir hai to kahin halka-phulka Dil wala mazak bhi.

कच्ची उम्र में किये हुए वादे,
हमें आज भी किसी और का नहीं होने देते !!

Kachchee umr mein kiye hue vaade,
Hamen aaj bhee kisee aur ka nahin hone dete !!

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झूठे वादे करते हैं,
झूठी बाते करते हैं !!
वो तो कहते रहते हैं,
हम नमस्ते करते हैं !!

Jhoothe vaade karate hain,
Jhoothee baate karate hain !!
Vo to kahate rahate hain,
Ham namaste karate hain !!

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कसमें-वादे नहीं कर पाउँगा हजार,
जब मिलोगी पिज्जा खिलाऊँगा यार.

Kasamen-vaade nahin kar paunga hajaar,
Jab milogee pijja khilaoonga yaar.

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सुकून से रहना चाहते हो...
तो वादे कम किया करो...!!

Sukoon se rahana chaahate ho...
To vaade kam kiya karo...!!

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2 Line Shayari

जो किए ही नहीं कभी मैंने , वो भी वादे निभा रहा हूँ मैं.
मुझसे फिर बात कर रही है वो, फिर से बातों मे आ रहा हूँ मैं !!

Jo kie hee nahin kabhee mainne , vo bhee vaade nibha raha hoon main.
Mujhase phir baat kar rahee hai vo, phir se baaton me aa raha hoon main !!

Kumar Vishwas

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किस किस से वफ़ा के वादे कर रखे हैं तूने,
हर रोज़ एक नया शख्स मुझसे तेरा नाम पूछता है।

Kis kis se vafa ke vaade kar rakhe hain toone,
Har roz ek naya shakhs mujhase tera naam poochhata hai.

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चलो एक रोज़ के लिए ऎसा कर लें...
मैं करार रख लूँ और तुम सारे झूठे वादे.

Chalo ek roz ke lie aisa kar len...
Main karaar rakh loon aur tum saare jhoothe vaade.

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गिरा कर यहाँ फिर उठाता कौन है इस दौर में वादे निभाता कौन है...
बात सिर्फ ज़रूरतों की है वरना यूँ ही किसी को याद आता कौन है...!!

Gira kar yahaan phir uthaata kaun hai is daur mein vaade nibhaata kaun hai...
Baat sirph zarooraton kee hai varana yoon hee kisee ko yaad aata kaun hai...!!

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Frequently Asked Questions

कच्ची उम्र में किए वादे आज भी किसी और का न होने देने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"कच्ची उम्र में किये हुए वादे, हमें आज भी किसी और का नहीं होने देते !!" — यह शायरी कहती है कि कच्ची उम्र में किए हुए वादे आज भी हमें किसी और का नहीं होने देते।
झूठे वादे और झूठी बातें करते हुए भी नमस्ते करने की बात कहने वाली मज़ाकिया शायरी कौन सी है?
"झूठे वादे करते हैं, झूठी बाते करते हैं !! वो तो कहते रहते हैं, हम नमस्ते करते हैं !!" — यह हल्की-फुल्की शायरी झूठे वादे और झूठी बातें करने वालों पर मज़ाकिया अंदाज़ में तंज कसती है।
कसमें-वादे न कर पाने पर मिलने पर पिज्जा खिलाने की बात कहने वाली मज़ेदार शायरी कौन सी है?
"कसमें-वादे नहीं कर पाउँगा हजार, जब मिलोगी पिज्जा खिलाऊँगा यार." — यह मज़ेदार शायरी कहती है कि हज़ार कसमें-वादे तो नहीं कर पाऊँगा, पर जब मिलोगी तो पिज़्ज़ा ज़रूर खिलाऊँगा।
सुकून से रहने के लिए वादे कम करने की सलाह देने वाली शायरी कौन सी है?
"सुकून से रहना चाहते हो... तो वादे कम किया करो...!!" — यह शायरी सीधी सलाह देती है कि अगर सुकून से रहना चाहते हो तो वादे कम किया करो।
वादे से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप Chaahat, Dil और Funny शायरी पढ़ सकते हैं।

Jhooti Baatein se lekar sachi Chaahat tak, yeh shayari har us rishte ko chhoo leti hai jahan vaade toote bhi aur nibhaye bhi gaye.