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Truth Anmol Vachan

सच्चाई की ताकत और झूठ की कमजोरी बताने वाले अनमोल वचन।

इन truth quotes में सच को उस औषधि की तरह चित्रित किया गया है, जिसे ग्रहण करना अप्रिय लगे परंतु वही पुराने ज़ख़्मों को हमेशा के लिए मिटा दे। दूसरों के सामने सच बोलने से पहले खुद के प्रति निष्कपट रहना ज़रूरी बताया गया है, यह विचार भी यहाँ मिलता है। कठोरता की जगह स्नेह भरे लहजे में कहा गया सत्य दिल दुखाने के बजाय राहत पहुँचाता है, यह भाव खास तौर पर उभरता है।

सत्य बोलने वाले को कभी यह याद रखने की चिंता नहीं करनी पड़ती कि उसने पहले क्या कहा था, क्योंकि सत्य हमेशा एक ही रहता है।

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जिस व्यक्ति ने सदा सत्य का साथ दिया है, उसे कभी यह डर नहीं रहता कि कोई पुरानी बात अचानक सामने आकर उसे बेनकाब कर देगी।

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सत्य अक्सर कड़वी औषधि की तरह होता है - लेने में कठिन लगता है, परंतु यही सबसे गहरे घावों को स्थायी रूप से ठीक कर देता है।

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सत्य ही ईश्वर है, और जो सत्य के मार्ग पर चलता है, वही वास्तव में ईश्वर के निकट पहुँचता है। — महात्मा गांधी

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Love Shayari

सत्य को दबाने की कितनी भी कोशिश हो जाए, वह केवल कुछ समय के लिए रुक सकता है, परंतु अंततः उसकी विजय निश्चित है।

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झूठ को हमेशा एक और झूठ का सहारा चाहिए, परंतु सत्य बिना किसी सहारे के स्वयं अपने पैरों पर खड़ा रहता है।

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सत्य जब कठोरता से नहीं, बल्कि प्रेम और करुणा से कहा जाता है, तो वह चोट नहीं पहुँचाता, बल्कि घाव भरने लगता है।

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दुनिया से सच बोलना तभी संभव है जब तुम पहले अपने आप से ईमानदार रहना सीख लो; आत्म-सत्य ही सच्चाई की पहली सीढ़ी है।

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Frequently Asked Questions

Why is truth compared to bitter medicine in the sample?
Because, like bitter medicine, truth is hard to take in the moment but is what permanently heals the deepest wounds.
What has to come before speaking truth to the world, per this sample?
Being honest with yourself first - the sample calls that self-truth the first real step toward truth of any kind.
Does the sample say truth always hurts when spoken?
No - it says truth spoken with love and compassion instead of harshness doesn't wound at all, but starts healing instead. More is under Suvichar.

झूठ को टिके रहने के लिए हमेशा एक नए बहाने की ज़रूरत पड़ती है, जबकि सत्य बिना किसी टेक के अपने पैरों पर स्वयं खड़ा रहता है। महात्मा गांधी के सत्य-मार्ग वाले विचार को इन suvichar में विशेष स्थान दिया गया है।