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Shahadat Shayari

Shahadat kabhi seema par hoti hai, kabhi Karbala mein - dono hi amar hain.

Shahadat shayari mein seema par apni jaan nyauchhawar karne wale jawano ke aage sar jhukta hai, aur unki shahadat ka karz poore desh par udhaar maana jaata hai. Isi jazbe mein Desh Bhakti shayari bhi padhein.

सर झुके बस उस शहादत में

सर झुके बस उस शहादत में
जो शहीद हुए हमारी हिफाजत में !!

Sar jhuke bas us shahaadat mein
Jo shaheed hue hamaaree hiphaajat mein !!

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आत्मा ही नही दिल भी रोता है

आत्मा ही नही दिल भी रोता है
जब सरहद पर कोई शहीद होता है !!

शहादत को शत शत नमन 😟😢😭

Aatma hee nahee dil bhee rota hai
Jab sarahad par koee shaheed hota hai !!

Shahaadat ko shat shat naman 😟😢😭

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वो जिस ने अपने नाना का वडा के दिया,
घर का घर सुपर्द-इ-खुदा कर दिया !!
नोश कर लिए जिस ने शहादत का जाम,
ए हुसैन इब्ने-अली पर पर सल लखम !!

Wo jis ne apne naNa ka wada ke dia,
Ghar ka ghar supard-e-Khuda kar dia,
Nosh kar liye jis ne shahadat ka jam,
I Hussain Ibne-Ali par par sal lakham

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सियासत की रंगत में ना डूबो इतना,
कि वीरों की शहादत भी नजर ना आए,
जरा सा याद कर लो अपने वायदे जुबान को,
गर तुम्हे अपनी जुबां का कहा याद आए.

Siyaasat kee rangat mein na doobo itana,
Ki veeron kee shahaadat bhee najar na aae,
Jara sa yaad kar lo apane vaayade jubaan ko,
Gar tumhe apanee jubaan ka kaha yaad aae.

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Apne Shayari

उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई

उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई,
उनकी शहादत का कर्ज देश पर उधार हैं,
आप और हम इसलिए खुशहाल हैं
क्योकि सीमा पे सैनिक शहादत को तैयार हैं.

Unake hausale ka bhugataan kya karega koee,
Unakee shahaadat ka karj desh par udhaar hain,
Aap aur ham isalie khushahaal hain
Kyoki seema pe sainik shahaadat ko taiyaar hain.

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Frequently Asked Questions

सरहद पर किसी शहीद के शहादत पाने पर आत्मा और दिल दोनों के रोने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"आत्मा ही नही दिल भी रोता है जब सरहद पर कोई शहीद होता है !! शहादत को शत शत नमन 😟😢😭" — यह शायरी सरहद पर किसी शहीद के शहादत पाने पर सिर्फ आत्मा ही नहीं दिल के भी रोने की बात कहते हुए शहादत को शत-शत नमन करती है।
हमारी हिफाजत में शहीद होने वालों की शहादत में सर झुकाने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"सर झुके बस उस शहादत में जो शहीद हुए हमारी हिफाजत में !!" — यह शायरी हमारी हिफाजत के लिए शहीद हुए वीरों की शहादत में सर झुकाने की श्रद्धांजलि देती है।
इमाम हुसैन इब्ने-अली की शहादत का जाम नोश करने और अपना सब कुछ ख़ुदा को सुपुर्द करने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"वो जिस ने अपने नाना का वडा के दिया, घर का घर सुपर्द-इ-खुदा कर दिया !! नोश कर लिए जिस ने शहादत का जाम, ए हुसैन इब्ने-अली पर पर सल लखम !!" — यह शायरी इमाम हुसैन इब्ने-अली की शहादत को याद करते हुए उनके त्याग और शहादत के जाम को श्रद्धा से याद करती है — यह मुहर्रम की धार्मिक परंपरा से जुड़ी एक श्रद्धांजलि है।
सियासत के रंग में इतना न डूबने की सलाह देते हुए वीरों की शहादत को न भुलाने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"सियासत की रंगत में ना डूबो इतना, कि वीरों की शहादत भी नजर ना आए, जरा सा याद कर लो अपने वायदे जुबान को, गर तुम्हे अपनी जुबां का कहा याद आए." — यह शायरी बिना किसी खास पार्टी का नाम लिए सलाह देती है कि सियासत के रंग में इतना न डूबो कि वीरों की शहादत ही नज़र आना बंद हो जाए, और अपने वादों को याद रखो।
Shahadat से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप Apne, Desh Bhakti, Ghar और Khuda शायरी पढ़ सकते हैं।

Ek sher yahan Imam Hussain ki Karbala mein di gayi shahadat ko aqeedat se yaad karta hai, to doosra siyasat ki rangat mein veeron ki shahadat bhulaye jaane par sawaal uthata hai. Aage Had aur Apne shayari bhi padhein.