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May Shayari

May ki garmi mein bhi pyaar ki thandak mil jaati hai.

May shayari mein garmi ki taal mein chhupi pyaar ki thandak bhi milti hai aur yakum May ko mazdooron ki mehnat ko yaad karne wale sher bhi. Isi mahine ke pyaar mein Quotes bhi padhein.

May Shayari - Garmi Aur Pyaar Ke Hindi Sher

कसम से जब-जब तुम सज धज के सामने आती हो,
मई की जलती गर्मी में भी लस्सी सी ठंडक दे जाती हो !!

Kasam se jab-jab tum saj dhaj ke saamane aatee ho,
May kee jalatee garmee mein bhee lassee see thandak de jaatee ho !!

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लोगों ने आराम किया और छुट्टी पूरी की
यकुम मई को भी मज़दूरों ने मज़दूरी की !!

Logon ne aaraam kiya aur chhuttee pooree kee
Yakum MAy ko bhi mazadooron ne mazadooree kee !!

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गाना भी होगा, बजाना भी होगा, ना कोई बहाना होगा,
23 मई को कांग्रेस के जनाजे में सबको जाना होगा..!!
बोलो राम नाम सत्य हैं!

Gaana bhee hoga, bajaana bhee hoga, na koee bahaana hoga,
23 maee ko kaangres ke janaaje mein sabako jaana hoga..!!
Bolo raam naam saty hain!

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तेरा ये मीठा सा प्यार,
लाया है मेरे जीवन में बहार,
इस प्यार की मिठास है एक वार,
Chocolate Day पे मई करता हु प्यार का इज़हार।

Tera ye meetha sa pyaar,
Laaya hai mere jeevan mein bahaar,
Is pyaar kee mithaas hai ek vaar,
Chhocholatai day pe maee karata hu pyaar ka izahaar.

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April Shayari

खून में तेरे मिट्टी, मिट्टी में तेरा खून

खून में तेरे मिट्टी, मिट्टी में तेरा खून..
ऊपर सूरज, नीचे डामर, बीच में मई और जून।

Khoon mein tere mittee, mittee mein tera khoon..
Oopar sooraj, neeche daamar, beech mein maee aur joon.

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Frequently Asked Questions

मई की तपती गर्मी में भी सज-धज कर सामने आने पर लस्सी जैसी ठंडक का एहसास कराने वाली शायरी कौन सी है?
"कसम से जब-जब तुम सज धज के सामने आती हो, मई की जलती गर्मी में भी लस्सी सी ठंडक दे जाती हो !!" — यह शायरी कहती है कि मई की जलती गर्मी में भी सज-धज कर सामने आने पर लस्सी जैसी ठंडक का एहसास होता है।
1 मई (यकुम मई) को भी लोगों के छुट्टी मनाने के बीच मज़दूरों के मज़दूरी करते रहने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"लोगों ने आराम किया और छुट्टी पूरी की यकुम मई को भी मज़दूरों ने मज़दूरी की !!" — यह शायरी मज़दूर दिवस (1 मई) पर भी लोगों के आराम और छुट्टी मनाने के बीच मज़दूरों के मज़दूरी करते रहने की विडंबना बताती है।
क्या May टैग की सभी शायरियां महीने 'मई' पर ही आधारित हैं?
ज़्यादातर हां, लेकिन इस संग्रह की एक शायरी में 'मई' असल में महीने का नाम नहीं बल्कि 'मैं' शब्द की वर्तनी है, जैसे: "तेरा ये मीठा सा प्यार, लाया है मेरे जीवन में बहार, इस प्यार की मिठास है एक वार, Chocolate Day पे मई करता हु प्यार का इज़हार।" — यहाँ 'मई' का अर्थ महीना नहीं बल्कि 'मैं' है, इसे पारदर्शिता से स्पष्ट किया जा रहा है।
May से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप April, August और December शायरी पढ़ सकते हैं।

Ek sher yahan Chocolate Day ke mithe izhaar ki baat karta hai, to doosra May-June ki tapti dhoop ko bhi shayari mein dhaal deta hai. Aage April aur August shayari bhi padhein.